– लालाखेड़ा में बेघर हुए लोगों को मुआवजा दिलाया, किचड़ से निजात दिलाने नंगे पैर निकाली किचड़ यात्रा
– जावरा से लेकर भोपाल,लखनऊ और दिल्ली तक सहारा आंदोलन से पाई मजबुती, शहर के निवेशकों को दिलवाया 5 करोड़ रुपया
– जावरा को जिला बनाने समुचे विधानसभा क्षैत्र में निकाली पैदल यात्रा
– अब विधानसभा चुनाव में मजबुती से पेश कर रहे दावेदारी, विधानसभा पहुंचे तो देश भर के सहारा पीडि़तों को न्याय और पैसा दिलाना प्राथमिकता
शैलेंद्रसिंह चौहान , जावरा –
इंसान अपनी मेहनत, लगन से लक्ष्य की और इमानदारी के साथ काम करते हुए शुन्य से शिखर तक कम समय में पहुंच सकता है, ऐसा ही काम आलोट से 2020 में जावरा आकर बसे वीरेन्द्रसिंह सोलंकी ने कर दिखाया है, महज तीन सालों के छोटे से अंतराल में आज वीरेन्द्रसिंह का नाम बच्चे बच्चे की जुबान पर है, हर कोई वीरेन्द्रसिंह को पहचानता है, जावरा विधानसभा की त्रस्त जनता को न्याय दिलाना हो, चाहे किचड़ से सनी सड़कों पर नंगे पैर चलकर सड़क बनवाना हो, बारिश में एक्सप्रेस वे बनाने वाली कंपनी की लापरवाही से उजड़े घरोंदों को फिर से बसाना हो, जावरा को जिले का दर्जा दिलाने के लिए समुचे विधानसभा क्षैत्र में पैदल घुम कर आम जनता के हस्ताक्षर करवाने हो या फिर सहारा इंडिया जैसी बड़ी कंपनी में उलझे करोड़ों रुपए निवेशकर्ताओं को दिलवाना हो, ऐसी कई और काम पूरी इमानदारी और लगन के साथ करते हुए वीरेन्द्रसिंह सोलंकी ने जावरा विधानसभा से लेकर भोपाल और दिल्ली तक अपना नाम सुर्खियों में शामिल कर दिया है। अब जावरा विधानसभा से चुनावी मैदान में पूरे दमखम के साथ चुनावी ठोकते हुए बाहर से आकर भी स्थानीय नेताओं पर भारी पड़ रहे है सोलंकी।

सन् 2020में आलोट से जावरा में स्थापित हुए वीरेन्द्रसिंह सोलंकी ने महज तीन साल के छोटे से अंतराल में जावरा विधानसभा के बच्चे बच्चे की जुबान पर अपना नाम स्थापित कर दिया है। वीरेन्द्रसिंह लोकप्रियता जिलेभर के कई नेताओं को रास नहीं आ रही है, यही कारण है कि आलोट से जावरा आकर वीरेन्द्रसिंह विधानसभा टिकट की दौड़ में सबसे आगे खड़े है। अपने आंदोलनों और सेवाओं के दम पर आज जावरा विधानसभा से चुनावी ताल ठोक रहे है।
मौका मिला तो देश व्यापी होगा सहारा आंदोलन –
वीरेन्द्रसिंह का दावा है कि यदि उन्है विधानसभा जाने का मौका मिला तो देश भर के सहारा पीडि़तों को राशि दिलाने के लिए देश व्यापाी आंदोलन चलाकर देश मे मध्यम वर्गीय परिवरों की खुन पसीने की एक एक पाई दिलवाकर रहेंगे। सोलंकी ने जावरा से सहारा पीडि़तों की आवाज उठाते हुए भोपाल विधानसभा का घेराव किया, दिल्ली जंतर मंतर पर प्रदर्शन किया लखनऊ पहुंचकर सहारा प्रमुख सुब्रह राय सहारा के घेराव किया। लम्बे आंदोलन के बाद सहारा के अधिकारियों और मालिकों पर जब एफआईआर दर्ज होना प्रारंभ हुई तो जावरा के करीब 137 निवेशकों के खातों में करीब 5 करोड़ रुपए की राशि डली। जावरा से लेकर दिल्ली तक आंदोलन के बाद ही देश के सहकारिता मंत्री अमित शाह ने सहारा पीडि़तों के लिए आन लाईन पोर्टल बनाया और पीडि़तों कें खातों में 10 हजार रुपए की राशि का अंतरण हुआ, लेकिन अब भी कई लोगों के खातों में रुपए नहीं आए है।

आमरण अनशन से लेकर नंगे पैर किचड़ में निकाली यात्राऐं –
वीरेन्द्रसिंह सोलंकी ने ग्राम लालाखेड़ा में एक्सप्रेस वे की लापरवाही के चलते तेज बारिश के बाद बेघर हुए35 परिवारों के उजडे घरोंदों को फिर से बसाने उनकी लड़ाई लड़ी, फोरलेन पर आमरण अनशन करते हुए शासन और एक्सप्रेस वे निर्माणाधीन कंपनी से मुआवजा स्वीकृत करवाते हुए दिलवाया और उजड़ें घरोंदो को बसाया। रियावन में अतिक्रमण पर धरना देकर हटवाया, रांकोदा में भाजपा नेताओं द्वारा जबरन बंद किए रास्ते को खुलवाया, गोंदी शंकर से मिण्डेशर के साथ ही कई कच्ची व कीचड़ से भरी सड़कों पर नंगे पैर यात्राऐं निकाली और सड़क बनाने पर जवाबदारों को मजबुर कर दिया। ऐसे कई जनहितेषी काम थे जिनके लिए सतत लडाई और आंदोलन के दम पर वीरेन्द्रसिंह सोलंकी ने खुद को जावरा विधानसभा में स्थापित किया है। जावरा को जिला बनाने के लिया जावरा गौरव यात्रा निकाली और हजारो लोगो के हस्ताक्षर करवाएl


