– फाटक बंद होने ओव्हरब्रिज पर बढ़ा यातायात का दबाव
– ब्रिज के दोनो छोर सीएम राईज स्कूल और आईल मिल पर लगा रहा जाम
– बगैर सूचना के फाटक बंद होने से रहवासी व वाहन चालक हुए परेशान
– अण्डरब्रिज संभवत: अगले साल की बारिश से पहले तक संभव
जावरा। पिछले कुछ दशकों से शहर की सबसे ज्वलंतशील समस्या बना हुआ था शहर के मध्य स्थित रेलवे समपार क्रमांक 177, यहां दिन में कई बार फाटक बंद होने से जाम की स्थिति बनती, जिससे निजात दिलाने 2018 में ओव्हरब्रिज के साथ अण्डरब्रिज सेंक्शन हुए औ पांच सालों बाद यानी 2023 में ओव्हर ब्रिज बनकर तैयार हुआ और उस पर से यातायात शुरु हुआ। लेकिन अब तक अण्डर ब्रिज के पते नहीं हैं, हालाकि अण्डरब्रिज का काम तो शुरु हो गया हैं, लेकिन उसके पुरा होने से पहले ही रेलवे ने जावरा के मध्य स्थित इस रेलवे फाटक को स्थायी रुप से बंद कर दिया। जिससे आमजन और रहवासियों को पहले ही दिन परेशानियों का सामना करना पड़ा। फाटक बंद होने से ओव्हरब्रिज पर दबाव बढ़ा तो ब्रिज के दोनो छोर पर जाम की स्थिति निर्मित हो गई, जिससे आमजनता खासी परेशान हैं।
रेलवे दोहरीकरण को लेकर जावरा रेलवे स्टेशन से भीमाखेड़ी तक पटरी डालने के लिए रेलवे को जावरा के मध्य स्थित रेलवे फाटक क्रमांक 177 को बंद करना था। गत 7 अगस्त 23 को ओव्हरब्रिज बनकर तैयार हो गया था। तब से रेलवे उक्त फाटक को स्थायी रुप से बंद करने की प्लानिंग में था और कई बार फाटक को बंद करने अमला पहुंचा भी, लेकिन फाटक क्षैत्र के व्यापारियों और रहवासियों के विरोध के चलते कई बार मामला टलता रहा, लेकिन मंगलवार को दोपहर 12 बजे रेलवे अधिकारियों ने बगैर किसी पूर्व सूचना के उक्त रेलवे फाटक को स्थायी रूप से बंद कर दिया। रेलवे अधिकारी पुलिस और कर्मचारियों के साथ दो जेसीबी मशीन लेकर पहुंचे और ताबड़तोड़ फाटक के दोनो और खुदाई करते हुए फाटक को बंद करने के काम में जुट गए, कोई कुछ समझ पाता, विरोध कर पाता इससे पहले रेलवे अधिकारियों ने फाटक को पूर्णत: बंद दिया। रेलवे अधिकारियों की माने तो शाम तक फाटक को बंद चालु करने वाले कंट्रोल रूम को भी तोड़ दिया जाएगा। रेलवे अधिकारियों को दिसंबर तक दोहरीकरण का काम पुरा करना हैं और मार्च 2025 तक रतलाम से नीमच तक दोहरीकरण मार्ग को पूर्णत: चालु करना हैं।
शुरु हुआ अण्डरब्रिज का काम, लेकिन कब पुरा होगा तय नहीं –
हालाकि रेलवे फाटक के समीप से ही रेलवे अण्डर ब्रिज का निर्माण कार्य तो शुरु हो गया हैं। लेकिन यह निर्माण कब पूर्ण होना यह अभी तय नहीं हैं, कुछ अधिकारियों का कहना हैं कि मार्च तक यह पुरा हो जाएगा। लेकिन कुछ का कहना हैं कि अगली बारिश से पहले इस अण्डरब्रिज को पुरी तरह से चालु कर दिया जाएगा। ऐसे में अब फाटक के दोनो और बसे दुकानदारो के सामने व्यापार को लेकर परेशानी खड़ी हो गई हैं।
अण्डरब्रिज नहीं बनने तक कैसे पहुंचेंगे ग्राहक –
शहर के मध्य स्थित उक्त रेलवे फाटक के दोनो और कई दुकाने संचालित होती हैं, जहां दिन भर ग्राहकों की आवाजाही बनी रहती हैं, लेकिन मंगलवार को अब जबकि रेलवे फाटक पूरी तरह से बंद हो चुका हैं और लोगों को अब ओव्हरब्रिज से होकर गुजरना पड़ेगा तो ऐस में अब इन क्षैत्र में व्यापार करने वालों के सामने व्यापार को लेकर चिंता हो रही हैं, उनका कहना है कि जब तक अण्डरब्रिज नहीं बन जाता तब तक ग्राहक उनकी दुकान तक कैसे पहुंचेंगे, ग्राहकों को ओव्हरब्रिज से प्रीमियर आईल मिल तक पहुंचना होगा फिर फाटक तक आ सकेंगे, या सीएम राईज स्कूल के उतरकर फाटक क्षैत्र मे पहुंच सकेंगे।
ब्रिज के छोनो छोर पर लगने लगा जाम –
मंगलवार को फाटक बंद होने के साथ ही रेलवे ओव्हरब्रिज पर यातायात का दबाव बढ़ गया। पहले ही प्रीमियर आईल मिल और सीएम राईज स्कूल के सामने स्थित ब्रिज के दोनो छोर पर जाम की स्थिति बनी रही। ब्रिज के ऊपर भी जगह की कमी होने से वाहन चालकों को निकलने में काफी परेशानी उठानी पड़ी। ब्रिज पर फुटपाथ भी नहीं बना हैं, ऐसे में पैदल चलने वाले लोगों के लिए तो ब्रिज पर जगह ही नहीं बची हैं, ऐसे में अब इस ब्रिज की असली परीक्षा हैं, देखना यह है कि इस ब्रिज पर कब और कितने हादसे होते हैं, हालाकि पहले ही दिन दोनो छोर पर कुछ लोगों के गिरने की खबरे भी मिली हैं।

