– 1 से बढ़ाकर 1.5 प्रतिशत किए गए मंडी टैक्स को वापस लेकर पुन: 1 प्रतिशत करने की मांग
जावरा। प्रदेश सरकार द्वारा मंडी टैक्स को 1 प्रतिशत से बढ़ाकर 1.5 प्रतिशत किए जाने के विरोध में मंगलवार को जावरा कृषि उपज मंडी के व्यापारियों ने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नाम जावरा एसडीएम रचना शर्मा को ज्ञापन सौंपकर बढ़े हुए टैक्स को वापस लेने की मांग की।
व्यापारियों ने ज्ञापन में बताया कि 16 जून 2026 से मध्यप्रदेश शासन द्वारा मंडी टैक्स को 1 प्रतिशत से बढ़ाकर 1.5 प्रतिशत कर दिया गया है। इससे मंडी के व्यापारियों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ेगा तथा राष्ट्रीय स्तर पर व्यापारिक प्रतिस्पर्धा में मध्यप्रदेश के व्यापारी पिछड़ जाएंगे। व्यापारियों का कहना है कि मंडी टैक्स सीधे जिंसों पर लगाया जाता है, जिसकी सीधी मार किसानों के माल पर भी पड़ती है। ऐसे में व्यापारियों और किसानों दोनों के हितों को ध्यान में रखते हुए बढ़ाया गया टैक्स वापस लिया जाना चाहिए।
टैक्स अधिक तो अन्य राज्यों से प्रतिस्पर्धा में होगी कठिनाई –
ज्ञापन में यह भी कहा गया कि पड़ोसी राज्यों की तुलना में अधिक मंडी टैक्स होने से मध्यप्रदेश के व्यापारियों को प्रतिस्पर्धा करने में कठिनाई होगी। सरकार ने पूर्व में कपास पर मंडी टैक्स कम कर व्यापार को बढ़ावा देने का निर्णय लिया था, उसी प्रकार अन्य जिंसों पर भी बढ़े हुए टैक्स को वापस लेकर पुन: 1 प्रतिशत किया जाए। मंडी व्यापारी विरेंद्र सिसौदिया ने बताया कि मुख्यमंत्री के नाम यह ज्ञापन सौंपने के दौरान विनोद दख, अजीत चत्तर, मुकेश मेहता, नीतेश भंडारी, अशोक कोठारी, राजेंद्र अग्रवाल, मोहन चावला, संजय सेठिया, रमणीक कांकरिया, दिलीप धनोतिया, अनिल लुक्कड़, महेंद्र संचेती, इमरान खान, विनोद सेठिया, विकास जैन, सुरेश दसेड़ा, नितिन जैन, शैलेंद्र गोखरू, शशांक मेहता, अशोक कटारिया, अमित चोरडिय़ा, अंकुर दख, संजय जटिया, राजेंद्र जैन एवं सुनील नाहटा सहित मंडी के अनेक व्यापारी उपस्थित रहे।


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