– चुनावी लालीपॉप साबित हो रही 450 रुपए में गैस सिलेण्डर की योजना
-450 रुपए में सिलेण्डर की योजना में तकनिकी गड़बड़ी
– ऑनलाईन फार्म में जिन महिलाओं के साथ पति के नाम जुड़े उनके फार्म नहीं हो रहे अपलोड
– जिला पंचायत सदस्य डीपी धाकड़ ने जानी समस्या, ऑपरेटरों से की चर्चा
– गैस एजेंसी संचालकों से भी बात की, लेकिन नाम अपडेट करने में वे भी असमर्थ
जावरा। मध्यप्रदेश के चुनावी माहोल में सरकार लगातार घोषणाएं कर रही है, पहले लाडली बहना योजना, अब उन्ही लाडली बहनाओं को 450 रुपए में गैस सिलेण्डर दिए जाने की घोषणा मुख्यमंत्री ने करते हुए एक बार फिर से अपनी लाडली बहनाओं को कतारों में लगा दिया है। कतारों तक तो फिर भी ठीक है, लेकिन ऑनलाईन फार्म अपलोड करने में कई तकनीकी परेशानी आ रही है, योजना के तहत ऐसी महिलाऐं जिनके नाम गैस कनेक्शन है उन्है इसका लाभ मिलेगा, लेकिन शर्त यह है कि विवाहित महिलाओं को ४५० रुपए में गैस सिलेण्डर पाने के लिए अपने पति का नाम हटाना होगा। ऐसे में महिलाए घंटों लाईन में खड़ी रहकर अपनी बारी का इंतजार करती है और नंबर आने पर तकनीकी त्रुटी के कारण फार्म अपलोड नहीं हो पा रहा है तो वे नाराज होकर अपने घरों की और जा रही है। कई महिलाओं का कहना है कि पति के नाम से हमारा वजूद है, हमारी पहचान है, पति का नाम कैसे हटा दें। ऐसे में यह योजना महज चुनावी लालीपॉप ही नजर आ रही है।
महिलाओं की इसी समस्या के चलते जिला पंचायत सदस्य डीपी धाकड़ नगर पालिका सभागृह पहुंचे जहां 450 रुपए में गैस सिलेण्डर की योजना के फार्म भरे जा रहे थे, धाकड़ ने नपा सभागृह पहुंच लाईन में लगी महिलाओं से चर्चा कर उनकी समस्या को सुना, समस्या जानने के बाद उन्होने फार्म भर रहे ऑपरेटर से चर्चा की तो यह तथ्य सामने आया कि ऑन लाईन आवेदन में तकनीकी त्रुटी आ रही है, आधार कार्ड और समग्र आई के हिसाब से गैस डायरी में जो नाम अंकित है, वह मेच नहीं हो रहा है, जिसके चलते परेशानी आ रही है। इस पर धाकड़ ने गैस एजेंसी संचालकों से भी चर्चा कर नाम अपडेट करने की बात कहीं, लेकिन वे भी नाम अपडेट करने में असमर्थ दिखे।
धाकड़ बोले आचार संहिता लगने का इंतजार कर रही सरकार –
महिलाओं से चर्चा के बाद जिला पंचायत सदस्य डीपी धाकड़ ने कहा कि योजना का लाभ किसी भी महिला को सरकार देना नहीं चाहती है, इसीलिए तकनिकी त्रुटी के नाम पर महिलाओं को बरगलाया जा रहा है, सरकार महिलाओं को लाईन में लगाकर परेशान कर रही है, योजना की अंतिम तिथि ४ अक्टूबर तक है, लेकिन पति का नाम होने के चलते महिलाओं के फार्म ऑनलाईन अपलोड नहीं हो रहे है। आचार संहिता लगने के बाद सारी योजनाएं धरी रह जाएगी।



