– 13 स्व सहायता समूहों की राशि काटी गई, गंगा स्वयं सहायता समूह का अनुबंध तत्काल समाप्त
रतलाम। जिले में आंगनवाड़ी केन्द्रों पर पोषण आहार वितरण में लापरवाही और अनियमितताओं के सामने आने के बाद प्रशासन ने सख्त कार्रवाई की है। कलेक्टर मिशासिंह के निर्देश पर 9 आंगनवाड़ी केन्द्रों की पर्यवेक्षकों का एक दिन का वेतन राजसात किया गया है, जबकि 13 स्थानीय स्व सहायता समूहों की एक दिन की पोषण आहार राशि काट दी गई है।
जिला कार्यक्रम अधिकारी महिला एवं बाल विकास रामनिवास बुधौलिया ने बताया कि कलेक्टर द्वारा विकसित व्यवस्था के तहत 6 मार्च को अधिकारियों ने परियोजना अंतर्गत संचालित आंगनवाड़ी केन्द्रों का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान पाडलिया घाटा जोधपूरा ग्राम में गंगा स्वयं सहायता समूह द्वारा साझा चूल्हा योजना के तहत आंगनवाड़ी केन्द्र पर पोषण आहार नियमित रूप से उपलब्ध नहीं कराया जा रहा था। समूह की लापरवाही को गंभीर मानते हुए महिला एवं बाल विकास परियोजना बाजना से गंगा स्वयं सहायता समूह का अनुबंध 6 मार्च को तत्काल प्रभाव से समाप्त कर दिया गया।
चस्पा नहीं मिला निर्धारित मेनू –
निरीक्षण के दौरान कई आंगनवाड़ी केन्द्रों पर पोषण आहार का निर्धारित मेनू चस्पा नहीं पाया गया तथा साफ-सफाई का स्तर भी संतोषजनक नहीं था। इसके अलावा पोषण आहार वितरण में अनियमितता, हितग्राहियों के अनुसार भोजन की मात्रा कम होना और भोजन की गुणवत्ता खराब मिलने जैसी खामियां भी सामने आईं।
इनका रोका एक दिन का वेतन –
कलेक्टर के आदेशानुसार आंगनवाड़ी केन्द्र गढ़ी (सैलाना) की पर्यवेक्षक कंचन त्रिवेदी, जम्बुडिया (सैलाना) की अनिता खांदल, नई आबादी भूतेड़ा (जावरा ग्रामीण) की ममता शर्मा, कलसिया-2 एवं लक्ष्मीपुरा (आलोट) की धापू मालवीय, डॉट की पुलिया व नजरअली की चाल (रतलाम शहर-1) की हेमलता वासेन, भाटो का वास (रतलाम शहर-2) की लक्ष्मी पंवार तथा अशोकनगर-1 (रतलाम शहर-2) की मालती शर्मा का एक दिवस का वेतन तत्काल प्रभाव से राजसात किया गया। इसके अलावा जिले के 13 स्व सहायता समूहों के एक दिन के पोषण आहार का देयक अमान्य कर उनकी राशि काटी गई है।
छ: माह में महज तीन बार ही आया भोजन –
वहीं आंगनवाड़ी केन्द्र जम्बुडिया (बेड़दा) के निरीक्षण में स्थिति अत्यंत असंतोषजनक पाई गई। जांच में सामने आया कि अनुबंधित स्व सहायता समूह द्वारा पिछले छह महीनों में मात्र तीन बार ही भोजन पहुंचाया गया था। भोजन नियमित नहीं मिलने के कारण केन्द्र पर बच्चों की उपस्थिति पर भी प्रतिकूल असर पड़ा है। इस मामले में परिक्षेत्र बेड़दा की पर्यवेक्षक अनिता खांदल को कारण बताओ सूचना पत्र जारी किया गया है। उन्हें तीन कार्यदिवस के भीतर लिखित जवाब प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं, अन्यथा एकपक्षीय कार्रवाई की जाएगी।
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