नया साल शुरु होते ही बस चालकों ने की अनिश्चित कालीन हड़ताल शुरु
– दिन भर यात्रियों की चहल पहल से आबाद रहने वाला बस स्टेण्ड साल के पहले ही दिन रहा सुना
– बस से यात्रा करने वालों को होगी परेशानी, रेलवे पर पड़ेगा दबाव
– केन्द्र सरकार द्वारा मोटर व्हीकल एक्ट में किए प्रावधान के विरोध में सभी चालक उतरे सड़क पर
शैलेन्द्रसिंह चौहान, जावरा
जावरा। बस से यात्रा करने वाले है तो रुक जाए यात्री टे्रन या निजी वाहन से यात्रा करें …. क्यों कि केंद्र सरकार द्वारा मोटरव्हीकल एक्ट में किए गए प्रावधान के विरोध में नया साल शुरु होते ही बसों के चक्के थम गए, जिले भर के बस चालकों ने 1 जनवरी से अनिश्चितकालीन हड़ताल प्रारंभ कर दी है। जिससे दिन भर यात्रियों की चहल पहल से आबाद रहने वाले बस स्टेण्ड साल के पहले ही दिन सुने पड़े रहे। सभी यात्री बसे स्टेण्ड पर तथा बस मालिकों के स्थानों पर खड़ी रही, वहीं कई ट्रकें अपने गंनतव्यों तक पहुंचने के इंतजार में सड़कों पर खड़ी है, हालाकि हाईवे पर कुछ ट्रके चल रही है, लेकिन वे भी अपने यथास्थान पहुंचकर थम जाएगी।
परिवहन कर्मचारी संघ के रतलाम जिलाध्यक्ष विलियम डेनियल (गोलू) ने बताया कि केन्द्र सरकार द्वारा मोटर व्हीकल एक्ट में किए गए प्रावधान में जिसमें चालक साथियों पर 5 लाख का भारी जुर्माना और 10 साल की सजा जैसे भारी भरकम कानून लागू किया जा रहा हैं, जिसका सभी चालक विरोध कर रहे है। दुर्घटना कोई भी ड्राइवर जानबूझकर नही करता हैं लेकिन नए कानून के तहत गलती से भी यदि चालक से दुर्घटना हो जाती हैं तो उसका और उसके परिवार का भविष्य अंधकारमय हो जायेगा। ऐसे में स्वयं के हितों की लड़ाई के लिए जिले भर के सभी चालक मिलकर एक होकर सरकार के खिलाफ विरोध प्रदर्शन करते हुए अनिश्किालीन हड़ताल पर उतरे है। सभी चालक साथी संविधान के प्रत्येक नियमों का पालन करने के लिए प्रतिबद्ध हैं किंतु हिट एंड रन केस के नए प्रावधान से चालक साथियों का जीवन बर्बाद हो जाएगा उसका विरोध करते हैं। काले कानून को वापस लेने के लिए सभी चालक जिले भर के जनप्रतिनिधियों को ज्ञापन के माध्यम से अपना विरोध दर्ज करवाएंगे।
सुना पड़ा रहा बस स्टेण्ड –
बस चालकों की अनिश्चिकालीन हड़ताल के बाद सुबह से लेकर देर शाम तक यात्रियों की चहल पहल से आबाद रहने वाला जावरा का प्रियदर्शनी इंदिरा गांधी बस स्टेण्ड सोमवार को सुबह से ही सुना पड़ा है, परिसर में सभी बसे खड़ी है, बस स्टेण्ड परिसर की दुकाने तो खुली है, लेकिन उन पर ग्राहक नहीं है, बस चालकों की अनिश्चितकालीन हड़ताल के चलते अब रेलों पर दबाव बढ़ेगा। इधर स्कूल और कॉलेज में गांवों से आने वाले विद्यार्थी भी प्रभावित होंगे।


