जावरा। श्री गीता भवन में चल रहे सात दिवसीय श्रीमद भागवत ज्ञान गंगा कथा के समापन दिवस पर स्वामी शंकराचार्य ज्ञानानन्दजी तीर्थ का मुस्लिम राष्ट्र मंच व जन संघर्ष समिति द्वारा स्वागत किया गया। रविवार को दोपहर मंच के प्रदेश सह संयोजक सैय्यद अमजद अली, जनसंघर्ष समिति के असलम मेव, भुरू भाई, मोइनुद्दीन खान ने शंकराचार्यजी से मुलाकात कर फूलमालाओं से उनका अभिनन्दन किया। इस अवसर पर स्वामी जी ने शिक्षा पर जोर देते हुए कहा कि जीवन में आगे बढऩे के लिए शिक्षा और संस्कार बहुत आवश्यक है। बिना शिक्षा के मनुष्य जीवन नीरस है। उन्होंने मुस्लिम समाज से भी शिक्षा से जुडऩे का आव्हान किया। साथ ही कहा कि शिक्षा से ही देश और समाज की उन्नति सम्भव है। जहां इल्म है वहां रोशनी है। इस अवसर पर सैय्यद अमजद अली ने भारत देश को अपना वतन बताते हुए कहा कि इस देश के मुस्लिम भाग्यशाली है। जिन्हें भारत भूमि नसीब हुई। इस पर उन्होंने एक शेर को कुछ यूं बयां करते हुए कहा-जमीं पर घर बनाया है, मगर जन्नत में रहते है। हमारी खुशनसीबी है कि हम भारत में रहते है।

