– सरपंच के समर्थन में उतरा पाटीदार समाज, झूठी FIR बताकर निष्पक्ष जांच की मांग
– एसपी के नाम सौंपा सीएसपी व थाना प्रभारी को ज्ञापन
जावरा। ग्राम हरियाखेड़ा में शनिवार को हुए सनसनीखेज घटनाक्रम ने अब सामाजिक और राजनीतिक रूप ले लिया है। गांव में लक्ष्मीचंद्र का शव पानी की टंकी पर लटका हुआ मिलने के बाद पुलिस ने सरपंच जितेन्द्र पाटीदार एवं उनके परिवार के विरुद्ध प्रकरण दर्ज किया था, लेकिन अब पाटीदार समाज खुलकर सरपंच के समर्थन में सामने आ गया है। समाजजनों ने पूरे मामले को राजनीतिक दबाव में दर्ज झूठी FIR बताते हुए उच्च स्तरीय निष्पक्ष जांच की मांग उठाई है।
रविवार को पाटीदार समाज तहसील जावरा के बैनर तले समाज के पदाधिकारी और ग्रामीण बड़ी संख्या में थाने पहुंचे और एसपी के नाम सीएसपी युवराजसिंह चौहान एवं थाना प्रभारी विक्रमसिंह चौहान को ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में कहा गया कि घटना को जानबूझकर राजनीतिक रंग देकर सरपंच और उनके परिवार को फंसाया जा रहा है।
मृत्यु दुर्घटना या साजिश ? समाज ने उठाए गंभीर सवाल –
समाजजनों का आरोप है कि मृतक लक्ष्मीचंद्र की मौत प्रथम दृष्टया दुर्घटना प्रतीत होती है, लेकिन कुछ लोगों द्वारा इसे हत्या अथवा आत्महत्या का रूप देकर सरपंच को बदनाम किया जा रहा है। ज्ञापन में यह आशंका भी जताई गई कि कहीं किसी ने योजनाबद्ध तरीके से हत्या कर सरपंच परिवार को फंसाने की साजिश तो नहीं रची।
इन बिंदुओं पर समाज ने की जांच की मांग –
समाज ने कई बिंदुओं पर जांच की मांग की, जिनमें प्रमुख रूप से घटना स्थल पर कथित रूप से रंग का डिब्बा और ब्रश नहीं मिलने की जांच की जाए, मौके की फोटो की सत्यता की पड़ताल की जाए, पहले मृत्यु का वास्तविक कारण स्पष्ट करने की मांग उठाई, मृतक के अनपढ़ बताए जाने पर टंकी पर लिखावट किसने की इसकी जांच किए जाने की मांग की हैं।
परिवार को फंसाने का आरोप –
ज्ञापन में कहा गया कि यदि जांच में सरपंच की भूमिका सामने आती है तो विधिसम्मत कार्रवाई पर कोई आपत्ति नहीं, लेकिन उनके भाई लोकेन्द्र पाटीदार और पिता पुरुषोत्तम पाटीदार के विरुद्ध बिना ठोस प्रमाण के प्रकरण दर्ज करना अन्यायपूर्ण है। समाज ने उनके खिलाफ दर्ज धाराओं का आधार सार्वजनिक करने और पहले निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है।
SC/ST एक्ट लगाने पर भी सवाल –
समाजजनों ने यह भी सवाल उठाया कि सुसाइड नोट में कोई जातिसूचक शब्द नहीं होने के बावजूद SC/ST एक्ट की धारा किस आधार पर लगाई गई। साथ ही सभी आरोपियों को पहले रिहा कर निष्पक्ष जांच शुरू करने की मांग की गई।
थाने में जुटी भीड़, कई पदाधिकारी रहे मौजूद –
ज्ञापन सौंपने के दौरान तहसील अध्यक्ष गौरीशंकर पाटीदार, युवा संगठन अध्यक्ष भरत पाटीदार, लखन पाटीदार, प्रदेश कार्यसमिति सदस्य राकेश पाटीदार, जिला अध्यक्ष अमित पाटीदार सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे। समाज ने चेतावनी दी है कि यदि निष्पक्ष जांच नहीं हुई तो आंदोलन किया जाएगा। फिलहाल हरियाखेड़ा कांड ने जावरा क्षेत्र की राजनीति और सामाजिक माहौल को गरमा दिया है, अब सबकी निगाहें पुलिस जांच पर टिकी हैं कि आखिर यह आत्महत्या हैं, दुर्घटना या साजिश हैं ?
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