– हाथी, घोडे, बैण्ड और बग्गियोंं के साथ निकला चल समारोह
– सांसद सुधीर गुप्ता, विधायक डॉ राजेन्द्र पाण्डेय और मंदसौर विधायक विपीन जैन भी रहे मौजुद
जावरा। खाचरौद नाका स्थित डॉ.कैलाशनाथ काटजू कृषि उपज मण्डी के विशाल प्रांगण में मुनिराज चन्द्रयशविजयजी, मुनिराज जिनभद्रविजयजी की शुभ पावनकारी निश्रा में मध्यप्रदेश के इतिहास में पहली बार 240 सिद्धिदायक सिद्धितप आराधकों का विजय तिलक पारणा महोत्सव ऐतिहासिक रूप से आयोजित किया गया। प्रात: 8.30 बजे क्रियोद्धार भूमि श्री राजेन्द्रसूरि जैन दादावाडी से ऐतिहासिक वरघोडा आरंभ हुआ। वरघोडा को केसरिया ध्वज से हरी झंडी दिखाने का लाभ पंकजकुमार पदमा जैन पुत्र श्रेयांस कुमार परिवार ने लिया। पारणा का लाभ संदीपकुमार कालुरामजी लुक्कड परिवार ने लिया।
मुनिराज ने अपने उद्बोधन में कहा कि जिसने तप को पकड लिया है उसके लिए तप करना कठीन नहीं है तप कोई व्यवहार निभाने के लिए नहीं किया जाता। तप आत्मशुद्धि के लिए किया जाता है। जावरा के संघ ने आज तप की नई ईमारत खडी की। भौतिक सरोवर में रहने वाला हंस मोती रूपी चारा चुग सकता है। जिसे कोई देख नहीं सकता लेकिन आज उपस्थित लोगों का 240 सिद्धितप तपस्वियों का चारा चुगने जैसा अवसर देखने को मिला है।
आयोजन की शुरूआत मंगला चरण से हुई आयोजन में सांसद सुधीर गुप्ता विधायक राजेन्द्र पाण्डेय नगर पालिका अध्यक्ष प्रतिनिधि युसूफ कडपा, उपाध्यक्ष सुशील कोचटटा, चन्द्र प्रकाश ओस्तवाल सहित श्री संघ के अशोक लुक्क्ड, धरमचंद चपडोद, पारस ओस्तवाल, अनिल चोपडा, प्रवीण नवकार, अभय चोपडा, राजेश बरमेचा, विनोद बरमेचा, बाबुलाल खेमसरा, अजय सकलेचा, कमल नाहटा, देवेन्द्र मूणत, फतेहलाल बूरड, अभय कांठेड, अरविंद जैन, संजय करनावट, महेन्द्र सेठिया, विजय संघवी, अंतिम कियावत, शैतानमल दुग्गड, महेन्द्र ओरा, वीरेन्द्र संचेती, भंवरलाल आंचलिया, लोकेन्द्र मेहता, सहित बाहर से पधारे लगभग 20 हजार अतिथि इस कार्यक्रम में उपस्थित थे। उक्त जानकारी मीडिया प्रभारी शिखर धारीवाल व वीरेन्द्र सेठिया ने दी।



