– एसपी अमित कुमार ने सड़क दुर्घटनाएं रोकने के लिए सभी हॉटस्पॉट पर संयुक्त निरीक्षण
– स्कूल बसों की जांच और ओवरस्पीड वाहनों पर सख्त कार्रवाई के दिए निर्देश।
रतलाम। जिले में लगातार बढ़ रहे सड़क हादसों के बीच अब प्रशासन एक्शन मोड में आ गया है। जिला सड़क सुरक्षा समिति की बैठक में पुलिस अधीक्षक अमित कुमार ने साफ शब्दों में चेतावनी दी कि सड़क सुरक्षा के मामलों में अब किसी भी स्तर पर ढिलाई स्वीकार नहीं की जाएगी। जिले के सभी अनाधिकृत कट एक माह के भीतर बंद करने, लेबड़-जावरा एवं जावरा-नयागांव फोरलेन पर झाडिय़ों और नालियों की तत्काल सफाई कराने, ओवरस्पीड वाहनों पर कार्रवाई तेज करने और दुर्घटना संभावित स्थानों पर संयुक्त निरीक्षण के निर्देश जारी किए गए।
कलेक्टर कार्यालय सभागार में आयोजित बैठक में अपर कलेक्टर बृजेंद्र कुमार रावत, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक, लोक निर्माण विभाग के अधिकारी महेंद्र चौहान सहित परिवहन, एमपीआरडीसी और अन्य संबंधित विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।
दुर्घटनों को रोकना केवल पुलिस ही नहीं संबंधित सभी विभागों की जवाबदारी –
बैठक में एसपी अमित कुमार ने कहा कि सड़क दुर्घटनाओं को रोकना केवल पुलिस की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि सभी संबंधित विभागों की संयुक्त जवाबदेही है। उन्होंने लेबड़-जावरा एवं जावरा-नयागांव फोरलेन मार्ग पर उगी झाडय़िों और बंद नालियों की तत्काल सफाई कराने के निर्देश दिए, ताकि वाहन चालकों की दृश्यता बेहतर हो और दुर्घटनाओं की आशंका कम हो। साथ ही एमपीआरडीसी को पूर्व बैठकों में दिए गए निर्देशों का समयबद्ध पालन सुनिश्चित करने और क्षतिग्रस्त स्पीड ब्रेकरों की तत्काल मरम्मत कराने के लिए कहा।
एक माह के अंदर बंद होंगे सभी अनाधिकृत कट –
बैठक का सबसे बड़ा फैसला जिलेभर के सभी अनाधिकृत कटों को एक माह के भीतर बंद करने का रहा। प्रशासन का मानना है कि अवैध कट सड़क हादसों की बड़ी वजह बन रहे हैं, इसलिए अब इनके खिलाफ व्यापक अभियान चलाया जाएगा।
स्कूल बसों की नियमित जांच के आदेश –
जिला परिवहन अधिकारी को निर्देशित किया गया कि स्कूल बसों की नियमित जांच की जाए, अवैध बस स्टॉप पर सख्त कार्रवाई हो तथा ओवरस्पीड वाहनों को नोटिस जारी कर कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। इसके साथ ही जिले में नए ब्लैक स्पॉट चिन्हित कर उनका सुधार, रेड स्पॉट की समीक्षा तथा प्रधानमंत्री राहत योजना के तहत किए जा रहे कार्यों की भी समीक्षा करने के निर्देश दिए गए।
हॉट स्पॉट की कमियों का सुधारा जाए –
एसपी ने स्पष्ट किया कि अब सड़क दुर्घटना संभावित सभी हॉटस्पॉट पर पुलिस, परिवहन विभाग और संबंधित विभागों की संयुक्त टीम नियमित भ्रमण करेगी। मौके पर जाकर कमियों की पहचान की जाएगी और तत्काल सुधारात्मक कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
गोल्डन ऑवर में मिले उपचार –
बैठक में एक महत्वपूर्ण निर्णय यह भी लिया गया कि 108 एंबुलेंस सेवा का एक प्रतिनिधि पुलिस कंट्रोल रूम में तैनात रहेगा, ताकि दुर्घटना की सूचना मिलते ही बिना देरी के एंबुलेंस रवाना हो सके और घायलों को “गोल्डन ऑवर” के भीतर उपचार उपलब्ध कराया जा सके। इसके अलावा मेडिकल कॉलेज के बाहर अनधिकृत रूप से खड़े वाहनों के खिलाफ विशेष अभियान चलाने, यातायात नियमों का कड़ाई से पालन कराने और सड़क सुरक्षा से जुड़े सभी विभागों को जवाबदेही के साथ काम करने के निर्देश दिए गए।

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