– युवाओं को मिला रोड़ सेफ्टी, फस्र्ट एड व सीपीआर का प्रशिक्षण
– शहर के व्यस्त चौराहे पर देंगे ट्रेफिक नियंत्रण में सहयोग
– कलेक्टर मिशा सिंह की गुड गवर्नेंस की अभिनव पहल
रतलाम। रतलाम जिले में ट्रैफिक व्यवस्था को सुदृढ़ बनाने के लिए प्रशासन की अनूठी पहल के तहत 200 से अधिक युवाओं ने ट्रैफिक मित्र के रूप में सेवाएं देने का संकल्प लिया। पुलिस अधीक्षक कार्यालय में आयोजित प्रशिक्षण कार्यक्रम में कलेक्टर मिशा सिंह, पुलिस अधीक्षक अमित कुमार, एडिशनल एसपी राकेश खाखा, जिला परिवहन अधिकारी जगदीश बिल्लौरे, ट्रैफिक डीएसपी आनंद गोले एवं सीएसपी रतलाम उपस्थित रहे।
कलेक्टर मिशा सिंह ने युवाओं की स्वेच्छा से सेवा कार्य से जुडऩे पर खुशी जताते हुए कहा कि ट्रैफिक से हर व्यक्ति किसी न किसी रूप में प्रभावित होता है, ऐसे में आपकी छोटी सी पहल भी बड़ा बदलाव ला सकती है। उन्होंने युवाओं को फर्स्ट एड एवं सीपीआर प्रशिक्षण भी दिलाने के निर्देश स्वास्थ्य विभाग को दिए। कार्यक्रम में ट्रैफिक मित्रों को आईडी कार्ड, फ्लोरोसेंट जैकेट और व्हिसल वितरित की गईं। प्रशिक्षण के दौरान उन्हें ट्रैफिक नियम, शासन की योजनाओं, गोल्डन आवर की अवधारणा व ट्रैफिक यूथ क्लब की जानकारी दी गई।
हादसे का पहला घंटा गोल्डल ऑवर –
ट्रैफिक डीएसपी आनंद गोले ने बताया कि दुर्घटना के पहले घंटे को ‘गोल्डन आवरÓ माना जाता है, जिसमें घायल को अस्पताल पहुंचाने पर उसकी जान बचने की संभावना अधिक होती है। उन्होंने राहवीर योजना की जानकारी देते हुए बताया कि गंभीर दुर्घटना में लोगों की जान बचाने वाले राहवीरों को प्रति पीड़ित 25,000 रुपये की पुरस्कार राशि एवं सराहना प्रमाणपत्र दिया जाता है। इसके अलावा दुर्घटना पीडि़तों को कैशलेस इलाज योजना के तहत 7 दिन तक डेढ़ लाख रुपये तक का नि:शुल्क उपचार उपलब्ध है। दुर्घटना की सूचना हेतु राष्ट्रीय राजमार्ग पर 1033 नंबर तथा किसी भी आपात स्थिति में 108 या 112 नंबर पर कॉल करने की सलाह दी गई।
नए ट्रैफिक मित्रों में शामिल प्रमुख नाम –
प्रशिक्षण के अंत में ट्रैफिक मित्रों को शहर के प्रमुख चौराहों का भ्रमण कराया गया तथा उन्हें मौके पर व्यावहारिक प्रशिक्षण भी दिया गया। नए ट्रेफिक मित्रों में अनिता धाकड़, विशाल सिंघाडा, कमलेश डाबी, गायत्री मकवाना, पायल मकवाना, पायल, सीताराम भाबर, अतुल चौहान, अजय पारंगी, गोविंद मईड़ा, जीवनलाल चारेल, नागेश राठौर, हीरालाल नंदुजी, हर्षवर्धन शमी, कार्तिकेय शर्मा, पूनम चौरसिया, आयुषी वर्मा, मयंक सेन, चिराग देवड़ा, रितेश डामर, सीमा मईड़ा, गोपाल पारगी, यश मईडा सहित कई युवाओं ने अपनी सेवा का स्थान तय किया। यह पहल रतलाम में ट्रैफिक सुधार के साथ युवाओं को समाजसेवा से जोडऩे का एक प्रेरक उदाहरण बन रही है।
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