– निर्दलीय प्रत्याशी के रुप में चुनाव मैदान में भरेंगे हुंकार
– प्रेस कान्फ्र्रेंस कर स्पष्ट कर चुके है अपना मत
– कांग्रेस और भाजपा के पदाधिकारी भी जीवन सिंह के साथ
जावरा। मध्यप्रदेश में चुनावी बिगुल बज चुका है, भाजपा ने प्रदेश में अपने पत्ते खोलना शुरु कर दिए है, तो कांग्रेस अभी इंतजार कर रही है, संभवत: 15 अक्टुबर तक कांग्रेस भी अपने प्रत्याशी की पहली सूची जारी कर देगी। इधर रतलाम जिले की पांच सीटों मे से दो पर भाजपा ने अपने प्रत्याशी घोषित कर दिए है, लेकिन तीन पर मामला अभी उलझा हुआ है। इन तीन सीटों मे से भी जावरा विधानसभा सीट गहमा गहमी दोनो दलों में मची है। इधर भाजपा सरकार की वादा खिलाफी से गुस्साए करणी सेना परिवार के मुखिया जीवनसिंह शेरपुर जावरा विधानसभा से निर्दलीय उम्मीद्वार के रुप में चुनाव मैदान में हुंकार भरने को पुरी तरह से तैयार है, यदि जीवनसिंह चुनाव मैदान में उतरते है तो जावरा विधानसभा के कई सारे समीकरण बिगड़ जाएंगे। जीवन सिंह के मैदान में रहने से कांग्रेस और भाजपा दोनो के वोट बैंक में सेंध लगेगी। सबसे ज्यादा सेंध राजपूत वोटो में देखने मिलेगी। जावरा विधानसभा से अब तक राजपूत और ब्राहम्ण ही विधानसभा में जावरा का प्रतिनिधित्व करते आए है। लेकिन इस बार राजपूत, ब्राहम्ण के साथ पिछड़े वर्ग के उम्मीद्वारों ने चुनावी ताल ढोक रखी है। अब देखना यह है कि ऊंट किस करवट बैठता है और टिकट किसकी झोली में गिरता है।
जावरा से ही चुनाव लड़ेंगे जीवनसिंह –
यूं तो जीवनसिंह शेरपुर मध्यप्रदेश की किसी भी विधानसभा सीट से चुनाव मैदान में उतर सकते है, लेकिन उन्होने जावरा विधानसभा से ही चुनाव लडऩे का मन मनाया है, इसको लेकर जीवनसिंह का कहना है कि घर से बाहर वे जो भी है, जैसे भी है, उन्है लोग वैसा ही जानते है, लेकिन जावरा विधानसभा उनका घर है, यहां के लोग उनके परिवारजन जन है, इंसान की अच्छाई, बुराई केवल घर के ही लोग जानते है, ऐसे में किसी और विधानसभा से लडऩे का ख्याल नहीं है, वे केवल जावरा विधानसभा से ही चुनाव मैदान में उतरेंगे। जीवनसिंह स्वयं को जावरा विधानसभा की जनता का उम्मीद्वार बता रहे है।
जावरा से ही चुनाव क्यों लड़ेगे जीवन सिंह देखे वीडियो –
सर्व समाज के लिए जारी है लड़ाई –
वैसे तो जीवनसिंह प्रदेश स्तर पर सर्व समाज की लडाई लड रहे है, लेकिन राजपूत समाज का प्रतिनिधित्व करने के चलते इस विधानसभा चुनाव में सबसे ज्यादा सेंध राजपूत समाज के वोटरों में ही देखने को मिलेगी। इधर इस चुनाव में भाजपा और कांग्रेस दोनो राजपूत प्रत्याशी को ही मैदान में उतारने की तैयारी में है, ऐेसे में जीवनसिंह के मैदान में उतरने से राजपूत वोटरों में कश्मकश की स्थिति बनेगी। इधर जीवन सिंह अपनी प्रेस कान्फ्रेंस में साफ तौर से कह चुके है वे सर्व समाज की लड़ाई लड़ रहे है, उन्होने आचार संहिता लागू होने से पहले भी भाजपा सरकार को उनकी १८ मांगे जो भाजपा सरकार ने मान ली थी, उन्है लागू करने के लिए समय दिया था, लेकिन ऐसा नहीं हुआ और अब चुनावी रण खुले रुप से तैयार हो चुका है, ऐसे में जीवनसिंह का इस रण में उतरना कई लोगों पर भारी पडऩे वाला है।
करीब 80 सीटों में लड़ेगी करणी सेना –
जावरा में आयोजित प्रेस कान्फ्रेंस में जीवनसिंह ने कहा था कि वे करणी सेना परिवार मध्यप्रदेश की 80 विधानसभा सीटों पर अपने उम्मीद्वार उतारेगी। अब यदि ऐसा होता है तो प्रदेश की इन 80 सीटों पर मुकाबला रोचक हो जाएगा। क्यों कि करणी सेना परिवार 8 जनवरी को भोपाल के जंबुरी मैदान में अपनी ताकत दिखा चुकी है, वहीं हालही में जीवनसिंह के डर से मुख्यमंत्री शिवराजसिंह जावरा दौरा निरस्त कर चुके है।

