– चार दशकों से अधिक पुरानी परंपरा, जनसहयोग से पनपी ‘खेल नर्सरी’ में तीन दिवसीय महामालव प्रतियोगिता शुरू
जावरा। जिला बास्केटबॉल संघ जावरा द्वारा आयोजित 45 वीं महामालव बास्केटबॉल प्रतियोगिता का भव्य शुभारंभ उत्साह, अनुशासन और खेल भावना के वातावरण में हुआ। 24 से 26 जनवरी तक चलने वाली यह तीन दिवसीय प्रतिष्ठित प्रतियोगिता चार दशकों से अधिक समय से क्षेत्रीय खेल प्रतिभाओं को निखारने का कार्य कर रही है। यह आयोजन न केवल स्थानीय खिलाडिय़ों के लिए अवसर का मंच है, बल्कि राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर तक पहचान बनाने वाले खिलाडिय़ों की सशक्त नर्सरी के रूप में भी अपनी विशिष्ट पहचान बना चुका है।
महामालव बास्केटबॉल प्रतियोगिता की शुरुआत 45 वर्ष पूर्व खेलगुरु वेदप्रकाश रिछारिया द्वारा की गई थी। तब से लेकर आज तक यह प्रतियोगिता बिना किसी शुल्क के, केवल जनसहयोग के माध्यम से निरंतर आयोजित की जा रही है, जो समाज में खेल के प्रति समर्पण और सहभागिता का जीवंत उदाहरण है। कार्यक्रम के शुभारंभ अवसर पर सभी अतिथियों का पुष्पहारों से स्वागत एवं अभिनंदन किया गया। अतिथियों ने ध्वज फहराकर प्रतियोगिता का शुभारंभ किया। सभी खिलाडिय़ों ने घोष की धून पर मार्च पास्ट किया।
बास्केटबॉल की नर्सरी हैं यह खैल मैदान –
स्वागत उद्बोधन में जिला बास्केटबॉल संघ के अध्यक्ष एवं जावरा विधायक डॉ. राजेंद्र पांडेय ने आयोजन से जुड़े सभी सहयोगकर्ताओं और खेल प्रेमियों का हृदय से आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि यह खेल मैदान सामूहिक समर्पण, विश्वास और निरंतर सहयोग का प्रतीक है। डॉ. पांडेय ने इसे देश की सबसे अद्भुत बास्केटबॉल नर्सरी बताते हुए कहा कि यहाँ से निकली प्रतिभाएँ अनुशासन, परिश्रम और संघर्ष के बल पर आगे बढ़कर जावरा का नाम रोशन कर रही हैं।
अतिथियों ने रखे अपने विचार –
मुख्य अतिथि पूर्व नपाध्यक्ष यूसुफ कड़पा ने अपने संबोधन में कहा कि खेल, शिक्षा और अनुशासन—ये तीनों मिलकर व्यक्ति के व्यक्तित्व को महान बनाते हैं। उन्होंने खिलाडिय़ों से खेल को केवल प्रतियोगिता नहीं, बल्कि जीवन निर्माण का माध्यम मानने का आह्वान किया। विशेष अतिथि संतोष मेड़तवाल (एडवोकेट) ने कहा कि जीवन में सफलता प्राप्त करने के लिए निरंतर संघर्ष और परिश्रम अनिवार्य है। डॉ. रोहित पटेल, निदेशक—पटेल हॉस्पिटल एंड नर्सिंग रिसर्च सेंटर ने अपने विचार रखते हुए कहा कि लक्ष्य निर्धारण और निरंतर प्रयास ही सफलता की कुंजी है। उन्होंने खेल को शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य के लिए अत्यंत आवश्यक बताया। समाजसेवी लोकेश काठेड़ ने खिलाडिय़ों को प्रेरित करते हुए कहा कि यह खेल मैदान बच्चों को केवल खिलाड़ी ही नहीं, बल्कि अनुशासित और सशक्त नागरिक भी बनाता है। वरिष्ठ समाजसेवी हुसैन बोहरा ने कहा कि खेल जीवन को दिशा, उद्देश्य और संस्कार प्रदान करता है तथा युवाओं को खेल को जीवन मूल्यों के विद्यालय के रूप में अपनाना चाहिए।
खिलाडिय़ों ने ली खेल भावना की शपथ –
इसके पश्चात खिलाडिय़ों को खेल की शपथ दिलाई गई तथा मुख्य अतिथि यूसुफ कड़पा द्वारा प्रतियोगिता के उद्घाटन की औपचारिक घोषणा की गई। कार्यक्रम के अंत में विजय पामेचा ने आभार व्यक्त करते हुए कहा कि सभी के सामूहिक सहयोग से ही इस ऐतिहासिक प्रतियोगिता की परंपरा निरंतर आगे बढ़ रही है। कार्यक्रम में संघ संयोजक अशोक सेठिया, कोषाध्यक्ष अरुण संघवी, उपाध्यक्ष सुरेश मेहता, महेंद्र गंगवाल, विनोद चौरसिया, अपारसिंह गंभीर, बलवंतसिंह राठौर, पार्षद शिवेंद्र माथुर सहित अनेक गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे। प्रतियोगिता का उद्घाटन मैच एनबीए एवं जॉर्डन टीमों के मध्य खेला गया। मैच के निर्णायक मुकेश केथवास, रविंद्र सिंह सिसोदिया, अभिषेक पामेचा एवं दिप्शी ठक्कर रहे, जबकि रेफरी की भूमिका प्रदीप ठाकुर ने निभाई।
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