– विवाह को संस्कार ही रहने दे उसे दिखावा ना बनाए
– नागौर गोशाला के संत 1008 महामंडलेश्वर स्वामी कुशालगिरी के साथ बाल संत ब्रह्मगिरी ने रही उपस्थिति
– आलोट नवनिर्वाचित विधायक चिंतामणी मालवीय भी पहुंचे कथा में
– अतिथियों ने किया 1008 मंगलदासजी महाराज के लिए गौशाला पर बनी संत कुटी का लोकापर्ण
कालूखेड़ा। बेटियां धान के पौधे जैसी होती है, तो एक कुल में जन्म लेकर दुसरे कुल को समृद्ध करती है, इसलिए मां बाप को चाहिए कि वे बेटियों को सीता जैसे संस्कार देकर पोषित करें। आज कल विवाह में प्री वेडिंग शुट के नाम पर भारतीय संस्कृति के साथ खिलवाड़ किया जा रहा है, भारतीय विवाह संस्कार को संस्कार ही रहने दे उसे दिखावा ना बनाए ताकि आने वाली पीढि़ में मूल संस्कार आ सकें।
यह बात अंतराष्ट्रीय कथा प्रवक्ता हेमलता शास्त्री ने तालीदाना स्थित स्व. महेन्द्रसिंह कालूखेड़ा गौशाला पर चल रही सात दिवसीय संगीतमय श्रीराम कथा के पांचवे दिन भगवान श्रीराम के वनवास गमन और राजा दशरथ और प्रभु श्रीराम के विरह का सुंदर वर्णन करते हुए उपस्थित श्रोताओं से कहीं। कथा के पांचवे दिन यजमान मोहनलाल पाटीदार (रानीगांव), गजेंद्रसिंह (तालीदाना), कैलाश जाट (कंसेर) रहें। बुधवार को कथा में अतिथि के रुप में आलोट विधायक डॉ चिंतामणि मालवीय, महामंडलेश्वर कुशालगिरी महाराज नागौर गौशाला, बाल संत ब्रह्मचारी मोखमपुरा, मंगलदास महाराज, गौशाला संरक्षक के.के.सिंह कालूखेड़ा, भेरूलाल पाटीदार धामेडी, कीर्तिशरण सिंह, धरमचंद चपडोद, हरिनारायण अरोडा, रविन्द्र प्रतापसिंह सरसी, अभिजीत सिंह ताजपुरिया, राजकुमारसिंह आम्बा, प्रतापसिंह कल्लूखेड़ी, निर्मल पाटीदार बडायलामाताजी, कामधेनु गौशाला के प्रदेशाध्यक्ष बैरागी, समाजसेवी हीरालाल पाटीदार, नारायणसिंह चंद्रावत चिकलाना रहें।
संतों ने किया संत की कुटी का लोकापर्ण –
गौशाला परिसर में श्री श्री 1008 मंगलदासजी महाराज के निमित्त एक संत कुटि का निर्माण किया गया। जिसका लोकार्पण श्री श्री 1008 महामंडलेश्वर स्वामी कुशालगिरीजी महाराज नागौर गौशाला, राजस्थान, मोखमपुरा शक्तिपीठ के बालसंत बल ब्रह्मचारी महाराज, श्रीश्री 1008 मंगलदासजी महाराज, कथा प्रवक्ता हेमलता शास्त्री के साथ गौशाला संरक्षक के.के.सिंह कालूखेड़ा के करकमलों से गौशाला पदाधिकारियों ने करवाया।


