– कुछ न्यायाधीशों के व्यवहार और कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल
– वर्षों से एक ही सीट पर पदस्थ अधिकारियों पर भी उठे आरोप; 29 जून को होगा बड़ा फैसला।
जावरा। जावरा न्यायालय की कार्यप्रणाली को लेकर अब असंतोष खुलकर सामने आने लगा है। अभिभाषक संघ जावरा ने न्यायालय में पदस्थ कुछ न्यायाधीशों की कार्यशैली एवं व्यवहार पर गंभीर आपत्तियां जताते हुए 29 जून को सामान्य सभा की आपात बैठक बुलाने की घोषणा की है।
अभिभाषक संघ द्वारा जारी पत्र के अनुसार, न्यायालय में पदस्थ कुछ न्यायाधीशों की कार्यप्रणाली नियमों के विपरीत एवं अत्यंत आपत्तिजनक बताई गई है। संघ का कहना है कि इस संबंध में कई बार कार्यकारिणी ने वरिष्ठ न्यायाधीश को मौखिक रूप से अवगत कराया, लेकिन विवादित न्यायाधीशों के विरुद्ध कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई।
लबें समय से एक ही सीट पर पदस्थ कई अधिकारी –
पत्र में यह भी उल्लेख किया गया है कि न्यायालय में कुछ अधिकारी वर्षों से एक ही सीट पर पदस्थ हैं, जिससे उनकी कार्यशैली भी विवादों के घेरे में है। इन परिस्थितियों के कारण अभिभाषक संघ के सदस्यों में भारी आक्रोश व्याप्त है। इन्हीं शिकायतों और न्यायिक व्यवस्था से जुड़े मुद्दों पर आगे की रणनीति तय करने के लिए 29 जून 2026 को दोपहर 2 बजे अभिभाषक संघ कक्ष, जावरा में सामान्य सभा की बैठक बुलाई गई है। बैठक में न्यायालय की कार्यप्रणाली, न्यायाधीशों के व्यवहार तथा संभावित आंदोलन सहित अन्य महत्वपूर्ण विषयों पर निर्णय लिए जाने की संभावना है। बैठक में आवश्यक रुप से सहभागिता हेतु अभिभाषक संघ अध्यक्ष जगदीश धाकड़, उपाध्यक्ष मनीष त्रिवेदी, सचिव भारत सैनी, सह सचिव भूपेन्द्र निंबोला, कोषाध्यक्ष अर्पित चत्तर, लायब्रेरियन सचिव चरणसिंह सोनगरा तथा कार्यकारिणी सदस्य अमरीन खान और चंचल सोलंकी ने सभी अभिभाषकों से अपील की हैं।


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