जावरा। जैन दादावाड़ी से आचार्यश्री विजयराजी एवं संत मंडल का मंगल प्रवेश हुआ, मंगल प्रवेश में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने भाग लिया। चल समारोह प्रमुख मार्गो से होता रंगरेज गली दिवाकर भवन पहुंचकर धर्मसभा में परिवर्तित हुआ। जहां आचार्यश्री विजयराजजी ने कहा संत को भक्ति चाहिए एवं सांसारिक लोगो को शक्ति। मानव मात्र की चाह होती है कि मुझे धन रुपी शक्ति प्राप्त हो, पैसे को प्राप्त करने के लिए आज व्यक्ति अपनी पूरी शक्ति लगा देता है। वर्तमान समय में पैसा अपने आप में बहुत बड़ी शक्ति है, सांसारिक लोगों की हर समय यही चाह रहती है कि मुझे पैसा कमाना है अधिक से अधिक धन इकठ्ठा करना है।

ज्ञानीजन ने शक्ति को पाने के लिए एक फार्मूला दिया है वह है भक्ति का , भक्ति से शक्ति प्राप्त होगी फिर कभी विपत्ति नहीं आएगी। देव गुरु एवं धर्म की भक्ति करने से आपका धन बढ़ता है, आपकी शक्ति बढ़ती है एवं विपत्तियां कटती है। आज आपको जो धन प्राप्त है वह पूर्व जन्मों के भक्ति का ही फल है कि आप धनवान है। धर्मसभा को साधु श्रेष्ठ पारसमुनिजी मसा ने भी संबोधित किया। धर्म सभा का संचालन महावीर छाजेड़, ललित भंडारी ने किया। आज की प्रभावना का लाभ सुशील कुमार, विजय कुमार कोचट्टा, शांतिलाल कावडिय़ा एवं गुप्त दानदाता परिवार ने लिया। स्वामी भक्ति का लाभ शांत क्रांति संघ ने लिया।



