– एमटीएफई क्रिप्टो करेंसी फ्राड में मंदसौर, नीमच, धार व राजस्थान आदि स्थानों पर पोंजी स्कीम के जरिये हजारों लोगो को 30 प्रतिशत मासिक रिर्टन का लालच देकर करोड़ो रूपये का किया था फ्राड
– भारत सहित, बांग्लादेश, पाकिस्तान और नाईजिरिया में भी किया था फ्राड
रतलाम। एमटीएफई क्रिप्टो करेंसी में पोंजी स्कीम के जरीये प्रदेश के मंदसौर, नीमच, जावरा, धार तथा राजस्थान के हजारों लोगों को 30 प्रतिशत मासिक रिर्टन का लालच देकर करोड़ों रुपए का फ्रोड करने वाली जापान और सिंगापुर बेस्ट कंपनियों से करीब 44 लाख रुपए सीज कर भारत लाने में रतलाम पुलिस को सफलता मिली हैं। पुलिस द्वारा उक्त राशि करीब 108 विभिन्न करेंसी में सीज कर लाई गई हैं। मामले का खुलासा शुक्रवार को कंट्रोल रुम पर एसपी राहुल कुमार लोढ़ा ने किया हैं।
मामले का खुलासा करते हुए एसपी ने बताया कि दिनांक 24 अगस्त 2023 को आवेदक सलीम पिता काले खा की रिपोर्ट पर अनावेदक मोहम्मद फेज उर्फ निक्कु, आजम खान हुजेफा जम्माली बोहरा, आलोक पाल, वाजिद एवं वसीम द्वारा लगभग 20 लाख 76 हजार की ठगी करने पर थाना औद्योगिक क्षेत्र जावरा तथा अनावेदक गोविन्द सिंह, संदीप टॉंक के विरूद्ध थाना स्टेशन रोड़ में लगभग 26 लाख 51 हजार 20 रूपये की ठगी करने पर दोनो थानाक्षेत्रों में धारा 406, 420, 120 बी भारतीय दंड संहिता एवं 21(1), 21(2), 21(3) अनियमित जमा योजना प्रतिबंध अधिनियम में अपराध पंजीबद्ध कर विवेचना में लिया गया। जिसमें अनावेदक गणों द्वारा एमटीएफई ऐप के माध्यम से आम जनता को उनके निवेष पर असाधारण उच्च रिटर्न का वादा करके आकर्षित किया, जैसे कि क्रिप्टो करेंसी जमा पर 30 प्रतिषत मासिक रिर्टन देने का वादा आमजन से किया गया। आसानी से पैसे कमाने वाली इस पोंजी स्कीम पर भोले भाले लोगो ने विश्वास किया एवं कुछ समय बाद एमटीएफई कम्पनी द्वारा इस स्कीम से ठगी कर कम्पनी बंद कर दी गई और लोगो की लाखो रूपये की जमा पुंजी डुब गई।
रतलाम जिले में 266 पीडि़तों से लगभग 1 करोड़ 43 लाख की रुपए की हुई ठगी –
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक राहुल कुमार लोढा(भा.पु.से) द्वारा अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक राकेश खाखा के मार्ग दर्शन एवं नगर पुलिस अधीक्षक जावरा दुर्गेश आर्मो व नगर पुलिस अधीक्षक रतलाम अभिनव कुमार बारंगे के निर्देशन में थाना औ.क्षे. जावरा, थाना स्टेशन रोड़ रतलाम एवं सायबर सेल की संयुक्त टीम गठित कर त्वरित कार्यवाही करने के निर्देश दिये गये। टीम द्वारा आम जन को दिए गए क्यू आर कोड/टीआरसी-20 के एड्रेस को एकत्रित किया गया जिसमें लगभग 266 पीडि़तो से लगभग 1 करोड़ 43 लाख रूपये की ठगी रतलाम जिले में करना पाई गई। अपराध की विवेचना में टीम द्वारा एमटीएफई कम्पनी द्वारा किये गये फ्राड का पर्दाफाश किया एवं उपरोक्त दोनो प्रकरणों में एमटीएफई के सी.ई.ओ. हुजेफा जमाली एवं गोविन्द सिंह चंद्रावत सहित कुल 08 लोगो को गिरफ्तार किया गया था। तथा एमटीएफई फ्राड में संलिप्त कलिन कम्पनी के डायरेक्टर योगानंदा बमोरे से पूछताछ पर बाईनेंस, हॉबी तथा टीआरसी20 आदि क्रिप्टोकरेंसी एक्सचेंज प्लेटफार्म के संबंध में महत्वपूर्ण जानकारी प्राप्त की गई।
भारत सहित बांग्लादेश, पाकिस्तान और नाईजिरिया में भी किया फ्राड –
एसपी ने बताया कि विभिन्न माध्यम/ओपन सोर्स से जानकारी प्राप्त कर लगभग 10 लाख 48 हजार टीआरसी 20 के एड्रेस प्राप्त किये गये। जिसमें क्यू आर कोड द्वारा बड़ी मात्रा में रूपयें का लेन देन अलग – अलग देशो से किया गया जिसका एनालिसस करने पर भारत सहित श्रीलंका, बाग्लादेश, पाकिस्तान एवं नाइजिरिया में भी इस प्रकार का फ्राड करना पाया गया। टीआरसी 20 से करेंसी को कनवर्ट करने के लिये लगभग 56 कांउटर पार्टी एक्सचेंज का उपयोग किया। जिनमें मुख्य रूप से बाईनेंस, केयू कॉईन, ओकेएक्स, हॉबी, बायबीट, नूएसडीटी टोकन, मेक्स, सनक्रिप्टो आदि एक्सचेंज है। बायनेंस से सम्पर्क कर जानकारी प्राप्त की गई एवं एनालिसिस कर मुख्य खाता यूआईडी – 9301254931 चिन्हित किया गया। जिसमें भारत से ठगी की गई राशि का लगभग 40 करोड़ रूपये का ट्रांजेक्शन हुआ है। उपरोक्त बायनेंस का अकांउट प्रकरण के मुख्य आरोपी एनकु पामे के नाम से रजिस्टर्ड है तथा उपरोक्त बायनेंस के खाते को भारत के अतिरिक्त सिंगापुर, मलेशिया से अलग अलग डिवाईस पर रजिस्टर्ड कर खाते का उपयोग किया गया तथा उपरोक्त बायनेेंस के खाते पर इंडिया के साथ ही मलेशिया के मोबाईल नम्बर भी रजिस्टर्ड होना पाये गये।
न्यायालय के आदेश पर फ्रिज किए थे खाते –
बायनेंस द्वारा एमटीएफई एकाउंट से कनेक्टेड बायनेंस के लगभग 41 खाते प्रदाय किये है। जिन्हे रतलाम पुलिस द्वारा न्यायालय के आदेश से फ्रिज करवाया गया। उपरोक्त खातो में लगभग 44141-33032 यूएसडी जमा होकर वर्तमान में भारतीय रूपये में लगभग 44 लाख रूपये है। बायनेंस में होल्ड राशि अपराध से संबंधित होने से शासकीय खाते में ली जाने हेतु बायनेंस से पत्राचार कर उपरोक्त राशि मे से 43 लाख 77 हजार 503 रूपये 26 करेंसी के रूप में शासकीय खातो में रिफंड करवाई गई। प्रकरण में मुख्य आरोपी एनकु पामे और मार्से पासे की लगातार तलाश की जा रही है। उपरोक्त आरोपियों के गिरफ्तार होने पर अन्य कई खुलासे किये जाकर अन्य देशों के आरोपी होने की पूर्ण संभावना है।
फ्राड उजागर करने में इनकी भूमिका रही सराहनीय –
करोड़ों रुपए के फ्राड को उजागर करने में अमित शर्मा प्रभारी सायबर सेल, आरक्षक विपुल भावसार, राहुल पाटीदार के साथ निरीक्षक प्रकाश गडरिया तात्कालिन थाना प्रभारी औ.क्षे.जावरा, निरीक्षक मुनेन्द्र गौतम थाना प्रभारी औक्षे जावरा, निरीक्षक दिनेश कुमार भोजक थाना प्रभारी स्टेशन रोड़, उनि राकेश मेहरा, प्रआर राहुल जाट थाना नामली, आर अभिषेक पाठक एवं सायबर सेल रतलाम से प्रआर मनमोहन शर्मा, प्रआर हिम्मत सिंह गोड, प्रआर लक्ष्मीनारायण सूर्यवंशी, आर मयंक व्यास, आर तुषार सिसौदिया की सराहनिय भूमिका रही।
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