– जीवनसिंह शेरपुर का आरोप : राजनीतिक दबाव में निर्दोष ठेकेदार पर कार्रवाई, रिंगनोद थाने के बाहर रातभर धरना
– आयुष का कसूर सिर्फ इतना कि उसने जीवनसिंह का साथ दिया
जावरा। जिले में खनिज विभाग की कार्रवाई को लेकर विवाद लगातार गहराता जा रहा है। ठेकेदार आयुष शर्मा के खिलाफ की गई कार्रवाई के विरोध में जीवनसिंह शेरपुर ने बड़ा आंदोलन छेड़ दिया है। उन्होंने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि खनिज विभाग की कथित गलत कार्रवाई वापस नहीं ली गई तो 17 मार्च को बड़ी संख्या में समर्थकों के साथ कलेक्टर कार्यालय का घेराव किया जाएगा।
जीवनसिंह शेरपुर ने कहा कि इस आंदोलन में खनिज विभाग की मनमानी के साथ-साथ गौचर भूमि पर चल रहे अवैध ईंट भट्टों के खिलाफ भी जोरदार प्रदर्शन किया जाएगा। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रशासन सब कुछ जानते हुए भी कार्रवाई करने से बच रहा है।
रिंगनोद थाने के बाहर रातभर धरना –
खनिज विभाग की कार्रवाई की सूचना मिलते ही जीवनसिंह शेरपुर अपने समर्थकों के साथ रिंगनोद पुलिस थाने पहुंच गए, जहां अधिकारियों से तीखी बहस के बाद उन्होंने थाने के बाहर ही धरना शुरू कर दिया। सोमवार रात से शुरू हुआ यह धरना पूरी रात चलता रहा और मंगलवार दोपहर 4 बजे तक चला। समर्थकों में बढ़ते आक्रोश को देखते हुए क्षेत्र में माहौल गर्म बना हुआ है।
खाली डंपर को मुरम से भरा बताकर जब्ती का आरोप –
जानकारी के अनुसार सोमवार सुबह खनिज विभाग ने ठेकेदार आयुष शर्मा की साइट पर अवैध खनन की शिकायत के आधार पर कार्रवाई करते हुए दो डंपर जब्त कर लिए और उन्हें रिंगनोद थाने पर खड़ा करवा दिया। आरोप है कि ये दोनों डंपर खाली थे, लेकिन खनिज विभाग के अधिकारियों ने उन्हें मुरम से भरा हुआ बताकर जब्त कर लिया। आश्चर्य की बात यह भी रही कि पुलिस ने भी बिना जांच-पड़ताल किए ही इन डंपरों को भरे होने की स्थिति में थाने में रिसीव कर लिया।
ऊपर से दबाव था: अधिकारियों का कथित जवाब –
जब जीवनसिंह शेरपुर ने खनिज विभाग के अधिकारियों से कार्रवाई का कारण पूछा तो बताया जा रहा है कि उन्होंने ऊपर से दबाव होने की बात कही। हालांकि जब उनसे यह पूछा गया कि शिकायत किसने की और किस नेता के दबाव में कार्रवाई की गई, तो मौके पर मौजूद अधिकारी कोई स्पष्ट जवाब नहीं दे पाए।
फेसबुक लाइव में लगाए गंभीर आरोप –
धरने के दौरान मंगलवार की शाम 4 बजे जीवनसिंह शेरपुर ने फेसबुक लाइव के माध्यम से पूरे मामले को सार्वजनिक करते हुए खनिज विभाग और सत्ताधारी नेताओं पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि जिले में कई भाजपा नेताओं के अवैध खनन खुलेआम चल रहे हैं, लेकिन उन पर कोई कार्रवाई नहीं होती। उनका आरोप है कि यदि कभी कार्रवाई होती भी है तो महज 100 या 200 रुपये का जुर्माना लगाकर मामला खत्म कर दिया जाता है, जबकि छोटे ठेकेदारों को निशाना बनाया जाता है।
आयुष का कसूर सिर्फ इतना कि उसने हमारा साथ दिया –
जीवनसिंह शेरपुर ने कहा कि ठेकेदार आयुष शर्मा पूरी तरह निर्दोष है और उसके खिलाफ की गई कार्रवाई राजनीतिक द्वेष से प्रेरित है। उनका कहना है कि आयुष का कसूर सिर्फ इतना है कि 2023 के विधानसभा चुनाव में उसने निर्दलीय चुनाव लड़ा और भाजपा का साथ छोड़कर जीवनसिंह का समर्थन किया था। जीवनसिंह ने आरोप लगाया कि यदि कोई व्यक्ति भाजपा के साथ नहीं होता, तो उसे इस तरह की कार्रवाई का सामना करना पड़ता है।
अनुमति और रसीद दिखाने के बाद भी कार्रवाई –
मामले में ठेकेदार आयुष शर्मा ने खनिज विभाग को माइनिंग से संबंधित वैध अनुमति और रसीदें भी दिखाई, लेकिन इसके बावजूद विभाग ने कार्रवाई कर दी। इससे यह सवाल उठने लगे हैं कि आखिर जब सभी दस्तावेज मौजूद थे तो फिर इतनी जल्दबाजी में कार्रवाई क्यों की गई।
बड़े आंदोलन की चेतावनी –
जीवनसिंह शेरपुर ने कहा कि यदि प्रशासन ने जल्द ही मामले में निष्पक्ष जांच कर कार्रवाई वापस नहीं ली तो 17 मार्च को कलेक्टर कार्यालय का घेराव कर बड़ा जनआंदोलन किया जाएगा। उन्होंने कहा कि इस आंदोलन में खनिज विभाग की कथित मनमानी, अवैध खनन और गौचर भूमि पर चल रहे अवैध ईंट भट्टों के मुद्दे को भी जोरदार तरीके से उठाया जाएगा। जीवनसिंह ने साफ शब्दों में कहा कि यदि प्रशासन ने कार्रवाई नहीं की तो जिले में खनिज विभाग के खिलाफ बड़ा आंदोलन खड़ा होगा, जिसकी पूरी जिम्मेदारी प्रशासन की होगी।
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