– ग्राम अरनियागुर्जर के किसानों ने एसडीएम को सौंपा आवेदन
जावरा। तहसील क्षेत्र के ग्राम अरनियागुर्जर में हाल ही में हुई मावठा बारिश और ओलावृष्टि ने किसानों की मेहनत पर पानी फेर दिया। गेहूँ की पकती फसल खेतों में ही आड़ी गिर गई है, जिससे ग्रामीण किसानों को भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है। परेशान किसानों ने एसडीएम जावरा सुनिल जायसवाल तथा पिपलौदा तहसीलदार देवेन्द्र दानगढ़ को आवेदन पत्र देकर प्रशासन से तत्काल सर्वे कराकर मुआवजा देने की मांग उठाई है।
ग्रामीणों के अनुसार पिछले दिनों हुई तेज बारिश के साथ गिरे ओलों ने खेतों में खड़ी गेहूँ की फसल को बुरी तरह प्रभावित कर दिया। कई खेतों में फसल जमीन पर चिपककर गिर गई है, जिससे बालियां सडऩे और दाने काले पडऩे का खतरा बढ़ गया है। किसानों का कहना है कि फसल कटाई के ठीक पहले आई इस प्राकृतिक मार ने पूरे सीजन की मेहनत पर संकट खड़ा कर दिया है। किसानों ने बताया कि वर्तमान समय में अधिकांश किसानों की आजीविका पूरी तरह रबी की फसल पर निर्भर रहती है। खाद-बीज, सिंचाई और मजदूरी पर हजारों रुपये खर्च करने के बाद अब उत्पादन मिलने की उम्मीद थी, लेकिन अचानक हुई ओलावृष्टि ने आर्थिक संकट खड़ा कर दिया है। कई किसानों पर पहले से कृषि ऋण भी है, ऐसे में फसल खराब होने से परिवार के पालन-पोषण और कर्ज चुकाने की चिंता बढ़ गई है।
तहसीलदार पिपलौदा को भी सौंपा आवेदन –
इस संबंध में ग्राम अरनियागुर्जर के समस्त ग्रामवासियों ने तहसीलदार पिपलोदा को भी आवेदन सौंपकर मांग की है कि प्रभावित खेतों का तत्काल पटवारी व कृषि विभाग की टीम से सर्वे कराया जाए तथा जांच उपरांत शासन के नियम अनुसार शीघ्र मुआवजा राशि प्रदान की जाए। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि शीघ्र सर्वे नहीं हुआ तो किसान मजबूरन आंदोलन का रास्ता अपनाने को विवश होंगे। किसानों का कहना है कि प्राकृतिक आपदा में सरकार ही उनकी एकमात्र सहारा है, इसलिए प्रशासन को मौके पर पहुंचकर वास्तविक स्थिति देखना चाहिए। अब देखना यह है कि प्रशासन किसानों की पीड़ा को कितनी गंभीरता से लेकर राहत कार्य शुरू करता है या किसानों को मुआवजे के लिए लंबा इंतजार करना पड़ेगा।
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