– नोट में लगाए गंभीर आरोप, रातभर पटवारियोंने थाने पर दिया धरना
– सुबह से लेकर शाम तक मांग पूरी नही होने तक रुका पोस्टमार्टम
रतलाम। जिले की आलोट तहसील अंतर्गत पदस्थ पटवारी रविशंकर खराड़ी (हल्का क्रमांक 34) की 21 अप्रैल को हुई आत्महत्या के मामले में अब बड़ा प्रशासनिक एक्शन सामने आया है। जैसे ही घटना की जानकारी सामने आई, कलेक्टर मिशा सिंह ने मामले की गंभीरता को देखते हुए त्वरित कार्रवाई की। मृतक पटवारी द्वारा छोड़े गए सुसाइड नोट में नक्शा बटांकन, मौका रिपोर्ट, पंचनामा एवं बटांकन फर्द में बदलाव के लिए दबाव बनाए जाने का उल्लेख किया गया है। इन गंभीर आरोपों के आधार पर तत्कालीन नायब तहसीलदार आलोट सविता राठौर को संभागायुक्त आशीष सिंह की स्वीकृति से कलेक्टर द्वारा तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया। निलंबन अवधि में उनका मुख्यालय अनुविभागीय अधिकारी (SDM) कार्यालय, रतलाम शहर निर्धारित किया गया है।
थाने पर रातभर पटवारियों का धरना –
इधर, आत्महत्या की घटना के बाद जिलेभर के पटवारियों में भारी आक्रोश देखने को मिला। मंगलवार देर रात बड़ी संख्या में पटवारी औद्योगिक क्षेत्र थाना, रतलाम पहुंचे और नायब तहसीलदार के निलंबन व एफआईआर दर्ज करने की मांग को लेकर थाने के बाहर बुधवार की सुबह 4.30 बजे तक धरने पर डटे रहे। हालांकि प्रशासन ने पहले ही सविता राठौर को आलोट से हटाकर रतलाम अटैच कर दिया था, लेकिन पटवारी संघ अपनी मांगों पर अड़ा रहा। इस बीच मामले में सैलाना विधायक कमलेश्वर डोडियार और जयस संगठन के नेता भी सक्रिय हो गए। पटवारियों ने साफ चेतावनी दी कि जब तक निलंबन और एफआईआर नहीं होगी, वे कार्य से विरक्त रहेंगे।
मांगे पूरी नहीं होने तक रुका पोस्टमार्टम –
बुधवार सुबह मामला और गर्मा गया, जब पटवारी संघ, जयस नेता, विधायक डोडियार और करणी सेना परिवार प्रमुख जीवनसिंह शेरपुर मेडिकल कॉलेज पहुंचे और धरने पर बैठ गए। हालात ऐसे बन गए कि मांगें पूरी होने तक शव का पोस्टमार्टम भी नहीं होने दिया गया। आखिरकार प्रशासन ने नायब तहसीलदार को निलंबित किया, जिसके बाद औद्योगिक थाना प्रभारी सत्येंद्र रघुवंशी ने एफआईआर पर जांच के लिए समय मांगा। इस पर पटवारी संघ और नेताओं ने 7 दिन का अल्टीमेटम दिया। इसके बाद ही कहीं जाकर रविशंकर खराड़ी के शव का पोस्टमार्टम हो सका। यह मामला अब पूरी तरह हाई-प्रोफाइल बन चुका है। एक ओर प्रशासन पर दबाव है, तो दूसरी ओर कर्मचारियों का आक्रोश खुलकर सामने आ रहा है। अब सबकी नजरें 7 दिन बाद होने वाली कार्रवाई पर टिकी हैं, क्या एफआईआर होगी या मामला ठंडे बस्ते में जाएगा ?

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