– बुनियादी सुविधाएँ नदारद, 13 सूत्रीय मांगों को लेकर जैन वरिष्ठ सेवा समिति ने डीआरएम के नाम सौंपा ज्ञापन
जावरा। जावरा का रेलवे स्टेशन, जो हजारों यात्रियों की आवाजाही का प्रमुख केंद्र है, आज खुद अव्यवस्थाओं और लापरवाही का शिकार बना हुआ है। यात्रियों को हो रही लगातार समस्याओं और सुविधाओं की भारी कमी को लेकर श्री श्वेताम्बर जैन वरिष्ठ सेवा समिति, जावरा ने भारतीय रेलवे के डीआरएम कार्यालय रतलाम के नाम 13 सूत्रीय मांगों का ज्ञापन स्टेशन मास्टर जावरा को सौंपकर तत्काल सुधारात्मक कार्रवाई की मांग की है।
समिति के अध्यक्ष अभय सुराणा ने बताया कि जावरा रेलवे स्टेशन पर मूलभूत यात्री सुविधाओं का घोर अभाव है। वरिष्ठ नागरिक, महिलाएँ और बच्चे सबसे अधिक प्रभावित हो रहे हैं, लेकिन इसके बावजूद जिम्मेदार विभाग आंखें मूंदे बैठा है। प्लेटफार्म नंबर दो से बाहर जाने के लिए बना कच्चा और कीचड़ से भरा मार्ग न केवल अव्यवस्थित है, बल्कि कभी भी बड़े हादसे को न्योता दे सकता है। प्लेटफार्म नंबर दो पर आज तक टिकट खिड़की की सुविधा उपलब्ध नहीं है। यात्रियों को टिकट के लिए अनावश्यक रूप से इधर-उधर भटकना पड़ता है। स्टेशन पर न तो पर्याप्त पेयजल व्यवस्था है और न ही वातानुकूलित प्रतीक्षालय या कैंटीन जैसी जरूरी सुविधाएँ। लंबी दूरी की यात्रा करने वाले यात्री घंटों असुविधा झेलने को मजबूर हैं।
एस्केलेटर लगाए जाने की मांग –
ज्ञापन में प्लेटफार्मों के बीच सुरक्षित और सुगम आवागमन के लिए एस्केलेटर लगाए जाने की मांग की गई है। दोनों प्लेटफार्म पर एकीकृत यात्री सूचना प्रणाली (कोच डिस्प्ले) नहीं होने से यात्रियों में भ्रम की स्थिति बनी रहती है। इसी अव्यवस्था के चलते कई बार महिलाएँ, बच्चे और वरिष्ठ नागरिक गिरकर घायल हो चुके हैं, लेकिन अब तक जिम्मेदारों ने कोई ठोस कदम नहीं उठाया।
साप्ताहिक ट्रेनो के ठहराव की भी मांग –
समिति ने यह भी सवाल उठाया कि जावरा जैसे महत्वपूर्ण स्टेशन पर कई लंबी दूरी की और साप्ताहिक ट्रेनों का ठहराव क्यों नहीं दिया जा रहा है। यात्रियों को मजबूरी में अन्य शहरों से यात्रा करनी पड़ रही है, जिससे समय और धन दोनों की बर्बादी हो रही है।
शौचालय भी बंद, पार्किंग भी नहीं हैं निर्धारित –
स्टेशन के बाहर कोल इंडिया द्वारा निर्मित शौचालय आज भी टेंडर प्रक्रिया लंबित होने के कारण बंद पड़ा है, जिससे स्वच्छता व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई है। वहीं वाहन पार्किंग की कोई निर्धारित व्यवस्था न होने से स्टेशन परिसर के बाहर अराजकता का माहौल बना रहता है और पैदल यात्रियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ता है। समिति ने चेतावनी भरे लहजे में कहा कि यदि शीघ्र ही इन समस्याओं का समाधान नहीं किया गया तो यात्रियों का आक्रोश और बढ़ेगा। रेलवे प्रशासन को चाहिए कि वह जावरा रेलवे स्टेशन की दुर्दशा पर गंभीरता से ध्यान दे और यात्रियों की सुरक्षा व सुविधा सुनिश्चित करे। ज्ञापन का वाचन समिति अध्यक्ष अभय सुराणा ने किया। कार्यक्रम का संचालन प्रदीप सेठिया ने किया तथा आभार सचिव राजकुमार हरण ने माना।
स्टेशन मास्टर ने दिया आश्वासन –
स्टेशन मास्टर रतिराम मीना ने समिति को आश्वस्त किया कि 13 सूत्रीय मांग पत्र संबंधित उच्च अधिकारियों को भेज दिया जाएगा और जिन समस्याओं का निराकरण संभव होगा, उसकी जानकारी समिति को दी जाएगी। इस अवसर पर आनंदीलाल संघवी, प्रकाशचंद संघवी, नेमीचंद जैन, कनकमल चौरडिय़ा, प्रदीप सेठिया, प्रकाश कोठारी, अशोक धोका, ऋषभ छाजेड़, अभय सुराणा, राजकुमार हरण सहित अनेक सदस्य उपस्थित रहे।
Subscribe to Updates
Get the latest creative news from FooBar about art, design and business.

