– परिजनो के साथ करणी सेना परिवार प्रमुख जीवनसिंह भी डटे
– संसाधनों के अभाव के चलते बढ़ा रहा आक्रोश
जावरा। मिंडाजी संगम पर डोंगी पलटने से डूबे युवक का दूसरे दिन भी कोई सुराग नहीं मिलने से ग्रामीणों का आक्रोश बढ़ता जा रहा है। रविवार को हुए हादसे के बाद से लगातार सर्चिंग अभियान जारी है, लेकिन सोमवार रात 8 बजे तक भी युवक का पता नहीं चल सका। मौके पर परिजनों और ग्रामीणों की भीड़ लगी रही और प्रशासनिक व्यवस्थाओं पर सवाल खड़े हो गए।
प्रशासन घिरा, करणी सेना परिवार ने संभाला मोर्चा –
घटनास्थल पर सोमवार सुबह से डटे करणी सेना परिवार प्रमुख जीवन सिंह शेरपुर ने प्रशासन की कार्यप्रणाली पर गंभीर आरोप लगाए। उनका कहना है कि डूबा युवक एक किसान परिवार का बेटा है, लेकिन खोजबीन में पर्याप्त संसाधन नहीं लगाए जा रहे। संसाधनों की कमी साफ दिखाई दे रही है। अगर समय पर आधुनिक उपकरण और पर्याप्त टीम लगाई जाती तो शायद अब तक युवक मिल जाता। जब तक नदी से शव बाहर नहीं निकल जाता, हम रातभर यहीं डटे रहेंगे और प्रशासन को भी यहां से जाने नहीं देंगे। जीवन सिंह शेरपुर के इस बयान के बाद मौके पर माहौल तनावपूर्ण हो गया और ग्रामीण भी प्रशासन के खिलाफ नाराजगी जताने लगे।
क्या हुआ था उस दिन ?
रविवार को मिंडाजी संगम पर तीन युवक डोंगी से नदी पार कर रहे थे। अचानक संतुलन बिगडऩे से डोंगी पलट गई और तीनों युवक नदी में जा गिरे। दो युवक तैरकर किसी तरह बाहर निकल आए, तीसरा युवक गहरे पानी में समा गया और तब से लापता है। हादसे के बाद से ही परिजन संगम किनारे डेरा डाले हुए हैं।
48 घंटे से सर्चिंग, फिर भी खाली हाथ –
पुलिस और गोताखोरों की टीम लगातार रेस्क्यू ऑपरेशन चला रही है। अंधेरा होने के बावजूद लाइटें लगाकर रात में भी तलाश जारी रखी गई, लेकिन अब तक सफलता नहीं मिली। ग्रामीणों का आरोप है कि अगर शुरुआत में बड़ी टीम और आधुनिक उपकरण लगाए जाते तो परिणाम जल्दी मिल सकता था। घटना के बाद पूरे क्षेत्र में शोक और गुस्से का माहौल है। परिजन रो-रोकर बेसुध हैं, वहीं ग्रामीण प्रशासन से जवाब मांग रहे हैं। लोगों ने साफ कहा है कि युवक मिलने तक वे मौके से हटने वाले नहीं हैं। अब सवाल यही हैं कि क्या सर्चिंग अभियान तेज होगा या आक्रोश और भड़केगा ?
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