– गलत पते ने भटकाए विद्यार्थी, लेट होकर पहुंचे परीक्षा केंद्र
– बीते कई सालों से बोर्ड कर रहा यही गलती, फिर भी नहीं सुधर पा रही भुल
जावरा। माध्यमिक शिक्षा मंडल भोपाल की हाईस्कूल-हायर सेकेंडरी बोर्ड परीक्षाओं की शुरुआत मंगलवार को कक्षा 12वीं के अंग्रेजी विषय के पहले पेपर से हुई। शहर में बनाए गए 11 परीक्षा केंद्रों पर परीक्षा शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न तो हुई, लेकिन एक गंभीर लापरवाही ने कई विद्यार्थियों को परीक्षा शुरू होने से पहले ही परेशान कर दिया। प्रवेश पत्र में परीक्षा केन्द्र के गलत पते ने कई विद्यार्थियों को भटकने पर मजबूर कर दिया, सही पता ढूंढ कर परीक्षा केन्द्र तक पहुंचने में कई विद्यार्थी लेट हो गए। उल्लेखनीय है कि यह गलती पहली बार नहीं हुई हैं, माशिमं हर साल परीक्षा में यही गलती करता हैं, और खामियाजा विद्यार्थियों को भुगतान पड़ता हैं। बहरहाल जावरा में 11 केंद्रों पर पंजीकृत 2546 विद्यार्थियों में से 2506 विद्यार्थी उपस्थित रहे, जबकि 40 विद्यार्थी अनुपस्थित रहे। पहले दिन कहीं भी नकल का कोई प्रकरण सामने नहीं आया। विभिन्न परीक्षा केंद्रों का निरीक्षण बीईओ ज्योति पटेल ने दल के साथ किया।
प्रवेश पत्र में गलत पता, विद्यार्थी भटके –
बोर्ड परीक्षाओं के लिए शहर के सरस्वती शिशु मंदिर को भी परीक्षा केंद्र बनाया गया है। वास्तविक केंद्र शहर के पहाडिय़ा रोड पर स्थित है, लेकिन विद्यार्थियों के प्रवेश पत्र में परीक्षा केंद्र का पता कश्मीरी गली अंकित कर दिया गया। यही गलती परीक्षा के पहले दिन भारी पड़ गई। सुबह बड़ी संख्या में विद्यार्थी और अभिभावक कश्मीरी गली पहुंच गए। वहां केंद्र नहीं मिलने पर अफरा-तफरी मच गई। पूछताछ के बाद पता चला कि असली केंद्र पहाडय़िा रोड पर है। कई विद्यार्थी जल्दबाजी में इधर-उधर भटकते रहे और जैसे-तैसे परीक्षा केंद्र पहुंचे, लेकिन तब तक कई छात्र लेट हो चुके थे।
परीक्षा से पहले ही मानसिक दबाव —
बोर्ड परीक्षा का पहला पेपर वैसे ही विद्यार्थियों के लिए तनावपूर्ण होता है, ऊपर से गलत पते ने उनकी घबराहट बढ़ा दी। कुछ अभिभावकों ने बताया कि बच्चों को समय पर केंद्र नहीं मिल पाने से रोने तक की स्थिति बन गई थी। कई विद्यार्थी परीक्षा शुरू होने के समय से ठीक पहले हांफते हुए पहुंचे।
पहली बार नहीं हुई गलती –
स्थानीय लोगों और शिक्षकों का कहना है कि प्रवेश पत्र में गलत परीक्षा केंद्र लिखने की यह समस्या नई नहीं है, बल्कि पिछले कई वर्षों से बार-बार सामने आती रही है। इसके बावजूद सुधार नहीं हो पा रहा हैं या कोई इस गलती को सुधारना नहीं चाहता हैं।
अब बड़ा सवाल — जिम्मेदार कौन ?
यह गंभीर प्रशासनिक त्रुटि आखिर किसकी है ? संबंधित स्कूल की, स्थानीय शिक्षा विभाग की, जिला शिक्षा अधिकारी की जिन्होने परीक्षा केन्द्र बनाने से पहले इसकी सही से जांच पड़ताल नहीं की, या फिर माध्यमिक शिक्षा मंडल भोपाल की ? जिसने प्रवेश पत्र पर गलत पता प्रिंट किया, हर साल होने वाली इस गलती का खामियाजा सीधे विद्यार्थियों को भुगतना पड़ रहा है। परीक्षा जैसे संवेदनशील अवसर पर ऐसी लापरवाही छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ मानी जा रही है।
अभिभावकों की मांग –
अभिभावकों ने मांग की है कि जिम्मेदार अधिकारियों की जवाबदेही तय हो भविष्य में प्रवेश पत्र जारी करने से पहले केंद्रों का सत्यापन किया जाए, लेट पहुंचे विद्यार्थियों के साथ सहानुभूतिपूर्ण व्यवहार किया जाए। पहले दिन परीक्षा शांतिपूर्ण जरूर रही, लेकिन प्रवेश पत्र की एक गलती ने यह सवाल खड़ा कर दिया हैं कि क्या बोर्ड की तैयारी पूरी थी, या सिर्फ औपचारिकता निभाई गई ?
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