– राष्ट्रसंत कमल मुनि का युवाओं को संदेश—ऊर्जा को सही दिशा मिले तो युवा बदल सकते हैं विश्व की तस्वीर
जावरा। स्थानकवासी जैन संघ हल्लदकेरी मैसूर के तत्वावधान में स्थानक भवन में आयोजित प्रवचन सभा में राष्ट्रसंत कमल मुनि कमलेश ने अखिल भारतीय जैन दिवाकर विचार मंच, नई दिल्ली युवा शाखा की राष्ट्रीय कार्यकारिणी को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि युवा शक्ति ऊर्जा, पराक्रम और सामर्थ्य का भंडार है। जरूरत केवल इस ऊर्जा को सही दिशा देने की है।
राष्ट्रसंत कमल मुनि ने कहा कि ऊर्जा राम और रावण, कंस और कृष्ण तथा दुर्योधन और अर्जुन में भी थी। फर्क केवल इतना था कि ऊर्जा का उपयोग किस दिशा में किया गया। उन्होंने कहा कि सही दिशा के अभाव में ऊर्जा संकट, विपत्ति और पतन का कारण बन सकती है, जबकि सद्गुरु का मार्गदर्शन मिलने पर व्यक्ति के जीवन की दशा और दिशा दोनों बदल जाती हैं। उन्होंने युवाओं से आह्वान किया कि “मैं अकेला क्या कर सकता हूं, कोई साथ नहीं देता, टांग खींचने वाले बहुत हैं, साधन-सुविधा नहीं है” जैसे विचारों को आगे बढऩे में बाधा न बनने दें। युवाओं को ‘एकला चलो रेÓ के सिद्धांत के साथ आगे बढऩा चाहिए। इरादा नेक और विचार निस्वार्थ हों तो कारवां अपने आप बढ़ता जाता है।
सफलता के लिए जुनून और उचित मंच जरुरी –
मुनि कमलेश ने कहा कि इतिहास में ऐसे अनेक उदाहरण हैं, जिन्होंने सीमित साधनों के बावजूद अदम्य साहस से इतिहास रचा। चेतक, पन्ना धाय और महात्मा गांधी इसके उदाहरण हैं। सफलता के लिए जुनून, मिशन और उचित मंच जरूरी है। उन्होंने फैशन, व्यसन और विलासिता को लेकर चिंता जताते हुए कहा कि नशे और भौतिक आकर्षण युवा पीढ़ी को भीतर से खोखला कर रहे हैं। युवाओं को व्यसन से बचाना आज समय की सबसे बड़ी मांग है। देश के भविष्य को अपने कंधों पर उठाने वाली युवा पीढ़ी को अपनी ऊर्जा राष्ट्र और समाज निर्माण में लगानी चाहिए।
संस्कारवान युवा ही राष्ट्र की वास्तविक शक्ति : अभय सुराणा
अखिल भारतीय जैन दिवाकर विचार मंच के राष्ट्रीय वरिष्ठ मार्गदर्शक अभय सुराणा ने कहा कि युवा शक्ति देश की सबसे बड़ी ताकत है, लेकिन इस शक्ति की वास्तविक पहचान उसके संस्कार, चरित्र, अनुशासन और सेवा भावना से होती है। संस्कारवान और चरित्रवान बनना ही युवा की सबसे बड़ी संपत्ति है। उन्होंने युवाओं से कहा कि वे केवल कैरियर और व्यक्तिगत सफलता तक सीमित न रहें, बल्कि समाज सेवा, जीव दया, पर्यावरण संरक्षण, राष्ट्र निर्माण तथा भारतीय संस्कृति और संस्कारों की रक्षा को भी जीवन का उद्देश्य बनाएं। सुराणा ने कहा कि युवा संगठन केवल कार्यक्रमों तक सीमित न रहकर समाज में सकारात्मक परिवर्तन का माध्यम बने। एक युवा बदलता है तो परिवार बदलता है, परिवार बदलता है तो समाज बदलता है और समाज बदलता है तो राष्ट्र की तस्वीर बदल सकती है।
पर्यारण संरक्षण पर जोर –
तमिलनाडु भाजपा पर्यावरण प्रकोष्ठ के अध्यक्ष गोपीनाथ ने जल संरक्षण, वृक्षारोपण, पॉलिथीन हटाने और पर्यावरण संरक्षण पर जोर दिया। एडीएमके हैंडलूम संघ के अध्यक्ष शक्ति देव ने कहा कि व्यक्ति उम्र से नहीं, बल्कि मनोबल से युवा होता है। दिवाकर मंच युवा शाखा के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष आशीष चोरडीया ने संगठन, सेवा और सहयोग पर जोर दिया। मध्य प्रदेश युवा शाखा अध्यक्ष विजय खटोड़ ने सकारात्मक एवं रचनात्मक कार्यों में युवाओं की भागीदारी का आह्वान किया। पवन जैन ने कहा कि कठोर परिश्रम और निरंतर प्रयास करने वाला व्यक्ति कभी असफल नहीं होता। कार्यक्रम में तमिलनाडु, कर्नाटक, आंध्र प्रदेश, राजस्थान, गुजरात, मध्य प्रदेश, दिल्ली, पंजाब एवं हरियाणा सहित विभिन्न राज्यों से बड़ी संख्या में युवा शामिल हुए। संघ की ओर से तेजराज नंगावत, मीठालाल बाघमार, भीकमचंद पीपाड़ा, उम्मेदराज रांका, दलपतराज सिंघवी, शांतिलाल गांधी, हगामीलाल भंडारी एवं मदनलाल दरड़ा ने अतिथियों का स्वागत किया। संचालन मंत्री बुधमल ने किया।
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