– सामाजिक समरसता कावड़ यात्रा 26 जुलाई से … पोस्टर का हुआ विमोचन
– कावड़ यात्रा की तैयारियों को लेकर हुई शिवभक्तों की बैठक
– उमा महेश की सवारी के साथ महाराष्ट के नंदी, भूतों की बारात रहेगी आकर्षक का केन्द्र
– तांबे के विशाल पात्र में एकत्रित करेंगे घर घर से जल
जावरा। शिवभक्त सेवा समिति द्वारा निकाली जाने वाली सामाजिक समरसता कावड़ यात्रा की तैयारियों को लेकर रविवार को खाचरौद रोड स्थित स्वामीजी की कुटिया पर शिवभक्तों की बैठक आयोजित की गई। जिसमें बड़ी संख्या में भक्तों के साथ ही अन्य धर्मालुओं ने भाग लिया। बैठक का शुभारंभ क्षेत्र के विधायक डॉ. राजेन्द्र पाण्डेय ने बाबा महाकाल की तस्वीर पर माल्यार्पण कर दीप प्रज्वलित कर किया। इस अवसर पर भोले के भक्त व मातृशक्ति भी उपस्थित रही।
हर साल की तरह इस वर्ष भी श्रावण मास में शिवभक्त सेवा समिति द्वारा सामाजिक समरसता कावड़ यात्रा का आयोजन किया जा रहा है। यात्रा का यह तृतीय वर्ष है। जिसे लेकर रविवार को स्वामीजी की कुटिया पर आयोजित शिवभक्तों की बैठक में रूपरेखा तय की गई। समिति संस्थापक प्रांजल पाण्डेय ने बताया कि अगले माह की 26 तारीख से उक्त भव्य कावड़ यात्रा समीपी धार्मिक स्थल मिंडाजी स्थित मनकामनेश्वर महादेव मंदिर से प्रात: 8 बजे प्रारंभ होगी। यहां से कावडि़ए पात्र में जल भरकर डीजे, ढोल ढमाके, गाजे-बाजे व तासे के साथ भगवान शिव के भजन गाते हुए पैदल निकलेंगे। इसी दिन शाम को करीबन 5 बजे कावडि़ए जावरा पुल बाजार स्थित श्री जागनाथ महादेव मंदिर पहुंचेंगे। जहां बाबा भोलेनाथ के दर्शन कर जावरा में ही रात्रि विश्राम करेंगे। अगले दिन 27 जुलाई को कावड़ यात्रा पिपलौदा के लिए रवाना होगी और दोपहर लगभग 12 बजे पिपलौदा नगर में प्रवेश करेगी। वहाँ नगर भ्रमण के पश्चात इसी दिन दोपहर 2 बजे यात्रा निकटस्थ ग्राम कमलाखेड़ा में कमलेश्वर महादेव के दर्शन करने के बाद संध्या 7 बजे गांव आंबा में यात्रा का पड़ाव रहेगा। ग्राम आम्बा में रात्रि विश्राम होगा। तीसरे दिन 28 जुलाई को सुबह 8 बजे कावडि़ए भगवान भोलेनाथ के जयकारे लगाते हुए सैलाना के पास स्थित केदारेश्वर महादेव मंदिर पहुँचकर वहाँ विराजित बाबा भोलेनाथ का जलाभिषेक कर महाआरती करेंगे। इसी के साथ तीन दिवसीय कावड़ यात्रा का समापन होगा। शिवभक्त सेवा समिति द्वारा कावडिय़ों के चाय, नाश्ता व भोजन के साथ ही यात्रा में उपयोगी आवश्यक सामग्री की व्यवस्था की जाएगी।
ये रहेंगे कावड यात्रा के आकर्षण –
समिति संस्थापक प्रांजल पाण्डेय ने बताया कि इस वर्ष कावड़ यात्रा के जावरा पहुंचने के उपरांत जागनाथ महादेव मंदिर पर दर्शन के बाद नगर भ्रमण होगा। जिसमें गजराज पर सवार उमा महेश की सवारी, महाराष्ट्र के आकर्षक नंदी महाराज, बाबा भोलेनाथ के सेवक घुड़ सवार, बाबा की भस्मी रमया, भूतों की बारात, बाबा का लवाजमा, आकर्षक नगाड़े, मशाल एवं आकर्षक झांकियां जनता के लिए आकर्षण का केन्द्र रहेगा।





