– 2,080 करोड़ की उज्जैन-जावरा ग्रीनफील्ड 4-लेन परियोजना की डेडलाइन 15 जुलाई 2028, जबकि सिंहस्थ 27 मार्च से 27 मई तक प्रस्तावित
जावरा/रतलाम। उज्जैन में सिंहस्थ 2028 की तैयारियां जोर पकड़ रही हैं और लाखों श्रद्धालुओं के आवागमन को देखते हुए बेहतर सड़क कनेक्टिविटी सबसे बड़ी जरूरतों में शामिल है। ऐसे में उज्जैन-जावरा ग्रीनफील्ड 4-लेन एक्सप्रेस-वे की टाइमलाइन सवाल खड़े कर रही है। 2,080 करोड़ रुपए की लागत से बनने वाले इस एक्सप्रेस-वे का निर्माण शुरू हो चुका है, लेकिन इसकी सरकारी पूर्णता तारीख 15 जुलाई 2028 निर्धारित है। दूसरी ओर सिंहस्थ 27 मार्च से 27 मई 2028 तक प्रस्तावित है। यानी मौजूदा डेडलाइन के मुताबिक सड़क सिंहस्थ समाप्त होने के करीब डेढ़ महीने बाद पूरी होगी।
98.73 किलोमीटर लंबा होगा ग्रीनफील्ड एक्सप्रेस-वे –
उज्जैन-जावरा के बीच बनने वाले इस ग्रीनफील्ड 4-लेन एक्सप्रेस-वे की कुल लंबाई 98.730 किलोमीटर है। इसमें उज्जैन जिले में 78.080 किलोमीटर और रतलाम जिले में 20.650 किलोमीटर हिस्सा शामिल है। परियोजना की कुल लागत 2,080 करोड़ निर्धारित की गई है। इसका अनुबंध हाइब्रिड एन्युइटी मोड (HAM) के तहत मेसर्स उज्जैन जावरा महाकालेश्वर हाईवेज प्राइवेट लिमिटेड के साथ 30 अप्रैल 2026 को किया गया था। निर्माण कार्य 16 जुलाई 2026 से शुरू हो चुका है।
सिंहस्थ से पहले सड़क चाहिए तो रफ्तार बढ़ानी होगी –
सिंहस्थ के दौरान उज्जैन में देशभर से बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना है। ऐसे समय में उज्जैन-जावरा मार्ग की कनेक्टिविटी और यातायात व्यवस्था महत्वपूर्ण होगी। लेकिन मौजूदा निर्माण कार्यक्रम के अनुसार परियोजना को 15 जुलाई 2028 तक पूरा किया जाना है। ऐसे में बड़ा सवाल यह है कि क्या निर्माण एजेंसी निर्धारित समय से पहले काम पूरा कर सिंहस्थ 2028 के दौरान इस मार्ग को उपयोग के लिए उपलब्ध करा पाएगी ? यही सवाल इस परियोजना को लेकर अब सबसे अहम बन गया है।
कलेक्टर और विधायक ने की निर्माण कार्य की समीक्षा –
इसी बीच रतलाम कलेक्टर अजय कटेसरिया एवं जावरा विधायक डॉ. राजेंद्र पांडेय ने उज्जैन-जावरा ग्रीनफील्ड 4-लेन एक्सप्रेस-वे के निर्माण कार्य की समीक्षा की। बैठक में परियोजना की प्रगति, भूमि अधिग्रहण, मुआवजा भुगतान और निर्माण कार्य में आ रही व्यावहारिक कठिनाइयों पर चर्चा की गई। कलेक्टर ने संबंधित विभागों को आपसी समन्वय के साथ शेष कार्यों को समयबद्ध तरीके से पूरा करने के निर्देश दिए।
रतलाम जिले में 179 किसान प्रभावित –
परियोजना के लिए रतलाम जिले के 8 गांवों के 179 कृषक प्रभावित हो रहे हैं। समीक्षा के दौरान बताया गया कि इनमें से 140 कृषकों के खाते प्राप्त हो चुके हैं, जबकि 39 कृषकों के खाते अभी अप्राप्त हैं। अब तक 129 कृषकों को मुआवजा राशि का भुगतान किया जा चुका है, जबकि 50 कृषकों का भुगतान शेष है।
अब सबसे बड़ा सवाल : सिंहस्थ या डेडलाइन ? –
उज्जैन-जावरा एक्सप्रेस-वे केवल एक सड़क परियोजना नहीं, बल्कि क्षेत्र की भविष्य की कनेक्टिविटी से जुड़ा बड़ा प्रोजेक्ट है। सिंहस्थ 2028 के मद्देनजर इसकी उपयोगिता और भी बढ़ जाती है। ऐसे में नजर अब इस बात पर रहेगी कि क्या 15 जुलाई 2028 की निर्धारित डेडलाइन से पहले काम पूरा कर लिया जाएगा या सिंहस्थ के दौरान भी यह एक्सप्रेस-वे निर्माणाधीन ही रहेगा ? 2,080 करोड़ रुपए की परियोजना… सिंहस्थ से पहले जरूरत… और डेडलाइन सिंहस्थ के बाद—अब सवाल सिर्फ सड़क की रफ्तार का नहीं, बल्कि समय पर तैयारी का भी है।

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