– उप निरीक्षक रघुवीर जोशी को अति विशिष्ट, प्रधान आरक्षक मनमोहन शर्मा को विशिष्ट श्रेणी में सम्मान
रतलाम। उत्कृष्ट एवं उल्लेखनीय पुलिसिंग के लिए रतलाम जिले के दो पुलिसकर्मियों का चयन प्रतिष्ठित के.एफ. रुस्तमजी पुरस्कार 2025 के लिए हुआ है। उप निरीक्षक रघुवीर जोशी को अति विशिष्ट श्रेणी और प्रधान आरक्षक मनमोहन शर्मा को विशिष्ट श्रेणी में सम्मानित किया जाएगा। पुलिस मुख्यालय भोपाल द्वारा वर्ष 2024-25 के लिए प्रदेश के कुल 33 पुलिस अधिकारियों एवं कर्मचारियों का चयन किया गया है।
शंकर मंदिर मामले में प्रभावी पुलिस प्रबंधन के लिए रघुवीर जोशी सम्मानित –
थाना जावरा के उप निरीक्षक रघुवीर जोशी को अति विशिष्ट श्रेणी में 12 बोर गन एवं प्रशस्ति प्रमाण पत्र प्रदान किया जाएगा। वर्ष 2024 में जावरा शहर के शंकर मंदिर में गोवंश का सिर मिलने के बाद उत्पन्न तनावपूर्ण कानून-व्यवस्था की स्थिति को तत्काल एवं प्रभावी पुलिस प्रबंधन के जरिए नियंत्रित करने में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका रही थी।
तकनीकी जांच में मनमोहन शर्मा का उल्लेखनीय योगदान –
सायबर सेल रतलाम में पदस्थ प्रधान आरक्षक 725 मनमोहन शर्मा को विशिष्ट श्रेणी में 50 हजार एवं प्रशस्ति प्रमाण पत्र दिया जाएगा। करीब 25 वर्ष के सेवाकाल में उन्होंने तकनीकी विश्लेषण और ओपन सोर्स तकनीक के जरिए कई जटिल अपराधों के खुलासे में महत्वपूर्ण योगदान दिया। उनके योगदान से अंधे कत्ल, अपहरण, चोरी, साइबर ठगी और मादक पदार्थों से जुड़े कई मामलों में आरोपियों तक पहुंचने में पुलिस को मदद मिली।
कई गंभीर मामलों के खुलासे में तकनीकी भूमिका –
कालूखेड़ा में मासूम बच्ची के अपहरण-हत्या, रिंगनोद में अज्ञात युवती की हत्या, औद्योगिक क्षेत्र रतलाम में रचना उपाध्याय हत्याकांड, रावटी में महिला की हत्या, डीडी नगर में करीब ?65 लाख की चोरी और आलोट में ?7.11 लाख की ऑनलाइन ठगी के मामलों में तकनीकी विश्लेषण के माध्यम से आरोपियों तक पहुंचने में उनका योगदान रहा।
एमडी ड्रग्स नेटवर्क पर कार्रवाई में भी योगदान –
रतलाम जिले में एमडी के खिलाफ कार्रवाई के दौरान 26 प्रकरणों में 73 आरोपियों की गिरफ्तारी और करीब 4.10 करोड़ मूल्य की 4.262 किलोग्राम एमडी जब्ती में भी प्रधान आरक्षक शर्मा की तकनीकी भूमिका बताई गई है।
ऑपरेशन मुस्कान में 158 नाबालिग दस्तयाब –
जावरा औद्योगिक क्षेत्र में अपहृत दो मासूम बच्चों को 24 घंटे के भीतर सुरक्षित बरामद कराने और सात आरोपियों की गिरफ्तारी में भी उनका तकनीकी सहयोग रहा। वहीं ऑपरेशन मुस्कान के तहत जिले में 158 गुमशुदा नाबालिगों को दस्तयाब कराने में भी उन्होंने योगदान दिया।
25 साल में 423 बार मिला सम्मान –
प्रधान आरक्षक मनमोहन शर्मा को करीब 25 वर्ष के सेवाकाल में अब तक 423 प्रशंसा/नगद पुरस्कार मिल चुके हैं। इनमें 284 नगद पुरस्कार, जिनकी कुल राशि 1,71,440 है, शामिल हैं।
एसपी अमित कुमार ने दी बधाई –
पुलिस अधीक्षक अमित कुमार ने दोनों पुलिसकर्मियों को के.एफ. रुस्तमजी पुरस्कार के लिए चयनित होने पर बधाई एवं शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि उत्कृष्ट कार्यों के लिए राज्य स्तर पर प्रतिष्ठित सम्मान मिलना संबंधित पुलिसकर्मियों के साथ-साथ पूरे रतलाम पुलिस परिवार के लिए गौरव और प्रेरणा का विषय है।
Subscribe to Updates
Get the latest creative news from FooBar about art, design and business.

