– बौद्धिक के बाद मठ मंदिर से शुरु हुआ संचलन, शहर के सभी प्रमुख मार्गो से निकला
– कई संस्थाओं और रहवासियों ने पुष्पवर्षा कर किया संचलन का स्वागत
जावरा। भारत हमेशा से विजीगिषु रहा है। हम हमेशा से विजय ही रहे हैं। 1857 के स्वतंत्रता संग्राम को भारत विरोधी एक सामान्य संघर्ष बताते रहे हैं, जबकि वह एक सामान्य संघर्ष नहीं पूरी भारत भूमि पर फैला हुआ एक महान संग्राम था। बंकिम चंद्र चट्टोपाध्याय के द्वारा आनंद मठ में उल्लेखित किया गया वंदे मातरम संपूर्ण भारत का सिद्ध मंत्र बन गया था।
उपरोक्त विचार जावरा नगर में राष्ट्र सेविका समिति के पथ संचलन के अवसर पर मध्य भारत प्रांत की सह शारीरिक प्रमुख निधी शर्मा ने व्यक्त किये। शर्मा ने कहा कि राज्य विकास समिति की स्थापना 1936 में विजयदशमी के दिन अपने स्थापना दिवस के समय से ही राष्ट्र निर्माण के कार्य में लगी है। आपने कहा वंदनीय मौसीजी ने देवी अष्टभुजा के रूप में मातृशक्ति के शक्ति स्वरूपा होने की कल्पना की। आयोजन में मुख्य अतिथि समाज सेविका एवं जावरा पब्लिक स्कूल प्रबंध समिति सदस्य किरण मूणत रही। अतिथियों का परिचय लक्ष्मी रुपलानी ने दिया। एकल गीत रूपा ओसवाल ने प्रस्तुत किया। मुख्य शिक्षिका का दायित्व सुनीता नागर ने निर्वाह किया। सोनाली जैन ने बताया कि इस अवसर पर मंदसौर जिले की विभाग कार्यवाही किरण महावर और विभाग संपर्क प्रमुख निशा दीदी महाराणा के साथ बड़ी संख्या में स्वयं सेविकाओं ने कदमताल मिलाई।
इन मार्गो से निकला संचलन –
शनिवार की दोपहर 3 बजे मठ मंदिर से किरण मूणत समाज सेविका एवं जावरा पब्लिक स्कूल प्रबंध समिति सदस्य के आतिथ्य एवं राष्ट्र सेविका समिति की प्रांत सह शारीरिक प्रमुख निधि शर्मा के बौद्धिक के बाद स्वयं सेविकाओं का पथ संचलन प्रारंभ हुआ। जो मठ मंदिर से प्रारंभ होकर रपट रोड, डुंगरपुर गेट, लक्कड़पीठा, कमानी गेट, कोठी बाजार, खारीवाल मोहल्ला, आजाद चौक, सोमवारियां, शुक्रवारियां, पीपलीबाजार, तम्बाकु बाजार, बजाजखाना, मालीपुरा होते हुए पुन: मठ मदिर पर पहुंचकर समाप्त हुआ।

