– वादों के जाल में फंसे रहवासी, कॉलोनाइजऱ का साफ इनकार—’कोर्ट का फैसला आए बिना एक ईंट भी नहीं रखूंगाÓ
जावरा। शहर के पिपलौदा रोड़ पर स्थित अंबिका सिटी होम कॉलोनी के रहवासी बीते करीब 18 वर्षों से मूलभूत सुविधाओं के अभाव में जीवन जीने को मजबूर हैं। वर्ष 2006-07 में कॉलोनी विकसित किए जाने के नाम पर प्लॉट और मकान बेचे गए, लेकिन आज तक न तो कॉलोनी का विकास हुआ और न ही रहवासियों को वे सुविधाएं मिल सकीं, जिनका वादा बिक्री के समय किया गया था। वादा पुरा न होने पर रहवासियों ने जिला कलेक्टर का दरवाजा खटखटाया हैं।
जिला कलेक्टर को जनसुनवाई के दौरान सौंपे पत्र में कॉलोनीवासियों ने आरोप लगाया है कि कॉलोनाइजऱ कन्हैयालाल पाटीदार द्वारा वैध टी.एन.सी.पी. प्लानिंग, स्वीकृत नक्शे और सभी आवश्यक अनुमतियों का भरोसा दिलाकर प्लॉट/मकान बेचे गए। इन्हीं आश्वासनों के आधार पर लोगों ने जीवनभर की पूंजी लगाकर यहां निर्माण कराया और बस गए, लेकिन बाद में उन्हें सच्चाई का सामना करना पड़ा। रहवासियों के अनुसार प्लॉट बिक्री के समय 20 फीट चौड़ी सड़क, पेयजल व्यवस्था, गार्डन, ड्रेनेज व नाली निकासी सहित अन्य मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराने का वादा किया गया था। स्थिति यह है कि आज तक कॉलोनी में न पक्की सड़क है, न समुचित पानी की व्यवस्था और न ही जलनिकासी की कोई सुविधा। बरसात के दिनों में सड़कों की जगह कीचड़ और गड्ढे रह जाते हैं, जिससे आवागमन भी मुश्किल हो जाता है।
शिकायत के बाद भी मामले ठंडे बस्ते में –
कॉलोनीवासियों ने यह भी आरोप लगाया कि जिसे कॉलोनी का गार्डन बताया गया था, वहां भी बाद में प्लॉट काटकर बेच दिए गए। इस संबंध में कई बार प्रशासन और नगरीय निकाय को शिकायतें दी गईं, लेकिन हर बार मामला ठंडे बस्ते में डाल दिया गया। रहवासियों का कहना है कि जब भी कॉलोनाइजऱ के खिलाफ आवाज उठाई गई, तो उन्हें फर्जी पुलिस रिपोर्ट और झूठे मामलों में फंसाने की धमकियां दी गईं, जिससे लोग भय और असुरक्षा के माहौल में जीने को विवश हैं। लंबे समय से समस्या का कोई समाधान न होने से आक्रोशित कॉलोनीवासियों ने अब जिला प्रशासन का दरवाजा खटखटाया है। उन्होंने जिलाधिकारी रतलाम से मांग की है कि कॉलोनाइजऱ के खिलाफ सख्त कार्रवाई करते हुए कॉलोनी में शीघ्र मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं, ताकि वर्षों से उपेक्षा झेल रहे रहवासी सम्मानपूर्वक और सुरक्षित जीवन जी सकें।
कॉलोनाइजऱ की दो टूक : फैसला नहीं आने तक नहीं करुंगा काम –
इस पूरे मामले पर कॉलोनाइजऱ कन्हैयालाल पाटीदार का बयान भी सामने आया है। उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा है कि कॉलोनी के गार्डन और विकास कार्यों से जुड़ा मामला न्यायालय में लंबित है। पाटीदार के अनुसार कॉलोनी की जमीन में जो पार्टनर थे, उनके खिलाफ न्यायालय में धारा 420, 409, 406, 341 तथा 120 बी के तहत फोजदारी व सिविल मामला विचाराधीन हैं। कॉलोनाइजऱ के शब्दों में जब तक न्यायालय का कोई निर्णय नहीं आ जाता, तब तक मैं कोई विकास कार्य नहीं करूंगा, न्यायालय का जो भी निर्णय आएगा अक्षरश: पालन किया जाएगा।
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