जावरा l जावरा के सरकारी अस्पताल में एक महिला को कमरे में बंद कर सोने-चांदी के गहने लूटने की सूचना से मचा हड़कंप आखिरकार जांच में झूठा निकला। प्रारंभिक जांच में सामने आया कि महिला किसी लूट की शिकार नहीं हुई थी, बल्कि भ्रमवश उसने ऐसी आशंका जताई थी।
दरअसल, ग्राम बोरदा निवासी मगन बाई माली को आयरन सुक्रोस के इंजेक्शन लग रहे थे। इंजेक्शन और सांस लेने में परेशानी के चलते उसे रात में अस्पताल में भर्ती किया गया था। तड़के महिला वाशरूम गई थी, लेकिन वहां से लौटते समय वह भर्ती वार्ड में जाने के बजाय पैथोलॉजी लैब के पास खुले पड़े एक कमरे में चली गई। बीमार अवस्था में वहीं वह अचानक बेहोश हो गई।
सुबह अस्पताल कर्मचारियों ने जब उसे कमरे से बाहर निकाला तो महिला को लगा कि किसी ने उसे कमरे में बंद कर दिया है और उसके गहने लूट लिए हैं। उसने आरोप लगाया कि उसकी पायजेब और सोने की कान की बाली गायब है। महिला की बात सुनते ही अस्पताल परिसर में हड़कंप मच गया। परिजन और ग्रामीण भी अस्पताल पहुंच गए। अस्पताल प्रभारी डॉक्टर दीपक पालड़िया ने बताया की महिला को साँस लेने में परेशानी थी, तो संभव हे की जब वह कमरे में गई थी, उस दौरान उसका ओक्सीजन लेवल कम हो गया हो और उसके चलते वह बेहोश हो गई होl
मामले की गंभीरता को देखते हुए अस्पताल प्रबंधन ने सिटी थाना पुलिस को सूचना दी। अस्पताल प्रभारी डॉक्टर दीपक पालड़िया भी मौके पर पहुंचे और पुलिस को जानकारी देने के साथ ही विभागीय जांच शुरू करवाई। पुलिस ने अस्पताल के सीसीटीवी कैमरे खंगालने शुरू किए और महिला से पूछताछ की। जांच के दौरान बड़ा खुलासा तब हुआ जब जिस सोने की बाली के लूटे जाने का आरोप लगाया गया था, वही महिला के पर्स में मिली। वहीं पायजेब के संबंध में पता चला कि महिला उसे पहनकर आई ही नहीं थी। पुलिस की पूछताछ और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर महिला द्वारा बताई गई लूट की कहानी प्रथम दृष्टया झूठी प्रतीत हो रही है। हालांकि, पुलिस का कहना है कि सभी पहलुओं की जांच की जा रही है और सीसीटीवी फुटेज के आधार पर अंतिम निष्कर्ष निकाला जाएगा। फिलहाल इस घटना को लेकर फैली अफवाह पर विराम लग गया है।
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