– उम्र केवल एक संख्या हैं, प्रेरणा की एक नई मिसाल –
जावरा। शहर के नाहर परिवार की बेटी संध्या ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि अगर मन में अटूट विश्वास, अनुशासन और जुनून हो, तो उम्र का हर पड़ाव केवल एक नया अवसर बन जाता है। पुणे में 24 अप्रैल से 4 मई 2026 तक आयोजित राष्ट्रीय मास्टर्स टेबल टेनिस चैंपियनशिप में उनकी शानदार उपलब्धियां पूरे जावरा शहर के लिए गर्व का विषय बनी हैं।
सफलता के शिखर पर संध्या –
राष्ट्रीय टेबल टेनिस स्पर्धा में शानदार प्रदर्शन करते हुए संध्या ने स्वर्ण पदक जीतकर जावरा का नाम रोशन किया। खास बात यह है कि गोल्ड मेडल जीतने का यह सिलसिला पिछले लगातार 3 वर्षों से जारी है। डबल्स स्पर्धा में अपनी पार्टनर सोमानी के साथ बेहतरीन तालमेल दिखाते हुए उन्होंने रजत पदक भी हासिल किया।
पहले भी कर चुकी हैं कमाल –
इससे पहले नाशिक में आयोजित प्रतियोगिता में संध्या ने बैडमिंटन और टेबल टेनिस दोनों खेलों में शानदार प्रदर्शन करते हुए ‘चार क्राउन अपने नाम किए थे। सिंगल्स, डबल्स और मिक्स डबल्स में गोल्ड जीतकर उन्होंने अपनी बहुमुखी प्रतिभा का परिचय दिया था।
अनुशासन और मेहनत बनी सफलता की कुंजी –
संध्या की इस उपलब्धि के पीछे उनकी वर्षों की मेहनत, अनुशासन और समर्पण छिपा है। प्रतिदिन इंदौर में 2.30 से 3 घंटे तक कड़ा टेबल टेनिस अभ्यास, फिटनेस और संतुलित डाइट को प्राथमिकता, हर चुनौती को स्वीकार करते हुए लगातार राज्य और राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताओं में भागीदारी संध्या की यह उपलब्धि केवल एक खिलाड़ी की जीत नहीं, बल्कि हर उस व्यक्ति के लिए प्रेरणा है जो अपने सपनों को उम्र के कारण सीमित मान लेता है। उनका मानना है कि खेल केवल जीतने के लिए नहीं, बल्कि हर दिन खुद को बेहतर बनाने का माध्यम है। संध्या की यह यात्रा हमें सिखाती है कि यदि जुनून जीवित हो, मेहनत निरंतर हो और स्वास्थ्य के प्रति सजगता बनी रहे, तो सपनों की कोई एक्सपायरी डेट नहीं होती।

Subscribe to Updates
Get the latest creative news from FooBar about art, design and business.

