– समाजसेवी स्व. राजेंद्र कोलन का देहदान, परिवार के प्रेरणादायी निर्णय को मिला सम्मान
– गार्ड ऑफ ऑनर के साथ पार्थिव देह मंदसौर मेडिकल कॉलेज रवाना
जावरा। देहदान महादान जैसे शब्दों की वास्तविक सार्थकता जावरा नगर में उस समय चरितार्थ हुई, जब समाजसेवी स्वर्गीय राजेंद्र कोलन के निधन के पश्चात उनके परिवारजनों ने त्वरित, साहसिक एवं प्रेरणादायी निर्णय लेते हुए देहदान की सहमति प्रदान की। स्व. राजेंद्र कोलन की धर्मपत्नी ललिता कोलन, पुत्र ऋषभ कोलन, पुत्री अर्पिता पीपाड़ा, तथा उनके छोटे भाई संजयकुमार, सुशीलकुमार, शैलेशकुमार एवं विपिनकुमार कोलन ने संजीवनी फाउंडेशन जावरा एवं लायंस क्लब जावरा के माध्यम से देहदान की इच्छा व्यक्त की।
प्रशासनिक समन्वय से पूर्ण हुई संपूर्ण प्रक्रिया –
इस पुनीत कार्य में मार्गदर्शन प्रदान करते हुए लायंस क्लब जावरा एवं संजीवनी फाउंडेशन के अध्यक्ष यश जैन (एडवोकेट) ने प्रशासनिक अधिकारियों एवं मंदसौर मेडिकल कॉलेज के डीन से समन्वय स्थापित कर समस्त शासकीय प्रक्रिया को त्वरित रूप से पूर्ण करवाया।
गार्ड ऑफ ऑनर के साथ दी गई सम्मानपूर्ण विदाई –
मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के निर्देशानुसार देहदानी को गार्ड ऑफ ऑनर के साथ सम्मानित करते हुए अंतिम यात्रा संपन्न कराई गई। इसके पश्चात एम्बुलेंस द्वारा पार्थिव शरीर को मंदसौर मेडिकल कॉलेज ले जाया गया, जहाँ कॉलेज प्रबंधन द्वारा भावपूर्ण श्रद्धांजलि अर्पित की गई तथा परिवार को देहदान की स्मृति स्वरूप सम्मान पत्र एवं स्मृति चित्र भेंट किया गया।
जावरा नगर का तीसरा देहदान –
इस अवसर पर जानकारी देते हुए यश जैन ने कहा स्व. राजेंद्र कोलन द्वारा किया गया देहदान केवल एक व्यक्तिगत निर्णय नहीं, बल्कि जावरा नगर का तीसरा देहदान है, जो संपूर्ण रतलाम जिले एवं समाज के लिए प्रेरणास्रोत बनेगा। इससे देहदान के प्रति जन-जागरूकता को नई दिशा मिलेगी। उन्होंने परिवार के इस अनुकरणीय निर्णय के लिए कृतज्ञता एवं साधुवाद भी प्रकट किया।
25 से अधिक नागरिक भर चुके हैं देहदान संकल्प पत्र –
संजीवनी फाउंडेशन के माध्यम से अब तक 25 से अधिक गणमान्य नागरिक देहदान हेतु संकल्प पत्र भर चुके हैं, जो क्षेत्र में सामाजिक चेतना एवं मानवीय मूल्यों के विस्तार का स्पष्ट संकेत है।
श्रद्धांजलि सभा में गरिमामयी उपस्थिति –
इस अवसर पर वैभव रांका (संजीवनी फाउंडेशन), मनीष कोचर (देहदान प्रकल्प चेयरपर्सन), विरेंद्र सिसोदिया, पंकज काठेड, पूर्व लायन अध्यक्ष रमेश मेहता, समाजजन सुभाष टुकडिय़ा, रवि खारीवाल, अनिल दसेड़ा, विनोद लूनिया, प्रदीप दसेड़ा, कोलन परिवार के सदस्य एवं अनेक गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे। इस पुनीत कार्य में रतलाम की काकाणी फाउंडेशन के गोविंदभाई का भी विशेष सहयोग उल्लेखनीय रहा। श्रद्धांजलि सभा का संचालन नरेश मेहता ने किया।
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