– हम्माल की दबंगई पर व्यापारियों का पलटवार — बिना लाइसेंस काम पर रोक,
– आईडी ब्लॉक तक की चेतावनी, अब नहीं चलेगी मनमानी
जावरा। एशिया की टॉप मंडियों में शामिल जावरा की कृषि उपज मंडी में अब हालात बेकाबू होते नजर आ रहे हैं। खुलेआम मारपीट, गाली-गलौज और जान से मारने की धमकियों के बीच व्यापारियों का गुस्सा फूट पड़ा है। गेहूं व्यापारी पवन पाटनी पर हुए हमले के बाद मंडी में दबंगई बनाम अनुशासन की सीधी लड़ाई शुरू हो गई हैं और अब व्यापारियों ने साफ कर दिया है कि या तो व्यवस्था सुधरेगी, या आंदोलन उग्र होगा।
शनिवार को मंडी में हम्माली के पैसे बढ़ाने को लेकर शुरू हुआ विवाद अचानक हिंसक रूप ले बैठा। आरोप है कि हम्माल जाहिद मेवाती निवासी जावरा ने गेंहु के बड़े व्यापारी पवन पाटनी के साथ न सिर्फ अभद्रता की, बल्कि गाली-गलौज करते हुए लात-घूंसों से हमला कर दिया। इस हमले में पाटनी के मुँह, गाल और कंधे पर चोटें आईं। व्यापारी के साथ मारपीट करने के सीसीटीवी फुटेज भी मौजुद हैं। मौके पर मौजूद सादिक, शशांक अग्रवाल और नीरज ने बीच-बचाव कर किसी तरह स्थिति को काबू में किया, वरना मामला और गंभीर हो सकता था। बताया जा रहा है कि आरोपी हम्माल जाते-जाते जान से मारने की धमकी देकर फरार हो गया, जिससे मंडी व्यापारियों में दहशत का माहौल बन गया। घटना के तुरंत बाद व्यापारी औद्योगिक थाना पहुंचे, जहां आरोपी के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर मामले में विवेचना प्रारंभ कर दी हैं।
व्यापारियों की बैठक में बड़ा फैसला –
इस घटनाक्रम के बाद सोमवार शाम को हुई मंडी व्यापारियों की आपात बैठक में कड़े निर्णय लिए गए। व्यापारियों ने एकजुट होकर चेतावनी दी कि अब किसी भी तरह की अव्यवस्था और दबंगई बर्दाश्त नहीं की जाएगी। बैठक में लिए निर्णय अनुसार घटना के विरोध में मंगलवार को पूरी मंडी बंद रहेगी, अब बिना लाइसेंस कोई भी हम्माल किसी दुकान पर काम नहीं करेगा, नियम तोडऩे पर मंडी कमेटी द्वारा सीधे संबंधित फर्म की आईडी तुरंत प्रतिबंधित की जाएगी, सभी तुलावटी, हम्माल व कर्मचारियों के लिए पहचान पत्र अनिवार्य होंगे। बिना अनुमति या आपसी रजामंदी के व्यापारी बदलने वाले हम्माल का लाइसेंस निरस्त किया जाएगा। साथ ही मंडी में बढ़ती चोरी की घटनाओं पर सख्त नियंत्रण की मांग रखने को लेकर निर्णय लिए गए।
प्रशासन को चेतावनी –
व्यापारियों ने तय किया है कि मंगलवार दोपहर वे मंडी के भारसाधक अधिकारी और सचिव को ज्ञापन सौंपेंगे। साथ ही साफ शब्दों में चेताया है कि अगर जल्द ठोस कार्रवाई नहीं हुई, तो आंदोलन और ज्यादा उग्र रूप ले सकता है।
बढ़ते तनाव से मंडी का माहौल गरम –
इस पूरी घटना ने मंडी की सुरक्षा व्यवस्था और कार्यप्रणाली पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं। व्यापारियों का कहना है कि अब अनुशासन से कोई समझौता नहीं होगा, चाहे इसके लिए सख्त से सख्त कदम ही क्यों न उठाने पड़ें। फिलहाल मंडी में तनाव चरम पर है, और सबकी नजर प्रशासन की अगली कार्रवाई पर टिकी हुई है।

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