– भाजपा की वादा खिलाफी पर मध्यप्रदेश की 80 सीटों में चुनाव लड़ेगी करणी सेना
– भाजपा ने 18 सूत्रीय मांगें मानी, लेकिन एक भी मांग पूरी नही की
– 18 सूत्री मांगों को चुनावी घोषणा पत्र में शामिल करेगी कांग्रेस, तो कांग्रेस के साथ मिलकर लड़ेंगे चुनाव
– कांग्रेस और आम आदमी पार्टी के साथ अन्य दलों से भी चर्चा जारी है
जावरा। आर्थिक आरक्षण सहित करीब 22 सूत्रीय मांगों को करणी सेना परिवार ने विगत 8 जनवरी को भोपाल के जंबुरी मैदान में प्रदर्शन किया था, जिस पर भाजपा ने 22 मे से 18 मांगों को माना था, लेकिन एक भी मांग को पुरा नहीं करते हुए भाजपा ने उनके साथ वादा खिलाफी की है, जिसके चलते मुख्यमंत्री शिवराजसिंह चौहान और भाजपा का विरोध कर रहे है, व्यवस्था परिवर्तन की लड़ रहे थे, लेकिन अब सत्ता परिवर्तन की लड़ाई लडऩे मैदान में उतरे है, मध्यप्रदेश की 80 विधानसभा सीटों में करणी सेना परिवार अपने उम्मीद्वार मैदान में उतारेगी, जिन 18 मांगों को भाजपा ने मानकर भी अमली जामा नहीं पहनाया, उन मांगों को यदि कांग्रेस अपने चुनावी घोषणा पत्र में शामिल करती है तो करणी सेना कांग्रेस के साथ मिलकर चुनाव लड़ेगी और सत्ता परिवर्तन करेंगी। यदि कांग्रेस भी उनकी मांगों को अपने घोषणा पत्र में नहीं रखती है तो कांग्रेस का भी विरोध किया जाएगा। कांग्रेस के साथ आम आदमी पार्टी और अन्य छोटे दलों से भी चर्चा लगातार जारी है। रतलाम जिले की पांचों विधानसभा पर भी करणी सेना के उम्मीद्वार तैयार है, करणी सेना सर्व समाज को साथ लेकर चल रही है, इसके चलते करणी सेना चुनाव जीतकर विधानसभा में पहुंचेगी और आम आदमी के हक की लड़ाई लड़ेगी।
यह बात करणी सेना मध्यप्रदेश के प्रमुख जीवनसिंह शेरपुर ने बुधवार को द ग्रेड पदमा रिसोर्ट पर आयोजित प्रेस कान्फ्रेंस में सम्बोधित करते हुए कहीं। जीवन सिंह शेरपुर ने कहा कि जो पार्टी अपने चुनावी घोषणा पत्र में हमारी 18 मांगों को शामिल करेगी उसे समर्थन देकर हम चुनाव लड़ेंगे। करणी सेना परिवार ने रतलाम,मंदसौर, नीमच ,उज्जैन,धार, हरदा जिलों सहित प्रदेश की 80 विधानसभा सीटों पर तैयारी पूर्ण कर ली है। वही जिन लोगो को चुनाव लड़ना है वो हमसे संपर्क करे, रतलाम जिले की पांचो सीटो पर चुनाव लड़ेगेl
करणी सेना परिवार प्रमुख जीवन सिंह की धमाकेदार बयान : – देखिये वीडियो
भाजपा के पास अब भी समय है –
करणी सेना प्रमुख जीवनसिंह ने कहाकि भाजपा के पास अब भी समय है, वे चाहे तो हमारी इन 18 मांगों को पुरी कर दे तो वे टिकट की मांग नहीं करेंगे। यदि भाजपा ऐसा नहीं करती है तो भाजपा के हर उम्मीद्वार को करणी सेना परिवार का विरोध सहना पड़ेगा। कांग्रेस से टिकट मांगने के सवाल पर शेरपुर ने कहा कि उन्होने अब तक किसी भी राजनेतिक दल की सदस्यता नहीं ली है, वे किसी के भी पास टिकट मांगने नहीं गए है, उन्होने केवल अपनी 18 सूत्रीय मांगों को चुनावी घोषणा पत्र में शामिल करने तथा सुरक्षा की दृष्टी से कुछ टिकट की मांग की है।
जावरा से ही लडुंगा चुनाव –
जावरा विधानसभा से ही चुनाव लडऩे के सवाल पर जीवनसिंह शेरपुर ने कहा कि बाहर जाकर चुनाव लडऩा उचित नहीं है, बाहर मैं क्या हूं, कैसा हूं यह कोई नहीं जानता, जावरा विधानसभा मेरा घर है, मैं इस विधानसभा का बैटा हूं तो मेरी अच्छाई, बुराई सभी जानते है, मैं और करणी सेना परिवार आम आदमी के किन मुद्दों को लेकर सरकार के खिलाफ है, इसको लेकर मुझे वोट मिलेंगे और चुनाव में जीतकर विधानसभा पहुचेंगे। विरोधी चाहे जितनी भी कोशिश करले मुझे बदनाम करने की, मेरी छबी को खराब कर ले, मुझ पर चाहे कितने भी आरोप लगा ले, इसका निर्णय जनता को करना है कि सत्य की लड़ाई कोन लड़ रहा है।
हमारे साथ भाजपा – कांग्रेस दोनो पार्टी के लोग शामिल –
जीवनसिंह ने कहा की करणी सेना सर्व समाज को लेकर चल रहा है, हमारा वोट बैंक भाजपा और कांग्रेस दोनो का है, इसलिए हमारा वोट बैंक इन दोनो पार्टियों से ज्यादा रहेगा। हम किसी एक व्यक्ति को टारगेट करने चुनाव नहीं लड़ेगी, हम गांव गांव घुमकर उनकी समस्याओं को एकत्रित कर रहे है, हमारे मुख्य 18 मुद्दों के साथ ही स्थानीय मुद्दों को लेकर हमारा चुनावी घोषणा पत्र तैयार करेंगे। राजनैतिक घरानों का बढ़ावा देने वाले दोनो ही राजनैतिक दल है, हम आम आदमी के उम्मीद्वार है। जनता के भावना के अनुरुप में चुनावी मैदान में उतरेंगे। इस दौरान हर्ष प्रताप सिंह पिपलोदा, पुष्पेन्द्र सिंह राठौर, लोकेन्द्र सिंह पाताखेडी, लोकेन्द्र सिंह केरवासा, यादवेन्द्र सिंह आदि करणी सेनिक मोजूद रहे l


