– दिव्यांग पति और बिमार पत्नी ने दिया पोस्टल बैलेट के लिए आवेदन, लेकिन पति को मिला, पत्नी रही मतदान से वंचित
– मतदान दल के अधिकारी बोले नहीं आया आपका बैलेट, अब बुथ पर जाकर करना होगा मतदान
– जावरा में दिव्यांगों और 80 से अधिक उम्र के 377 मतदाताओं ने किया मतदान
रतलाम। भारत निर्वाचन आयोग द्वारा दिव्यांग एवं 80 वर्ष से अधिक आयु के ऐसे मतदाता जो मतदान केन्द्र मतदान करने नहीं आ सकते हैं, उन्हें डाकमत पत्र के माध्यम से घर से ही मतदान करने की सुविधा दी गई है। मतदाताओं ने भारत निर्वाचन आयोग द्वारा किए गए इस नवाचार का स्वागत किया तथा घर पर मतदान कर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए आयोग को धन्यवाद दिया। लेकिन इस नवाचार में लापरवाही भी देखने को मिली, जावरा शहर के तिलक विहार कॉलोनी में रहने वाले मनोहर जैन ने अपना और बिमार पत्नी का पोस्टल बैलेट से मतदान के लिए आवेदन किया था। लेकिन बुधवार को जब उनके निवास पर मतदान दल मतदान करवाने पहुंचा तो केवल मनोहर जैन का ही पोस्टल बैलेट इश्यु हो पाया, उनकी बिमार पत्नी का पोस्टल बैलेट नहीं मिल पाया, जैन ने जब पीठासीन अधिकारी से इसकी चर्चा की तो उन्होने कहा कि तकनिकी त्रुटी के कारण आपकी पत्नी का पोस्टल बैलेट नहीं मिला है, ऐसे में अब उन्है बूथ पर जाकर मतदान करना होगा, जबकि बिमार महिला अपने बिस्तर से नहीं उठ पा रही है तो मतदान बूथ पर जाकर कैसे मतदान करेंगी, ऐसे में निर्वाचन आयोग की इस सुविधा मे भी लापरवाही उजागर हुई है।
रतलाम में 475 तो जावरा में 377 ने किया मतदान –
निवार्चन आयोग द्वारा दी गई इस सुविधा के मुताबिक रतलाम जिले रतलाम ग्रामीण, रतलाम शहर, सैलाना तथा जावरा विधानसभा क्षेत्रों में मतदाताओं से मतदान कराने हेतु मतदान दल उनके घर पहुंचे। डाकमत पत्र से घर से मतदान करने की फार्म 12-डी में सहमति देने वाले इन मतदाताओं से मतदान कराने के लिए गठित चलित मतदान दलों में एक पीठासीन अधिकारी और एक मतदान अधिकारी क्रमांक एक शामिल रहा। इनके अलावा एक माइक्रो आब्जर्वर, एक सुरक्षाकर्मी, एक वीडियोग्राफर भी दल के साथ मौजूद था। उल्लेखनीय है कि विधानसभा क्षेत्र 219 रतलाम ग्रामीण में 31, 220 रतलाम शहर में 475, 221 सैलाना में 37, 222 जावरा में 377 मतदाताओं के घर पहुंचकर मतदान करवाने के लिए विधानसभा क्षेत्रवार मतदान दलों का गठन किया गया था।


