– देश की पहली डिजिटल जनगणना 2027 : 1 मई से शुरू होगा मकान सूचीकरण
– कलेक्टर की अध्यक्षता में जिला जनगणना समन्वय समिति की बैठक आयोजित
रतलाम। देश की पहली डिजिटल जनगणना का काम आगामी मई माह से शुरु होगा । जिसके तहत 1 मई से मकान सूचिकरण कार्य प्रारंभ होगा। डिजिटल जनगणना के तहत मोबाईल एप के माध्यम से जनगणना कार्य किया जाएगा। जनगणना 2027 को लेकर गुरुवार को कलेक्टर मिशा सिंह की अध्यक्षता में कलेक्टर कार्यालय सभाकक्ष में जिला जनगणना समन्वय समिति की बैठक आयोजित की गई। बैठक में अपर कलेक्टर डॉ. शालिनी श्रीवास्तव, पीओ डूडा अरुण पाठक, नगर निगम आयुक्त अनिल भाना, जिला योजना एवं सांख्यिकी अधिकारी बालकृष्ण पाटीदार, जिला सूचना विज्ञान अधिकारी श्रेय भावसार, उपसंचालक जनसंपर्क अनुराधा गहरवाल सहित समिति के सदस्य एवं संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।
कलेक्टर ने बैठक में सभी विभागों को निर्देश दिए कि जनगणना निदेशालय (भारत सरकार) के दिशा-निर्देशों के अनुसार आवश्यक कर्मचारियों की ड्यूटी लगाकर सभी तैयारियाँ समय पर पूर्ण की जाएँ। जनगणना निदेशालय द्वारा नियुक्त प्रभारी अधिकारी ओजस्विनी (सांख्यिकीय अन्वेषक ग्रेड-2) ने जानकारी दी कि भारत की जनगणना-2027 दो चरणों में आयोजित की जाएगी।
दो चरण में होगी जनगणना –
जनगणना का प्रथम चरण (मकान सूचीकरण एवं गणना) का काम 1 मई 2026 से 30 मई 2026 तक किया जाएगा। वहीं द्वितीय चरण जिसमें वास्तविक जनसंख्या की गणना की जाएगी, वह फरवरी 2027 से प्रारंभ होगा। प्रथम चरण में प्रगणक एवं पर्यवेक्षक घर-घर जाकर मकानों का विवरण एकत्रित करेंगे। शासन द्वारा अधिसूचित 33 प्रश्न इस दौरान पूछे जाएंगे।
16 से 30 अप्रैल तक स्व-गणना का विकल्प –
नागरिकों को सुविधा देने के लिए 16 अप्रैल से 30 अप्रैल 2026 तक स्व-गणना (Self-Enumerationh) का विकल्प उपलब्ध रहेगा, जिसमें नागरिक स्वयं ऑनलाइन अपनी जानकारी भर सकेंगे। दूसरे चरण में प्रत्येक व्यक्ति से संबंधित जानकारी एकत्रित की जाएगी, जिसमें, आयु, लिंग, वैवाहिक स्थिति, धर्म, दिव्यांगता, मातृभाषा, साक्षरता, शैक्षणिक योग्यता, आर्थिक गतिविधि, प्रवास, प्रजननता संबंधी विवरण लिए जाएंगे। जनगणना-2027 देश की प्रथम डिजिटल जनगणना होगी। इसमें HLO एप्लीकेशन से डेटा संग्रह, CMMS पोर्टल से रियल-टाइम मॉनिटरिंग, नागरिकों के लिए स्व-गणना वेब पोर्टल का उपयोग किया जाएगा।
गोपनीय रहेगी जानकारी, ह्रञ्जक्क या बैंक डिटेल नहीं मांगे जाएंगे –
जनगणना कार्य जनगणना अधिनियम 1948 और जनगणना नियम 1990 के तहत संचालित होगा। एकत्रित व्यक्तिगत जानकारी पूरी तरह गोपनीय रहेगी और इसे किसी भी साक्ष्य के रूप में उपयोग नहीं किया जा सकेगा। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि जनगणना के नाम पर किसी भी व्यक्ति से ह्रञ्जक्क या बैंक विवरण नहीं मांगा जाएगा। इस कार्य के लिए मास्टर ट्रेनर्स द्वारा फील्ड ट्रेनर्स तथा प्रगणकों-पर्यवेक्षकों को प्रशिक्षण दिया जाएगा और संबंधित कर्मचारियों को शासन द्वारा मानदेय भी प्रदान किया जाएगा।
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