– कृषि उपज मंडी प्रांगण से प्रारंभ हुआ संचलन, भगतसिंह महाविद्यालय पर हुआ समाप्त
– 8 घोष के साथ हाथों में दण्ड लेक निकले हजारों स्वयं सेवक
जावरा। भारत भूमि पर मुगलों से लेकर अंग्रेजों तक सभी ने हिंदू समाज को तोडऩे का भरपूर प्रयास किया। सबसे ज्यादा अंग्रेजों ने हमारे भारत की शिक्षा पद्धति पर आघात किया। लेकिन हिंदू समाज ने कई वर्षों तक सहन किया। जब संघ के परम पूज्य डॉक्टर हेडगेवारजी ने हिंदू समाज को एकत्र कर हिंदू समाज का संगठन बनाया। प्रत्येक हिंदू को एकत्र कर संगठन निर्माण का कार्य किया, जो आज समाज में संगठित शक्ति के कारण परिवर्तन हो रहे हैं, उसके पीछे संघ की बड़ी भूमिका हैं।
यह बात मुख्य वक्ता विनय पिंगले (इंदौर) ने खाचरौद नाका स्थित कृषि उपज मंडी प्रांगण पर बौद्धिक के दौरान संबोधित करते हुए स्वयं सेवको से कहीं। इस दौरान उन्होने पंच परिवर्तन के बारे में भी विस्तार से बताया। गुरुवार को संघ शताब्दी वर्ष के तहत जावरा नगर में विजय दशमी उत्सव मनाया गया। अतिथि परिचय नगर कार्यवाह आकाश भावसार ने दिया। मंच पर नगर संघचालक धर्मेन्द्रसिंह सिसौदिया तथा श्रीराम चंचलानी उद्योगपति उपस्थित रहे। बौद्धिक के दौरान बड़ी संख्या में संघ के स्वयं सेवक उपस्थित रहे। इस दौरान शस्त्र पूजन भी किया गया।
इस रूट से कदमताल कर निकले स्वयं सेवक –
गुरुवार को सुबह करीब साढ़े 9 बजे से ही मंडी प्रांगण में स्वयं सेवकों का एकत्रीकरण प्रारंभ हो गया था। बौद्धिक पश्चात सुबह करीब 11.२० बजे मंडी प्रांगण से स्वयं सेवको का पथ संचलन प्रारंभ हुआ। जो गीता भवन, गोवर्धननाथ मंदिर चौराहा, शुक्रवारियां, पिपली बाजार, जवाहरपथ, चुड़ी बाजार, बजाजखाना, घंटाघर चौराहा, कोठी बाजार, नीम चौक, लक्ष्मीबाई मार्ग, रतलामी गेट, स्टेशन रोड़, स्टेशन चौराहा, पुलिस थाना रोड़, ओव्हरब्रिज से चौपाटी रोड़, चौपाटी चौराहा से होकर शासकीय भगतसिंह शासकीय महाविद्यालय जावरा पर पहुंचकर समाप्त हुआ। संचलन के दौरान स्वयं सेवक 8 घोष की धून पर हाथों में दण्ड लेकर कदमताल मिलाते हुए चल रहे थे। पथ संचलन का नगर के सभी प्रमुख चौराहों, मोहल्लों और बाजारों में पुष्प वर्षा कर स्वागत किया गया।



