– गीता भवन पर सात दिवसीय श्रीमद भागवत ज्ञान गंगा महोत्सव का हुआ शुभारंभ
– स्वामी ज्ञानानन्द जी तीर्थ के श्रीमुख से बहेगी धर्म की गंगा
जावरा। धर्म के क्षैत्र में सत्कर्म चाहिए और कर्म के क्षैत्र में भी धर्म अनिवार्य हैं। धर्म के बगैर इंसान का कोई ओचित्य नहीं हैं, धर्म से ही मनुष्य हैं, यह समाज हैं। वृक्षों की जड़ दृष्टि में नहीं आती हैं, लेकिन उसका मूल फल में दिखाई देता हैं, फुल में दिखाई देती हैं, वृक्षों की जड़ सिंची जाती हैं, मेरा कहने से बंधन होता हैं, मनुष्य को सदैव अपने दायित्व और कर्तव्य याद रखना चाहिए।
– स्वामी ज्ञानानन्द जी तीर्थ के श्रीमुख से बहेगी धर्म की गंगा
जावरा। धर्म के क्षैत्र में सत्कर्म चाहिए और कर्म के क्षैत्र में भी धर्म अनिवार्य हैं। धर्म के बगैर इंसान का कोई ओचित्य नहीं हैं, धर्म से ही मनुष्य हैं, यह समाज हैं। वृक्षों की जड़ दृष्टि में नहीं आती हैं, लेकिन उसका मूल फल में दिखाई देता हैं, फुल में दिखाई देती हैं, वृक्षों की जड़ सिंची जाती हैं, मेरा कहने से बंधन होता हैं, मनुष्य को सदैव अपने दायित्व और कर्तव्य याद रखना चाहिए।
https://youtu.be/dqVTY-K79S4?si=3z2cnOrHbUMhANPC
यह बात श्री गीता भवन ट्रस्ट जावरा द्वारा श्री गीता जयंती महामहोत्सव के उपलक्ष्य में सात दिवसीय श्रीमद भागवत ज्ञान गंगा कथा का रसपान करवाते हुए जगतगुरु शंकराचार्य स्वामी ज्ञानानन्दजी तीर्थ ने कहीं। शंकराचार्य जी ने कहा कि सबसे बड़ा भय इंसान को मृत्यु का होता हैं, भय की आखरी सीमा मृत्यु होती हैं। जीवों के प्रति अहमता और ममता दो पक्ष होते हैं। गीता भवन जावरा यह पावन देवालय परिसर जिनके धर्म, कर्म, निष्ठा से यह गीता भवन स्थापित हुआ हैं, उन सभी महानुभावों को वाणी के पूष्प से वाकपुष्पांजलि अर्पित करते हैं। दिवंगत बंशीजी महाराज जावरा के इस गीता भवन में मरकर भी अमर हो गए। प्रारंभ से लेकर अब तक सभी पदाधिकारियों और ट्रस्टियों को शंकराचार्य जी ने मंच से साधुवाद दिया।
विधायक डॉ पाण्डेय ने सिर पर उठाई पौथी –
सोमवार को सात दिवसीय कथा के पहले दिन शुभारंभ से पहले ट्रस्ट अध्यक्ष एवं विधायक डॉ राजेन्द्र पाण्डेय और समाजसेवी भगवानदास बैरागी मिर्ची वाले ने राधा कृष्ण मंदिर परिसर से पौथी को सिर पर उठाकर पुरे पांडाल का भ्रमण कर श्रीमद् भगवत गीता पौथी को व्यासपीठ पर विराजीत किया। सात दिवसीय संगीतमय श्रीमद् भागवत कथा में प्रतिदिन दोपहर 1 बजे से शाम 5 बजे तक कथा का रसपान शंकराचार्य जी द्वारा करवाया जाएगा, शाम को आरती के बाद प्रसादी वितरित की जाएगी।
इन्होने लिया पौथी पूजन व आरती का लाभ –
सात दिवसीय कथा के पहले दिन पौथी पूजन का लाभ ट्रस्ट अध्यक्ष डॉ राजेन्द्र पाण्डेय और समाजसेवी भगवानदास बैरागी (मिर्ची वाले) ने लिया। शाम को आरती का लाभ एडवोकेट धर्मेन्द्रसिंह सिसौदिया, पुखराज सोनगरा, मनीष त्रिवेदी, बालाराम पाटीदार ने लिया। आरती के बाद भक्तों को प्रसादी वितरित की गई। संत सेवा का जिम्मा दशरथ कसानिया, मनोहर पांचाल, जगदीश कुमावत, दिलीप हेमावत, विनोद अग्रवाल, मनोहरसिंह चौहान को दिया गया हैं।
85 सालों से निर्बाध रुप से जारी हैं आयोजन –
श्री गीता भवन ट्रस्ट द्वारा लगातार 85 वर्ष से यह आयोजन निर्बाध रूप से किया जा रहा है। इसी तारतम्य में सालों की परंपरा को बरकरार रखते हुए इस बार भी समिति महोत्सव का आयोजन कर रही है। समिति के अध्यक्ष डॉ.राजेन्द्र पाण्डेय, सचिव अशोक सेठिया, कोषाध्यक्ष राजेन्द्र गर्ग, गीता जयंती महोत्सव संयोजक आईपी त्रिवेदी (एडवोकेट), सह-संयोजक कैलाश नारायण विजयवर्गीय, आयोजन समिति सदस्य हरिनारायण अरोड़ा, प्रदीपसिंह सोलंकी, डॉ. शैलेन्द्र पाण्डेय, मोहन पटेल, राजेन्द्र श्रोत्रिय, गायत्रीप्रसाद मंडलोई, संरक्षक देवी शरण शर्मा, चिमनलाल गर्ग, ट्रस्टी प्रकाशचन्द मेहरा, दीनदयाल पाटीदार, बालाराम पाटीदार, केएल स्वर्णकार, प्रकाशचन्द्र खण्डेलवाल, तेजराम मांगरोदा, डॉ शैलेन्द्र पाण्डेय, अर्पित सेठिया, आनंद गर्ग आदि ने क्षेत्र की धर्मप्रेमी जनता से अधिक से अधिक की संख्या में यहां पहुंचकर धर्मलाभ लेने की अपील की है।
विधायक डॉ पाण्डेय ने सिर पर उठाई पौथी –
सोमवार को सात दिवसीय कथा के पहले दिन शुभारंभ से पहले ट्रस्ट अध्यक्ष एवं विधायक डॉ राजेन्द्र पाण्डेय और समाजसेवी भगवानदास बैरागी मिर्ची वाले ने राधा कृष्ण मंदिर परिसर से पौथी को सिर पर उठाकर पुरे पांडाल का भ्रमण कर श्रीमद् भगवत गीता पौथी को व्यासपीठ पर विराजीत किया। सात दिवसीय संगीतमय श्रीमद् भागवत कथा में प्रतिदिन दोपहर 1 बजे से शाम 5 बजे तक कथा का रसपान शंकराचार्य जी द्वारा करवाया जाएगा, शाम को आरती के बाद प्रसादी वितरित की जाएगी।
इन्होने लिया पौथी पूजन व आरती का लाभ –सात दिवसीय कथा के पहले दिन पौथी पूजन का लाभ ट्रस्ट अध्यक्ष डॉ राजेन्द्र पाण्डेय और समाजसेवी भगवानदास बैरागी (मिर्ची वाले) ने लिया। शाम को आरती का लाभ एडवोकेट धर्मेन्द्रसिंह सिसौदिया, पुखराज सोनगरा, मनीष त्रिवेदी, बालाराम पाटीदार ने लिया। आरती के बाद भक्तों को प्रसादी वितरित की गई। संत सेवा का जिम्मा दशरथ कसानिया, मनोहर पांचाल, जगदीश कुमावत, दिलीप हेमावत, विनोद अग्रवाल, मनोहरसिंह चौहान को दिया गया हैं।
85 सालों से निर्बाध रुप से जारी हैं आयोजन –श्री गीता भवन ट्रस्ट द्वारा लगातार 85 वर्ष से यह आयोजन निर्बाध रूप से किया जा रहा है। इसी तारतम्य में सालों की परंपरा को बरकरार रखते हुए इस बार भी समिति महोत्सव का आयोजन कर रही है। समिति के अध्यक्ष डॉ.राजेन्द्र पाण्डेय, सचिव अशोक सेठिया, कोषाध्यक्ष राजेन्द्र गर्ग, गीता जयंती महोत्सव संयोजक आईपी त्रिवेदी (एडवोकेट), सह-संयोजक कैलाश नारायण विजयवर्गीय, आयोजन समिति सदस्य हरिनारायण अरोड़ा, प्रदीपसिंह सोलंकी, डॉ. शैलेन्द्र पाण्डेय, मोहन पटेल, राजेन्द्र श्रोत्रिय, गायत्रीप्रसाद मंडलोई, संरक्षक देवी शरण शर्मा, चिमनलाल गर्ग, ट्रस्टी प्रकाशचन्द मेहरा, दीनदयाल पाटीदार, बालाराम पाटीदार, केएल स्वर्णकार, प्रकाशचन्द्र खण्डेलवाल, तेजराम मांगरोदा, डॉ शैलेन्द्र पाण्डेय, अर्पित सेठिया, आनंद गर्ग आदि ने क्षेत्र की धर्मप्रेमी जनता से अधिक से अधिक की संख्या में यहां पहुंचकर धर्मलाभ लेने की अपील की है।

