– एसडीएम सैलाना के निर्देश पर महिला एवं बाल विकास विभाग और पुलिस की संयुक्त कार्रवाई
– दोनों परिवारों ने विवाह टालने की दी लिखित सहमति
रतलाम। जिले के सैलाना अनुभाग अंतर्गत ग्राम धोलपुरा में एक संभावित बाल विवाह को प्रशासन ने समय रहते रुकवा दिया। महिला एवं बाल विकास विभाग, पुलिस विभाग तथा राजस्व अमले की संयुक्त कार्रवाई के चलते नाबालिग दूल्हे की बारात बिना फेरे लिए वापस लौट गई।
जिला कार्यक्रम अधिकारी महिला एवं बाल विकास विभाग रामनिवास बुधोलिया ने बताया कि चाइल्डलाइन एवं अनुविभागीय अधिकारी राजस्व सैलाना को सूचना मिली थी कि ग्राम धोलपुरा निवासी छाया वसुनिया का विवाह ग्राम हाली वाला भगोरा निवासी निलेश भगोरा के साथ 29 मई को कराया जा रहा है।
महज 18 वर्ष का निकाला दूल्हा –
सूचना मिलते ही एसडीएम सैलाना तरुण जैन के निर्देश पर बाजना परियोजना अधिकारी एहतेशाम अंसारी, पर्यवेक्षक रजनी मईडा, हबीबनूर पठान, ऑपरेटर परवेज खान तथा पुलिस विभाग की टीम मौके पर पहुंची। बताया गया कि बारात सुबह लगभग 4 बजे धोलपुरा पहुंच चुकी थी, जबकि प्रशासनिक टीम सुबह 6 बजे स्थल पर पहुंची। टीम ने दूल्हा-दुल्हन के दस्तावेजों का सत्यापन किया। जांच में दुल्हन की जन्मतिथि 1 जुलाई 2007 पाई गई, जिससे उसकी आयु 18 वर्ष 10 माह निकली। वहीं दूल्हे की जन्मतिथि 1 नवंबर 2007 होने से उसकी आयु 18 वर्ष 6 माह पाई गई। इस प्रकार दूल्हा कानूनी रूप से विवाह योग्य आयु 21 वर्ष से कम होने के कारण नाबालिग पाया गया।
दोनो पक्षों ने दी लिखित सहमति –
अधिकारियों ने दोनों परिवारों को बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम के प्रावधानों, कानूनी परिणामों तथा दंडात्मक कार्रवाई की जानकारी देते हुए समझाइश दी। इसके बाद दोनों पक्षों ने लिखित रूप से सहमति दी कि विवाह दूल्हे के बालिग होने के बाद ही किया जाएगा। समझाइश के बाद दोनों परिवार विवाह नहीं करने पर सहमत हो गए और बारात बिना फेरे लिए वापस लौट गई। कार्रवाई के दौरान क्षेत्र की आंगनवाड़ी कार्यकर्ता रेखा एवं सहायिका कैलाशी भी उपस्थित रहीं।

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