– 6 महीने से कर रहा था पीछा, परिवार के सामने ही पकड़ा हाथ, कोर्ट ने दिखाई सख्ती
जावरा। भाई बनकर बात करने के बाद बुरी नियत से छेड़छाड़ और लगातार पीछा कर परेशान करने वाले आरोपी को विशेष न्यायालय पॉक्सो एक्ट जावरा ने सख्त सजा सुनाई है। न्यायालय ने आरोपी को 03 वर्ष के कठोर कारावास एवं अर्थदंड से दंडित किया है।
विशेष न्यायालय पॉक्सो एक्ट, जावरा के न्यायाधीश परमानंद चौहान ने मामले में सुनवाई करते हुए आरोपी विजेश पिता हिरालाल कुमावत (उम्र 21 वर्ष) निवासी मावता को दोषी पाते हुए उक्त सजा से दण्डित किया हैं।
क्या था मामला –
अभियोक्त्री कक्षा 12 की छात्रा ने रिपोर्ट में बताया कि आरोपी पिछले करीब 6 महीनों से उसे परेशान कर रहा था। पहले भाई बनकर बात करता था, बाद में गलत इरादे रखने लगा स्कूल आते-जाते पीछा करता था। जबरन बात करने का दबाव बनाता था। मोबाइल देकर संपर्क बनाए रखने की कोशिश की, परिवार द्वारा कई बार समझाने के बावजूद आरोपी नहीं माना। हद तब हो गई जब लड़की के परिजनों ने आरोपी को घर बुलाकर समझाया, तब भी उसने सबके सामने ही बुरी नीयत से उसका हाथ पकड़ लिया। विरोध होने पर आरोपी मौके से फरार हो गया।
कालूखेड़ा थाने पर दर्ज हुआ प्रकरण –
युवति व परिजनों की रिपोर्ट पर थाना कालुखेड़ा में रिपोर्ट दर्ज कर आरोपी के विरूद्ध पुलिस ने धारा 354, 354डी, 509, 506 भादवि तथा पॉक्सों एक्ट की धारा 7/8 के तहत प्रकरण दर्ज किया। जांच के बाद आरोपी के खिलाफ न्यायालय में चालान पेश किया गया।
कोर्ट ने दी ये सजा –
साक्ष्यों के आधार पर न्यायालय ने आरोपी को दोषी पाते हुए धारा 7/8 पॉक्सो एक्ट के तहत 03 वर्ष सश्रम कारावास और 2000 अर्थदंड, धारा 354 भादवि में 01 वर्ष सश्रम कारावास और 1000 के अर्थदंड तथा धारा 11/12 पॉक्सो एक्ट के तहत 01 वर्ष सश्रम कारावास और 1000 अर्थदंड से दण्डित किया हैं। मामले में शासन की ओर से विशेष लोक अभियोजक विजय कुमार पारस ने पैरवी की।
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