– रतलाम कोर्ट चौराहे से निकाली अर्थी, मुर्दाबाद के लगाए नारे
– ढाई माह से दे रहे धरना, विधायक से लेकर उप मुख्यमंत्री लगाई गुहार, लेकिन नहीं सुन रही सरकार
जावरा। उज्जैन से जावरा तक प्रस्ताितव ग्रीन फील्ड एक्सेस कंट्रोल्ड फोरलेन का विरोध कर रही जन संघर्ष समिति ने सोमवार को रतलाम पहुंचकर प्रदर्शन किया। समिति सदस्यों व प्रभावितों ने रतलाम के जिला पंचायत से कोर्ट चौराहे तक विरोध स्वरुप सिस्टल की अर्थी निकाली और बकायदा उसका दाह संस्कार भी किया। अर्थी के दौरान एमआरडीसी मुर्दाबाद के नारे भी लगाए, अर्थी पर हार फुल चढ़ाकर शासन का ध्यान उनकी मांगों की और लाने का प्रयास किया। बीते करीब ढाई माह से लगातार धरना देकर स्थानीय अधिकारियों से लेकर एमपीआरडीसी एमडी तक तथा विधायक से लेकर उप मुख्यमंत्री तक कई ज्ञापन दिए गए, लेकिन अब भी सरकार उनकी नहीं सुनी गई, जिसके चलते अब मजबूर होकर समिति सदस्योंं को जिला मुख्यालय पर प्रदर्शन कर सिस्टम की अर्थी निकालनी पड़ी हैं।
सोमवार को दोपहर करीब 1 बजे जन संघर्ष समिति के सदस्य व प्रभावित जिला पंचायत के बाहर एकत्र हुए। यहां से उन्होने सिस्टम की अर्थी को कांधे पर रख आंबेडकर मैदान, रोटरी गार्डन, अंबेडकर सर्कल से होते हुए पैदल कोर्ट चौराहा पहुंचे। समिति सदस्य अर्थी को कांधे पर लेकर एमपीआरडीसी मुर्दाबाद के नारे लगा रहे थे। कोर्ट चौराहे पर सदस्यों ने बकायता अर्थी का दाह संस्कार भी किया। विरोध के दौरान सुरक्षा के मद्देनजर पुलिस प्रशासन भी मौके पर मोजुद रहा। इस दौरान जिला पंचायत सदस्य डीपी धाकड़, समिति के असलम मेव, सुनील पोखरना, रंजीत सिंघल, दिनेश नायमा, मुकेश धाकड़, राजेश पुरोहित, जगदीश सोलंकी, मुकेश बंबोरिया, राजेश धाकड़, मुबारिक मामा, सिकंदर मेव आदि मौजूद रहे।
यह हैं विरोध की वजह –
जावरा-उज्जैन के बीच प्रस्तावित ग्रीनफील्ड एक्सेस कंट्रोल्ड फोरलेन का हिस्सा शहरी क्षेत्र में आ रहा है। इसमें भूतेड़ा से महू-नीमच हाइवे के बीच प्रस्तावित 7 ब्रिज बनने हैं। जिनकी ऊंचाई करीब 24 फीट तक प्रस्तावित की गई हैं। जिसका स्थानीय व्यापारियों व दुकानदारों द्वारा विरोध किया जा रहा है। प्रभावितों की मांग हैं कि सरकार यहां ब्रिज बनाने के बजाय जमीन स्तर पर ही फोरलेन बनाए और चौराहों पर रोटरी बनाकर सुरक्षा प्रदान करें।
तीन माह से जारी हैं विरोध –
समिति के असलम मेव ने बताया कि समिति को सांसद सुधीर गुप्ता, विधायक डॉ राजेन्द्र पाण्डेय के साथ ही नगर पालिका के सभी पार्षदों ने भी समर्थन दिया है। लेकिन शासन इस और ध्यान नहीं दे रहा है। ग्रीन फील्ड रोड से करीब 10 हजार लोग प्रभावित होंगे। ग्रीन फील्ड रोड के नियमानुसार बंजर या खेती की भूमि से गुजरने वाला रोड जावरा शहर के 7 किमी में सघन आबादी एवं रोजगार वाले क्षेत्र से गुजर रहा है। जो हमारी रोजी रोटी की समस्या एवं आर्थिक क्षति का कारण बनेगा। विरोध के बाद भी कोई नही सुन रहा हें, इसी कारण हमे आज सिस्टम को मृत कहने को मजबूर होना पड़ा।
धरने का भी नहीं हो रहा असर –
जिला पंचायत सदस्य डीपी धाकड़ ने बताया कि उज्जैन बायपास पर जन संघर्ष समिति द्वारा बीते करीब 75 दिनों से लगातार धरना दिया जा रहा है। धरने को कई लोगों और जनप्रतिनिधियों ने समर्थन दिया हैं, लेकिन कोई सुनने वाला नहीं है। ज्ञापन, पत्रों एवं प्रदर्शनों के माध्यम से कई विभागों, अधिकारियों व सत्ता पक्ष के नेताओं, भोपाल तक पत्राचार किया जा चुका है। लेकिन कोई ध्यान नहीं दे नहीं रहा है। इस कारण आज सिस्टम की अर्थी जलाने पर मजबूर होना पड़ा। सत्ता पक्ष के नेताओं की सरकार बात नहीं सुन रही है।
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