– एक पिता की मार्मिक पुकार, मेरी दुनिया को बचा लीजिए
जावरा। मध्य प्रदेश के रतलाम जिले के ग्राम रियावन से आए गौरव जैन और उनकी पत्नी प्रतिभा इस समय इंदौर के भंडारी हॉस्पिटल एंड रिसर्च सेंटर में एक ऐसी अग्निपरीक्षा से गुजर रहे हैं, जिसकी उन्होंने कभी कल्पना भी नहीं की थी। 20 मई 2025 को जन्मे उनके जुड़वां बच्चे (एक बेटा और एक बेटी) जो अभी मात्र 12 दिन के हैं, समय से तीन महीने पहले दुनिया में आ गए और तब से एनआईसीयू में जीवन के लिए संघर्ष कर रहे हैं। इन नन्हीं जानों को बचाने के लिए 25 लाख के भारी-भरकम इलाज की आवश्यकता हें ।
गौरव जैन के लिए यह संघर्ष 13 मई से ही शुरू हो गया था, जब उनकी पत्नी प्रतिभा को भंडारी हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया था। कई दिनों के उपचार में उनकी सारी जमा-पूंजी खर्च हो चुकी थी। फिर 20 मई 2025 मंगलवार की सुबह अचानक डॉक्टरों ने बताया कि माँ और बच्चों दोनों के जीवन को बचाने के लिए प्री-मैच्योर डिलीवरी करनी पड़ेगी। उस विकट घड़ी में, गौरव अकेले थे, पर उन्होंने एक पल भी नहीं सोचा। उन्होंने अपना सारा भरोसा डॉक्टरों पर छोड़ दिया और कहा, आप मेरे बच्चों और मेरी पत्नी को बचाने के लिए जो अच्छा कर सकते हो, करो। मैं तैयार हूँ। दोपहर 12:36 बजे बिटिया और 12:38 बजे बेटे का जन्म हुआ। गौरव उन्हें निहार पाते, इससे पहले ही उनकी जीवन रक्षा के लिए उन्हें तुरंत एनआईसीयू में भर्ती कर दिया गया। दिनभर के भारी तनाव और पत्नी की जटिल प्रसूति के बाद, जब गौरव ने एनआईसीयू के खर्च के बारे में पूछा, तो उन्हें बताया गया कि प्रतिदिन का खर्च दोनों बच्चों का 40,000 से 50,000 रुपए है। उस पल, गौरव के पास बस एक ही धुन थी। मुझे मेरे बच्चों को बचाना है। उन्होंने हॉस्पिटल वालों से कहा,आप उपचार जारी रखो, मैं पैसों की व्यवस्था करता हूँ। गौरव जानते थे कि उनकी पूरी बचत और धनराशि खत्म हो चुकी है। प्रसूति के लिए भी उन्हें एक परिचित से तत्काल 20 हजार मंगवाने पड़े थे। अब उन्हें 25 लाख की व्यवस्था करनी थी। उस समय उन्हें यह भी पता था कि यह राशि इतनी बड़ी है कि वे न तो बाजार से ब्याज पर उठा सकते थे और न ही कोई रिश्तेदार इतनी बड़ी मदद कर सकता था। पर उन्हें अपने बच्चों के उपचार के लिए कुछ भी करना था और वे कुछ भी करने को तैयार थे। गौरव कहते हैं, उस समय परमात्मा ने अपने आप रास्ता दिखाया और आज यह सब हो रहा है। हालांकि, डॉक्टरों की कड़ी निगरानी और निरंतर देखभाल के साथ, इन मासूमों के स्वास्थ्य में प्रतिदिन सुधार हो रहा है और लगातार सुखद परिणाम मिल रहे हैं, जो परिवार के लिए आशा की एक किरण है।
सामुदायिक सहयोग की दरकार –
गौरव की गहरी निराशा और बेबसी को देखकर, परिवार के दोस्तों और समुदाय के सदस्यों ने गौरव के जुड़वां बच्चों की मदद करें अभियान शुरू किया। लेकिन इस मुहिम की असली धुरी खुद गौरव जैन हैं। बच्चों को बचाने की ऐसी धुन है कि उन्होंने पिछले दस दिनों से नींद को त्याग दिया है। प्रसूति के दिन से लेकर आज तक, गौरव दिनभर अस्पताल में बच्चों के पास रहते हैं और रातभर जागकर धनराशि जुटाने के लिए संदेश तैयार करते हैं, जिन्हें सुबह होते ही व्हाट्सएप, फेसबुक, इंस्टाग्राम जैसे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर साझा करते हैं। उनकी अथक मेहनत और लगातार दानदाताओं से संपर्क का ही नतीजा है कि मात्र दस दिनों में 10 लाख की राशि बच्चों के उपचार के लिए एकत्रित हो पाई है। एक पिता के रूप में, वे अपने बच्चों को बचाने के लिए हर संभव प्रयास कर रहे हैं, हर वो कदम उठा रहे हैं जो सही हो। हालांकि, इस सामूहिक प्रयास से 10 लाख की राशि प्राप्त हो चुकी है, इन नन्हे फरिश्तों को एनआईसीयू से बाहर लाने और उन्हें अपनी गोद में सुरक्षित महसूस कराने के लिए, अभी भी 15 लाख की और आवश्यकता है। यह एक बड़ी रकम है, लेकिन गौरव के बच्चों का जीवन अनमोल है।
आपकी छोटी सी मदद देगी एक नया जीवन –
गौरव जैन हाथ जोड़कर प्रार्थना करते हैं कि कृपया इस नेक कार्य में अपना सहयोग दें। आपकी छोटी से छोटी मदद भी उनके बच्चों के जीवन में बड़ा बदलाव ला सकती है। कल्पना कीजिए, आपके सहयोग से जब ये मासूम बच्चे पहली बार अपनी बाहों में होंगे, तो उस पल की खुशी कितनी अमूल्य होगी! यह केवल पैसे की बात नहीं है; यह दो अनमोल जीवनों को बचाने का सवाल है। आप अपना योगदान सीधे बैंक खाते में कर सकते हैं। खाताधारक गौरव विजय जैन खाता नंबर 31519181895, भारतीय स्टेट बैंक शाखा शुगर मिल जावरा, आईएफएससी कोड एसबीआईएन0030446, आप गौरव जैन के मोबाइल नंबर 9630610610 के व्हाट्सएप डीपी/प्रोफ़ाइल पिक्चर पर लगे क्यूआर कोड का उपयोग करके भी दान कर सकते हैं। उपचार से संबंधित जानकारी के लिए भंडारी हॉस्पिटल एंड रिसर्च सेंटर, इंदौर से संपर्क कर सकते हैं। गौरव से सम्पर्क नहीं होने की स्थिति में कल्याण मित्र, गुरु भाई अंकित जैन जावरा मो. 9827604444 और लवीश कोठारी अकलेरा राज. मो. 7737842913 से भी सम्पर्क कर सकते हैं। गौरव जैन और उनका परिवार आपके सहयोग और करुणा के लिए सदैव आभारी रहेगा।



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