– किसान-व्यापारियों ने सीएसपी को सौंपा ज्ञापन, नोटिस निरस्त करने की मांग
जावरा। भूतेड़ा से महू-नीमच हाईवे तक प्रस्तावित ग्रीनफील्ड सड़क परियोजना को लेकर विवाद एक बार फिर गहरा गया है। प्रभावित किसानों और व्यापारियों का आरोप है कि जिला न्यायालय एवं कलेक्टर द्वारा एलाइनमेंट निरस्त किए जाने के बावजूद संबंधित विभाग उसी मार्ग पर कार्रवाई कर रहे हैं। वहीं शांतिपूर्ण आंदोलन कर रहे किसानों-व्यापारियों को ही शांति भंग की आशंका के तहत नोटिस जारी कर दिए गए हैं। इसी के विरोध में प्रभावित पीड़ित किसान-व्यापारी जन संघर्ष समिति के प्रतिनिधिमंडल ने शनिवार को सीएसपी जावरा को ज्ञापन सौंपकर धारा 126 एवं 135(3) BNSS के तहत जारी नोटिसों की कार्रवाई तत्काल निरस्त करने की मांग की।
किसानों ने उठाए ये सवाल –
समिति का कहना है कि टेकरी से जोयो तिराहे तक प्रस्तावित सड़क एलाइनमेंट को जिला न्यायालय द्वारा निरस्त किया जा चुका है तथा कलेक्टर रतलाम ने भी इसकी प्रमाणित प्रति प्रभावित पक्षों को उपलब्ध कराई है। इसके बावजूद MPRDC, SDM एवं उप पंजीयक कार्यालय द्वारा उसी निरस्त एलाइनमेंट पर कार्यवाही जारी रखी जा रही है। किसानों का आरोप है कि पिछले 20 महीनों से वे न्यायालय और प्रशासन के समक्ष शांतिपूर्ण एवं कानूनी तरीके से अपनी बात रख रहे हैं, लेकिन अब उन्हें ही शांति भंग करने वाला बताकर नोटिस दिए जा रहे हैं।
ज्ञापन में रखी गई प्रमुख मांगें –
– धारा 126 एवं 135(3) BNSS के तहत जारी सभी नोटिसों की कार्रवाई तत्काल निरस्त की जाए।
– निरस्त एलाइनमेंट पर बंधक बनाई गई भूमि को 1 जून 2026 तक मुक्त किया जाए।
– 27 मई को अधिकारियों द्वारा मीडिया के समक्ष दिए गए भूमि मुक्त करने संबंधी आश्वासन का पालन किया जाए।
– न्यायिक तरीके से विरोध कर रहे किसानों और व्यापारियों का उत्पीडऩ बंद किया जाए।
समिति ने लगाए गंभीर आरोप –
समिति के पदाधिकारियों ने आरोप लगाया कि संबंधित विभाग न्यायालय के आदेशों की अनदेखी कर रहे हैं और विरोध करने वाले किसानों को दबाव में लेने का प्रयास किया जा रहा है। उनका कहना है कि वे कानून का सम्मान करते हैं, लेकिन अन्याय के खिलाफ आवाज उठाना उनका संवैधानिक अधिकार है।
1 जून को SDM कार्यालय में चर्चा की चेतावनी –
समिति ने चेतावनी दी है कि यदि नोटिस वापस नहीं लिए गए और बंधक भूमि मुक्त नहीं की गई तो सभी प्रभावित किसान एवं व्यापारी 1 जून 2026 को SDM कार्यालय पहुंचकर न्यायिक एवं लोकतांत्रिक तरीके से अपनी बात रखेंगे। इसके लिए प्रशासन स्वयं जिम्मेदार होगा। ज्ञापन सौंपने वालों में सुनील पोखरना, मनोज मेहता, मुकेश धाकड़, एडवोकेट उबेद अंसारी, राजेश चोरडिय़ा, फरजाना खान, जीतू मालवीय, रंजीत सिंघल, जगदीश सोलंकी, गुड्डू पठान, असलम मेव, सुरेश धनोतिया, दिनेश सैनी, प्रमोद, आर.डी. धाकड़, नागेश्वर, मुकेश नागर, फकीरचंद्र, दिनेश नायमा, असलम कुरैशी, पाटीदार, सिकंदर मेव, दाव मीणा, अनवर शाह, अयुब शाह, मुबारिक शाह सहित सैकड़ों किसान-व्यापारी उपस्थित रहे।

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