– नेशनल लोक अदालत में 170 प्रकरणों का हुआ निराकरण
– 420 पक्षकार हुए लाभान्वित, 1 करोड़ 70 लाख की राशि अवार्ड हुए पारित
जावरा। न्यायालयों में लम्बे समय से लंबित चल रहे प्रकरणों को आपसी समझोते के आधार पर निराकृत करने हेतु शनिवार को नेशनल लोक अदालत का आयोजन किया गया। जिसमें लम्बे समय से अलग अलग निवास कर रहे दो दम्पत्यिों के राजीनामा करवाते हुए पौंधा भेंटकर साथ रहने हेतु राजी किया और न्यायालय से ही दोनो को साथ घर भेजा। वहीं नेशनल लोक अदालत में विभिन्न मामलों के करीब 170 प्रकरणों का निराकरण हुआ जिसमें 420 पक्षकार लाभान्वित हुए तो 1 करोड़ 70 लाख 92 हजार 97 रुपए के अवार्ड की राशि पारित की गई।
वर्षो से अलग रह रहे पति पत्नी को मिलाया –
नेशनल लोक अदालत में वर्षों से अलग-अलग निवास कर रहे पति-पत्नी के मध्य विवाद का निराकरण किया गया। नेशनल लोक अदालत की खण्डपीठ कमांक 23 में रखे गये प्रकरणों में 02 प्रकरण जिसमें नयामालीपुरा जावरा निवासी रीना पति निलेश डामोर व दीपिका पति परेश डामोर दोनों सगी बहनों का विवाह निलेश पिता नटवरलाल डामोर व परेश पिता नटवरलाल दोनों सगे भाईयों से दिनांक 12 अप्रैल 2013 को सामुहिक विवाह सम्मेलन असावती में हुआ था। विवाह के बाद अपने-अपने पतियों के साथ पत्नि धर्म के कर्तव्यों का पालन किया। विवाह के कुछ समय पश्चात पति द्वारा दहेज की मांग करने. छोटी-छोटी बातों को लेकर लडाई-झगडा करना और सभी के सामने अपमानित करना, मानसिक रूप से प्रताडित करना एवं पत्नी द्वारा पति के बुजुर्ग माता-पिता के साथ आये दिन विवाह करने लगी और अभ्रद भाषा का प्रयोग करने लगी। पति व उसके भाई-बहन से विवाद करना प्रारंभ कर दिया। विवाद इतना बड़ा कि पति-पत्नी अपने-अपने घर पर रहने लगे और पत्नी ने पति के विरुद्ध न्यायालय में प्रकरण दर्ज करवा दिया और पति से भरण-पोषण की मांग की। न्यायालय ने पति-पत्नि को विवाद के निपटारे के लिए बार-बार समझाइश दी उनके मध्य उत्पन्न विवाद की समस्या को छोडक़र विवाद को खत्म करने और साथ में रहने की सलाह दी। दिनांक 11 मई 2024 को आयोजित नेशनल लोक अदालत में दोनों पक्ष के मध्य न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी जावरा हर्षिता पिपरेवार ने दोनों को समझाकर आपसी सहमति से राजीनामा करवाया और दोनों सगे भाईयों दोनों पक्षकारों को पौधे प्रदान न्यायालय से ही घर के लिए रवाना किया। इस अवसर पर न्यायालय स्टाफ रीडर राजेन्द्र जैन, शैलेन्द्र वर्मा, पूनम उइके, चन्द्रशेखर पाटीदार, राजकुमार आदि उपस्थित रहे। प्रथम व्यवहार न्यायाधीश नेहा परिहार ने भी पक्षकारों के बीच आपसी राजीनामा करवाकर उन्है पौधें भेंटकर घर भेजा।
दीप प्रजवल्लन के साथ हुआ शुभारंभ –
शनिवार को तहसील न्यायालय जावरा में अध्यक्ष तहसील विधिक सेवा समिति, जावरा रविप्रकाश जैन, न्यायाधीश उषा तिवारी, जंगबहादुरसिंह राजपूत, अरविन्द कुमार बरला, न्यायाधीश एन.एस. ताहेड, हर्षिता पिपरेवार, ऋचा द्विवेदी भुजंग, अकित भुजंग, दीपक कनेरिया, नेहा सिंह परिहार, पलक सिंघई, रिया सिंह, अभिभाषक संघ जावरा उपाध्यक्ष जयंत व्यास, सचिव भारत सैनी सहित अभिभाषकों ने दीप प्रज्जवलित कर नेशनल लोक अदालत का शुभारंभ किया गया।
170 प्रकरणों में हुआ निराकरण –
नेशलन लोक अदालत के तहत 10 खण्डपीठ का गठन किया गया। जिसमें न्यायालय में लबित क्लेम प्रकरण 15. एस.सी.एन.आई.ए बैंक संबंधी 38 प्रकरण, एमपीईबी के 17 प्रकरण, महिला संबंधी विवाद 03 प्रकरण, सिविल प्रकरण, राजीनामा योग्य सिविल व अपराधिक प्रकरण का निराकरण हुआ। उक्त नेशनल लोक अदालत में न्यायालय में लंबित कुल 170 प्रकरणों में 1,70,92,097 रूपये की राशि का अवार्ड पारित सहित 420 को लाभावित किया गया। उक्त नेशनल लोक अदालत शुभांरभ कार्यक्रम में बैंक स्टॉफ एमपीईबी स्टॉफ, नगर पालिका स्टॉफ, अधिवक्ता वरूण क्षोत्रिय, राहुल पहाडिया, अजय श्रीवास्वत, मनीष त्रिवेदी, महेन्द्रसिंह सिसोदिया, वैभव धाकड के साथ न्यायालय स्टॉफ के धर्मेन्द्र यादव, मनोज ओहारी, रोहित गुप्ता, रनजीत कुशवाह, रेखा सोलकी, नेहा भार्गव, पुष्पेन्द्र कुशवाह, अभिषेक शर्मा, नायब नाजिर चन्द्रपाल माहौर, कैलाश अवासे, राजेन्द्र जैन, मनीषा राठौर, नेहा अहिरवार, प्रियंका यादव, प्रकाश सूर्यवंशी, केवल दावरे सहित तहसील विधिक सेवा समिति का स्टॉफ मौजुद रहा।

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