– महावीर जैन नेशनल स्कूल की अमृता कुंवर, पूर्वा परिहार और रिद्धि शर्मा 3 अक्टूबर को देवास में करेंगी संभाग का प्रतिनिधित्व
जावरा। महावीर जैन नेशनल स्कूल, जावरा की तीन प्रतिभाशाली छात्राओं ने खो-खो के मैदान में शानदार उपलब्धि हासिल की है। विद्यालय की अमृता कुंवर, पूर्वा परिहार और रिद्धि शर्मा का चयन संभाग स्तरीय खो-खो चैंपियनशिप के लिए हुआ है। तीनों खिलाड़ी 3 अक्टूबर को देवास में आयोजित होने वाली प्रतियोगिता में अपने संभाग का प्रतिनिधित्व करेंगी। तीनों छात्राओं के चयन से विद्यालय परिवार में उत्साह का माहौल है। छात्राओं ने नियमित अभ्यास, मेहनत और समर्पण के दम पर यह उपलब्धि हासिल की है। अब उनकी नजर देवास में होने वाली संभाग स्तरीय प्रतियोगिता में बेहतर प्रदर्शन करने पर है।
प्राचार्य ने दी शुभकामनाएं –
विद्यालय के प्राचार्य डॉ. अश्विन गंगवाल ने अमृता कुंवर, पूर्वा परिहार और रिद्धि शर्मा को इस उपलब्धि पर बधाई देते हुए आगामी प्रतियोगिता के लिए शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि विद्यालय शिक्षा के साथ-साथ खेल गतिविधियों को भी विशेष महत्व देता है और विद्यार्थियों को अपनी प्रतिभा निखारने के लिए बेहतर सुविधाएं एवं प्रशिक्षित कोच उपलब्ध कराने का प्रयास करता है। उन्होंने उम्मीद जताई कि तीनों छात्राएं देवास में उत्कृष्ट प्रदर्शन करेंगी और आगे राज्य स्तर की प्रतियोगिता तक पहुंचकर विद्यालय एवं क्षेत्र का नाम रोशन करेंगी।

खेलों से व्यक्तित्व विकास पर जोर –
महावीर जैन नेशनल स्कूल में विद्यार्थियों के शारीरिक विकास के साथ-साथ टीम भावना, अनुशासन और नेतृत्व क्षमता विकसित करने के लिए खेल गतिविधियों को प्रोत्साहित किया जाता है। विद्यालय के अनुसार, प्रतिवर्ष अनेक छात्र-छात्राएं विभिन्न खेल प्रतियोगिताओं में भाग लेकर अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन कर रहे हैं। खो-खो जैसी पारंपरिक भारतीय खेल प्रतियोगिता में छात्राओं का संभाग स्तर पर चयन विद्यालय में खेलों को मिल रहे प्रोत्साहन को भी दर्शाता है।
राज्य स्तर पर चयन का भी अवसर –
संभाग स्तरीय प्रतियोगिता में तीनों छात्राओं के प्रदर्शन पर आगे की राह तय होगी। बेहतर प्रदर्शन करने पर उन्हें राज्य स्तरीय खो-खो चैंपियनशिप के लिए चयन का अवसर मिल सकता है। विद्यालय प्रबंधन, शिक्षकों और अभिभावकों ने तीनों खिलाडिय़ों को शुभकामनाएं देते हुए उनके उज्ज्वल प्रदर्शन की कामना की है। अमृता कुंवर, पूर्वा परिहार और रिद्धि शर्मा की यह उपलब्धि विद्यालय के अन्य विद्यार्थियों के लिए भी प्रेरणा बनी है।

