– स्थायी बिजली कनेक्शन के लिए मांगी थी 20 हजार की रिश्वत
धार/बदनावर। मध्यप्रदेश के धार जिले के बदनावर में लोकायुक्त पुलिस इंदौर की टीम ने बिजली कंपनी के एक लाइन परिचालक को 4,000 की कथित रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों पकड़ा है। आरोपी पर अस्थायी विद्युत कनेक्शन को स्थायी करवाने के एवज में 20,000 की रिश्वत मांगने का आरोप है। लोकायुक्त पुलिस ने आरोपी के विरुद्ध भ्रष्टाचार निवारण संशोधन अधिनियम, 2018 की धारा 7 के तहत प्रकरण दर्ज किया है।
स्थायी बिजली कनेक्शन के लिए मांगी थी 20 हजार की रिश्वत –
लोकायुक्त पुलिस से प्राप्त जानकारी के अनुसार, शिकायतकर्ता राजेश दास निवासी ग्राम बालोदा माझी, तहसील बदनावर, जिला धार ने 22 अक्टूबर 2026 को लोकायुक्त कार्यालय इंदौर में शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत में बताया गया कि उनके पिता के नाम पर अस्थायी विद्युत कनेक्शन था, जिसे स्थायी करवाने के लिए आवश्यक दस्तावेजों के साथ आवेदन लाइन परिचालक सौरभ कुमार जैन को दिया गया था। आरोप है कि इस कार्य को करने के बदले लाइन परिचालक ने करीब तीन महीने पहले 20,000 की रिश्वत मांगी थी। शिकायतकर्ता के अनुसार, आरोपी पहले ही 10,000 नकद और 5,000 ऑनलाइन प्राप्त कर चुका था। शेष राशि में से 4,000 की मांग किए जाने पर शिकायतकर्ता ने लोकायुक्त पुलिस से संपर्क किया।
शिकायत के सत्यापन के बाद बिछाया जाल –
शिकायत मिलने के बाद लोकायुक्त पुलिस अधीक्षक राजेश सहाय के निर्देश पर शिकायत का सत्यापन कराया गया। इसके बाद 23 अक्टूबर 2026 को निरीक्षक सचिन पटेरिया के नेतृत्व में टीम गठित कर ट्रैप कार्रवाई की गई। लोकायुक्त पुलिस की टीम ने मध्यप्रदेश पश्चिम क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी लिमिटेड के बदनावर ग्रामीण कार्यालय में कार्रवाई करते हुए आरोपी सौरभ कुमार जैन को शिकायतकर्ता से 4,000 लेते हुए रंगे हाथों पकड़ा।
निरीक्षक सचिन पटेरिया के नेतृत्व में हुई कार्रवाई –
यह कार्रवाई लोकायुक्त पुलिस इंदौर के पुलिस अधीक्षक राजेश सहाय के मार्गदर्शन में की गई। ट्रैप टीम में निरीक्षक सचिन पटेरिया, प्रधान आरक्षक विवेक मिश्रा तथा आरक्षक आदित्य सिंह भदौरिया, पवन पटोरिया, सतीश यादव और कृष्ण अहिरवार शामिल रहे। लोकायुक्त पुलिस के अनुसार, आरोपी के विरुद्ध भ्रष्टाचार निवारण संशोधन अधिनियम, 2018 की धारा 7 के तहत प्रकरण पंजीबद्ध किया गया है। मामले में आगे की कार्रवाई जारी है। लोकायुक्त पुलिस की अपील: किसी भी अधिकारी या कर्मचारी द्वारा रिश्वत मांगे जाने पर नागरिक लोकायुक्त पुलिस से शिकायत कर सकते हैं।
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