– जावरा में जरूरतमंदों तक आधी रात को पहुँची सेवा, बिना नाम-गौरव के ओढ़ाए कंबल
जावरा। ठिठुरती सर्द रातें … सुनसान सड़कें …. और उन पर खुले आसमान के नीचे कंपकंपाते लोग। ऐसे कठिन समय में जावरा के जैन सोशल ग्रुप मेन ने शहर में मानवता की ऐसी मिसाल पेश की है, जो दिल को छू लेने वाली है। संस्था द्वारा शुरू की गई ‘रात्रि कंबल सेवाÓ पहल ने जरूरतमंदों के लिए गर्माहट ही नहीं, बल्कि सम्मान और संवेदना का एहसास भी दिया है।
सेवा का असली रूप वही, जहाँ ‘मैं’ का अभाव हो — अशोक चोपड़ा
अकेला हनुमान मंदिर, शुगर मिल परिसर में आयोजित पारिवारिक सभा और मैत्री मिलन समारोह में संस्था के अध्यक्ष अशोक चोपड़ा ने कहा—मनुष्य अपने परिवार के लिए तो सब करता है, लेकिन जो अपना जीवन परमार्थ और मानव सेवा में लगाता है, वही वास्तव में जीवन को सार्थक बनाता है। उन्होंने आगे कहा कि जरूरतमंदों की सहायता करना महान पुण्य है, परंतु सेवा तभी सेवा है जब उसमें दिखावा और अहंकार न हो।
गोपनीय ‘कंबल सेवा’ अभियान शुरू, रात में स्वयं जाकर ओढ़ाएँगे कंबल –
तेजी से बढ़ती ठंड और गरीबों की कठोर स्थितियों को देखते हुए संस्था ने आज से रात्रि कंबल सेवा अभियान प्रारंभ किया। इस अभियान में सदस्य रात में शहर के विभिन्न स्थानों स्टेशन रोड, बस स्टैंड, स्टेशन चौराहा, पॉलिटेक्निक चौराहा पर जाकर खुले में सोने को मजबूर गरीबों को स्वयं कंबल ओढ़ाएँगे। इस सेवा की सबसे प्रेरक बात यह है कि कंबल लेने वाले को यह तक मालूम नहीं होगा कि उसे कंबल किसने दिया। पूरी सेवा भावना गोपनीय और पूरी तरह निस्वार्थ रहेगी। घोषणा होते ही सभा में उपस्थित करीब 25 सदस्यों ने पाँच-पाँच कंबल देने का संकल्प लिया और तय किया कि यह सेवा पूरे तीन माह तक निरंतर चलेगी।
मानवता की पहल अभिनंदनीय –
मुख्य अतिथि मनोहरलाल चपडोद ने कहा कि मानव सेवा की यह भावना समाज को नई दिशा देने वाली है। जैन सोशल ग्रुप मेन की कंबल योजना जरूरतमंदों के लिए रात की सबसे बड़ी राहत है। विशेष अतिथि दिनेश पोखरना ने प्रशंसा करते हुए कहा सेवा कार्यों के बारे में पढ़ा था, लेकिन आज उन्हें निकट से देखकर मन प्रसन्न हो गया। रात में गरीबों को स्वयं कंबल ओढ़ाने की यह पहल अनुकरणीय है। रीजन पूर्व अध्यक्ष धर्मचंद चपडोद ने अध्यक्ष अशोक चोपड़ा व पूरी टीम को बधाई देते हुए कहा कि संस्था ने सेवा को एक नई ऊँचाई दी है। रीजन पीआरओ प्रदीप सेठिया ने भी निरंतर चल रही सेवा गतिविधियों की सराहना की।
कार्यक्रम की शुरुआत, स्वागत और सम्मान –
कार्यक्रम की शुरुआत हनुमानजी की प्रतिमा पर माल्यार्पण से हुई। अतिथियों का स्वागत अशोक चोपड़ा, कनेश मेहता, विमल सिसोदिया, अशोक डूंगरवाल और प्रदीप सिसोदिया द्वारा किया गया। संस्था ने इस दौरान महेंद्र कोलन, सुजानमल कोचट्टा, अशोक ओरा, विमल सिसोदिया, संजय मेहता और अनिल चपडोद का पुष्पमालाओं से सम्मान भी किया। संचालन सुभाष डूंगरवाल ने किया और आभार अशोक डूंगरवाल ने व्यक्त किया।
रात में ही सेवा का पहला कदम, स्टेशन रोड पर वृद्धजनों को ओढ़ाए कंबल –
दिन में निर्णय हुआ और रात होते ही अध्यक्ष अशोक चोपड़ा अपनी टीम के साथ स्टेशन रोड पहुँचे। वहाँ किनारे सो रहे वृद्ध व बेसहारा लोगों को अपने हाथों से कंबल ओढ़ाकर सेवा अभियान की वास्तविक शुरुआत की। उनके चेहरे पर राहत, और सदस्यों के हृदय में सेवा की संतुष्टि इस दृश्य ने मानो शहर में मानवता की नई रोशनी जगा दी।
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