– भाजपा पार्षदों के बाद अब कर्मचारियों का धरना
— वेतन न मिलने पर सीएमओ कार्यालय के बाहर जोरदार नारेबाजी
जावरा। नगर पालिका परिषद इन दिनों प्रशासनिक कामकाज से ज्यादा आंदोलनों के कारण चर्चा में है। कल जहां भाजपा पार्षदों ने भेदभाव का आरोप लगाकर नगर पालिका परिसर में धरना दिया था, वहीं आज नगर पालिका के अधिकारी-कर्मचारियों ने जनवरी माह का वेतन नहीं मिलने से आक्रोशित होकर नगर पालिका परिषद में सीएमओ कार्यालय के बाहर धरना प्रदर्शन कर दिया। सुबह से ही बड़ी संख्या में कर्मचारी कार्यालय के बाहर एकत्रित हुए और प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। कर्मचारियों का कहना है कि महीने भर काम करने के बावजूद उन्हें समय पर वेतन नहीं मिलता हैं, जनवरी माह का वेतन भी अब तक नहीं मिला, जिससे परिवार चलाना मुश्किल हो गया है। कर्मचारियों ने चेतावनी दी कि यदि जल्द वेतन जारी नहीं किया गया तो काम का बहिष्कार और उग्र आंदोलन किया जाएगा, जिसकी जिम्मेदारी प्रशासन की होगी। धरने के दौरान नगर पालिका का कामकाज लगभग प्रभावित नजर आया और आम नागरिकों को भी परेशानियों का सामना करना पड़ा।
इन अधिकारियों और कर्मचारियों की रही उपस्थिति –
इस प्रदर्शन में अखिल भारतीय सफाई मजदूर संघ के नगर अध्यक्ष करण कल्याणे, उपाध्यक्ष दशरथ चौहान, रवि गोसर, कोषाध्यक्ष विकास थनवार, शिव चावरे, नपा इंजिनियर लोकेश कुमार विजयवर्गीय, इंजिनियर महेश सोनी, संजय कल्याणे, सोनू परिहार, सोनू दुलगज, कालू गुलगंज, मेहबूब भाई, पुष्पराज व्यास, संजय सैनी, हरियां, तुलसीराम, छोटू चावरे, जफर हुसैन, बाबर भाई, प्रदीप खरे, कैलाश भाटी, पंकज रावत, राजकुमार शिंदे, सिद्दीक भाई, रितु मैडम, वर्षा श्रोत्रिय, पूजा चरण, लक्की फरक्या, अमित राठौर सहित नगर पालिका के अनेक कर्मचारी मौजूद रहे।
प्रशासनिक व्यवस्था बेपटरी या सामंजस्य की कमी –
लगातार दूसरे दिन हुए धरनों से यह साफ दिखाई दे रहा है कि नगर पालिका में प्रशासनिक व्यवस्था पटरी से उतरती नजर आ रही है। जनप्रतिनिधियों और कर्मचारियों दोनों का असंतोष खुलकर सामने आने से अब सवाल उठ रहे हैं कि आखिर नगर पालिका में हालात इतने बिगड़े क्यों और जिम्मेदार कौन है ? इन सब के पीछे प्रशासनिक व्यवस्था बिगड़ी हुई हैं या जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों के बीच आपसी सामंजस्य की कमी हैं। यदि जल्द समाधान नहीं हुआ तो आने वाले दिनों में शहर की सफाई व्यवस्था, पानी सप्लाई और अन्य आवश्यक सेवाएं भी प्रभावित हो सकती हैं, जिसका सीधा असर आम जनता पर पड़ेगा।
सीएमओ के आश्वासन के बाद शांत हुए कर्मचारी –
प्रदर्शन और नारेबाजी के बाद सीएमओ राहुल शर्मा ने एक दो दिन में सभी के खातों में वेतन डालने तथा आगामी महिनों में समय पर वेतन जारी करने के आश्वासन के बाद कहीं जाकर अधिकारी व कर्मचारी माने और धरना समाप्त किया।
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