– जावरा की सड़कों पर दिखी आदिवासी संस्कृति की झलक
– आदिवासी संस्कृति, एकता और सामाजिक जागरूकता का दिया संदेश
जावरा। विश्व आदिवासी दिवस के अवसर पर रविवार, 9 अगस्त 2026 को जावरा शहर में आदिवासी समाज द्वारा उत्साह, उमंग और गरिमापूर्ण वातावरण में भव्य आयोजन किया गया। इस अवसर पर जावरा शहर सहित आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों से हजारों की संख्या में समाजजन शामिल हुए। पारंपरिक वेशभूषा, ढोल-मांदल की गूंज और आदिवासी नृत्य ने पूरे शहर को उत्सवमय बना दिया। विश्व आदिवासी दिवस आदिवासी समुदाय के अधिकारों की रक्षा, समृद्ध संस्कृति एवं परंपराओं के संरक्षण तथा देश और समाज के विकास में आदिवासी समाज के योगदान को सम्मान देने का महत्वपूर्ण अवसर है।
वाहन रैली के रूप में जावरा पहुंचे हजारों समाजजन –
विश्व आदिवासी दिवस के अवसर पर आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों से बड़ी संख्या में महिला, पुरुष, युवा एवं बच्चे वाहन रैली के रूप में जावरा पहुंचे। अलग-अलग क्षेत्रों से निकली वाहन रैलियां भगत सिंह कॉलेज परिसर में एकत्रित हुईं। यहां बड़ी संख्या में समाजजन मौजूद रहे। कार्यक्रम का नेतृत्व जयस उलगुलान टीम जावरा द्वारा किया गया।
पारंपरिक वेशभूषा में निकला भव्य चल समारोह –
भगत सिंह कॉलेज परिसर से आदिवासी समाज का भव्य चल समारोह प्रारंभ हुआ। समाजजन पारंपरिक वेशभूषा और आभूषणों से सुसज्जित होकर समारोह में शामिल हुए। ढोल-मांदल की थाप, पारंपरिक गीत-संगीत और नृत्य ने माहौल को उत्सव में बदल दिया। महिला, पुरुष, युवा और बच्चों ने पारंपरिक नृत्य करते हुए नगर के विभिन्न मार्गों से भ्रमण किया। पारंपरिक वेशभूषा में सजे समाजजनों ने लोगों का ध्यान आकर्षित किया। जगह-जगह नगरवासियों ने चल समारोह का स्वागत और समाजजनों का उत्साहवर्धन किया।
संस्कृति और एकता की दिखी शानदार झलक –
चल समारोह के दौरान आदिवासी समाज की समृद्ध संस्कृति, परंपरा और सामाजिक एकता की शानदार झलक देखने को मिली। ढोल-मांदल की थाप पर महिला-पुरुषों के साथ बड़ी संख्या में युवा और बच्चे भी पारंपरिक नृत्य करते हुए आगे बढ़े। आयोजन के माध्यम से समाजजनों ने अपनी संस्कृति एवं परंपराओं को संरक्षित रखने, नई पीढ़ी को अपनी ऐतिहासिक विरासत से जोडऩे तथा शिक्षा और सामाजिक जागरूकता को बढ़ावा देने का संदेश दिया। साथ ही समाज में एकता और भाईचारे को मजबूत करने का आह्वान किया गया।
ग्रामीण क्षेत्रों से भी बड़ी संख्या में पहुंचे समाजजन –
विश्व आदिवासी दिवस के आयोजन में जावरा शहर के साथ आसपास के गांवों से भी बड़ी संख्या में समाजजन पहुंचे। विभिन्न ग्रामीण क्षेत्रों से महिला, पुरुष और युवा वाहन रैली के माध्यम से जावरा पहुंचे और चल समारोह में उत्साहपूर्वक भाग लिया। हजारों समाजजनों की मौजूदगी से जावरा शहर में पूरे दिन आदिवासी संस्कृति और उत्सव का माहौल बना रहा। आयोजन ने समाज की सामूहिक शक्ति, एकजुटता और सामाजिक सहभागिता को प्रदर्शित किया।
बाबा साहब डॉ. भीमराव अंबेडकर की प्रतिमा पर किया माल्यार्पण –
नगर भ्रमण के दौरान भव्य चल समारोह कोर्ट परिसर स्थित भारत रत्न बाबा साहब डॉ. भीमराव अंबेडकर की प्रतिमा स्थल पर पहुंचा। यहां समाजजनों ने बाबा साहब की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर श्रद्धांजलि अर्पित की। इस दौरान बाबा साहब के सामाजिक न्याय, समानता, शिक्षा और अधिकारों से जुड़े विचारों को याद किया गया। समाजजनों ने शिक्षा और सामाजिक जागरूकता को समाज की प्रगति का आधार बनाने का संदेश दिया।
चौपाटी क्षेत्र में हुआ चल समारोह का समापन –
नगर के विभिन्न मार्गों से होते हुए भव्य चल समारोह चौपाटी क्षेत्र पहुंचा, जहां इसका समापन हुआ। समापन अवसर पर विश्व आदिवासी दिवस के महत्व पर चर्चा करते हुए आदिवासी संस्कृति, परंपराओं एवं अधिकारों के संरक्षण के साथ शिक्षा, जागरूकता और सामाजिक एकता को मजबूत करने का संकल्प व्यक्त किया गया। पूरे आयोजन के दौरान आदिवासी समाज की सांस्कृतिक विरासत, परंपराओं, सामाजिक एकता और उत्साह की शानदार झलक देखने को मिली। महिला, पुरुष, युवा एवं बच्चों की बड़ी भागीदारी ने आयोजन को और भव्य बना दिया।


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