– चिकित्सकों की समाज में महत्वपूर्ण भूमिका पर वक्ताओं ने रखे विचार
– डॉ. शाकल्य बोले— मरीजों का विश्वास बनाए रखना ही मेरी सबसे बड़ी जिम्मेदारी
जावरा। सफेद कोट केवल एक पेशा नहीं, बल्कि सेवा, समर्पण और मानवता की पहचान है। जब पूरी दुनिया चिकित्सकों के योगदान को नमन कर रही थी, तब जावरा में भी राष्ट्रीय डॉक्टर्स डे के अवसर पर एक भावपूर्ण सम्मान समारोह आयोजित किया गया। मॉर्निंग वॉक ग्रुप ने शहर के वरिष्ठ एवं प्रतिष्ठित चिकित्सक डॉ. दिलीप शाकल्य का पुष्पमालाओं से स्वागत कर उनके चिकित्सा क्षेत्र में वर्षों से दिए जा रहे उत्कृष्ट योगदान, मानवीय सेवा और मरीजों के प्रति समर्पण का सम्मान किया।
कार्यक्रम में उपस्थित वक्ताओं ने कहा कि चिकित्सक सेवा, समर्पण एवं मानवीय संवेदनाओं का पर्याय होता है। समाज में उनका स्थान अत्यंत महत्वपूर्ण है, क्योंकि वे अपनी क्षमता से बढ़कर पीडि़त और जरूरतमंद लोगों की सेवा करते हैं। वक्ताओं ने कहा कि समस्त चिकित्सक समुदाय के प्रतिनिधि के रूप में डॉ. दिलीप शाकल्य का सम्मान करना पूरे समाज के लिए गौरव की बात है।
मरीजों का विश्वास बना रहे यहीं मेरी जिम्मेदारी –
अपने सम्मान के प्रति आभार व्यक्त करते हुए डॉ. दिलीप शाकल्य ने कहा कि उन्होंने सदैव अपने पिता से मिले सेवा और संस्कारों को जीवन का आधार बनाया है। उन्होंने कहा कि उनका प्रयास हमेशा यही रहा है कि मरीजों एवं उनके परिजनों का विश्वास बना रहे तथा उनकी शारीरिक पीड़ा को यथासंभव कम किया जा सके। उन्होंने कहा कि मरीजों की मुस्कान और उनका विश्वास ही एक चिकित्सक की सबसे बड़ी उपलब्धि होती है।
इनकी रही उपस्थिति –
इस अवसर पर अभय कोठारी, विनोद चौरसिया, तेज शंकर शिकारी, दिनेश सारडा, दिनेश सुराणा, नारायण खंडेलवाल, सी.डी. लालवानी, संजय गोधा, मनीष त्रिवेदी, भरत हरोर, अमित ताम्रकर, विजय सिंह राठौर, प्रवीण सोलंकी, धाकड़, तेजेंद्र सिंह, निखिलेश सिंह चौहान, महेंद्र धाकड़ सहित मॉर्निंग वॉक ग्रुप के अनेक सदस्यों ने पुष्पमाला पहनाकर डॉ. दिलीप शाकल्य का आत्मीय स्वागत किया एवं उन्हें डॉक्टर्स डे की शुभकामनाएं दीं। जानकारी अमित ताम्रकर द्वारा दी गई।


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